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कोरोना संकट के दौरान राज्य सरकार ने 4 करोड़ 23 लाख लोगों को दी 6,794 करोड़ की नगद मदद
Date : 2020-05-26
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान केन्द्र द्वारा दी गई 11,784 करोड़ की सहायता के अलावा राज्य सरकार ने 4 करोड़ 23 लाख लोगों को 6,794 करोड़ की सहायता दी है जिनमें 1 करोड़ 54 लाख राशनकार्डघारी, 84.76 लाख वृद्ध, विधवा व दिव्यांग पेंशनधारी, बिहार के बाहर फंसे 20.33 लाख प्रवासी, 2 करोड़ 47 लाख छात्र-छात्राएं व ओलावृष्टि तथा असमय वर्षा से प्रभावित व फसल सहायता योजना अन्तर्गत लाभान्वित पौने चौदह  लाख किसान शामिल हैं।
श्री मोदी ने कहा कि राज्य के 1 करोड़ 36 लाख राशन कार्डधारियों को मुफ्त अनाज के अलावा उनके खाते में एक-एक हजार रुपये की दर से 1,135 करोड़ रु. तथा इसके अतिरिक्त जीविका द्वारा राशन कार्ड के लिए सर्वेक्षित 18 लाख 05 हजार लोगों के खाते में भी 1-1 की दर से 185 करोड़ रु. भेजा गया है।
इसी प्रकार राज्य के 84.76 लाख वृद्ध, विधवा व दिव्यांग पेंशनधारियों के खाते में मार्च से मई तक की अग्रिम पेंशनराशि के तौर पर प्रति खाताधारी 1200 रु. की दर से 1,017 करोड़ रु. दिया गया है। बिहार के बाहर फंसे 20 लाख 33 हजार प्रवासियों के खाते में 1-1 हजार की दर से 203.34 करोड़ देकर उनकी मदद की गई। प्रत्येक ग्रामीण परिवारों को 4 मास्क व एक साबुन के लिए पंचायतों को 160 करोड़ रु.का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही कक्षा 1-8 तक के 1 करोड़ 8 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृति एवं अन्य योजनाओं के लाभ के तहत 3,102 करोड़ व मध्याह्न भोजन योजना अन्तर्गत 1 करोड़ 39 लाख छात्र-छात्राओं को 378 करोड़ रु.सीधे उनके खाते में भेजा गया है।
वहीं राज्य सरकार की ओर से ओलावृष्टि व असमय वर्षा से प्रभावित 10 लाख किसानों को कृषि इनपुट अनुदान के तौर पर 343.84 करोड़ तथा फसल सहायता योजना के तहत 3.75 लाख किसानों को 270 करोड़ रु. उनके खाते में दिया गया है।
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अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ताओं को आॅडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए उपमुख्यमंत्री ने दी ईद का मुबारकबाद
Date : 2020-05-25
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आॅडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के 200 से ज्यादा कार्यकार्ताओं को ईद का मुबारकबाद देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के कारण यह पहला मौका है जब होली, रामनवमी से लेकर ईद तक लोगों को सामूहिक के बजाय अकेले घरो में मनाना पड़ रहा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि पाक-ए-रमजान के महीने में सार्वजनिक तौर पर दावत-ए-इफ्तार का आयोजन भी नहीं किया जा सका। वैसे, ईद के मौके पर राज्य के 15,036 ब्लाॅक क्वरेंटाइन सेंटर में 10.5 लाख से ज्यादा आवासियों के लिए सरकार की ओर से विशेष भोजना की व्यवस्था की गई है।
श्री मोदी ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत के उस बयान को दुहराया कि कोरोना संक्रमण को फैलाने के मामले में कुछ लोगों की गलतियों का दोष पूरे समुदाय को नहीं दिया जा सकता है। ईद जैसे मौके पर जकात (दान) जैसी भावना को और बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि समाज के वंचित तबके का ज्यादा से ज्यादा कल्याण हो सके।
उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी किसी धर्म,जाति या सम्प्रदाय को देख कर अपना पंजा नहीं फैलाती है। ईसाई बहुल अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, स्पेन से लेकर इस्लाम को मानने वाले सऊदी अरब,तर्की, इरान, इंडोनेशिया,मलेशिया जैसे मुस्लिम देश भी महामारी की गंभीर चपेट में हैं।
इस महामारी का अभी तक कोई टीका या दवा इजाद नहीं हुई हंै। ऐसे में, इससे बचाव का एकमात्र उपाय सोशल डिस्टेंसिंग यानी दो गज की दूरी बना कर रहना,मास्क पहना, स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए बार-बार हाथों को धोना और सेनेटाइजर आदि का इस्तेमाल करना ही हैं।
आॅडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उपमुख्यमंत्री के साथ दिल्ली से भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शहनवाज हुसैन और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तुफैल कादरी भी जुड़े हुए थे।
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बिहार की 2.38 करोड़ महिलाओं के जनधन खाते में 3 महीने तक 500 रुपये देने से 11 करोड़ लोग हुए लाभान्वित
Date : 2020-05-24
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट काल में 6,024 करोड़ से ज्यादा के मुफ्त खाद्यान्न के अलावा केन्द्र सरकार ने 4 करोड़ 17 लाख गरीब जनधन खाताधारी महिलाओं, वृद्ध, विधवा व दिव्यांग पेंशनधारियों, उज्ज्वाला योजना के लाभाथी महिलाओं व किसानों को 5,719 करोड़ से ज्यादा राशि बिना किसी दलाल व बिचैलिए के सीधे उनके खाते में दी है, जिससे गरीबों को बड़ी राहत मिली है। राज्य व केन्द्र की सहायता से कोई भी ऐसा गरीब नहीं है, जिसके खाते में न्यूनतम 4 हजार रुपये व 15 किलो अनाज नहीं मिला होगा।
श्री मोदी ने कहा कि जनधन खाताधारी 2 करोड़ 38 लाख़ गरीब महिलाओं के खाते में लगातार तीन महीने अप्रैल से जून तक 500-500 रुपये कुल 1500 रुपए यानी 3,545 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए भेजी गई है। अगर एक महिला के परिवार में औसतन 5 सदस्य हैं तो करीब 11 करोड़ लोग इससे सीधे लाभान्वित हुए हैं।
इसी प्रकार केन्द्रीय पेंशन योजना में शामिल 36.64 लाख वृद्ध, विधवा व दिव्यांगों को राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा तीन महीने की अग्रिम पेंशन राशि 1200-1200 रुपये देने के अलावा केन्द्र सरकार ने एक-एक हजार रुपये अतिरिक्त के तौर पर 364.98 करोड़ रुपये दिया है। अग्रिम पेंशन राशि में भी प्रति पेंशनधारी 600 रुपये केन्द्र सरकार का हिस्सा भी शामिल है।
इसके अलावा प्रधाममंत्री उज्जवला योजना की लाभार्थी 84.04 लाख महिलाओं को 3 माह तक मुफ्त गैस सिलेंडर के लिए प्रति महीने 830 रुपये की दर से 630 करोड़ रुपये सीधे उनके खाते में दिए जा रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के अन्तर्गत 58,99 लाख किसानों के खाते में 2-2 हजार की दर से अग्रिम 1179.96 करेाड़ रुपए दिया गया हैं।
केन्द्र सरकार द्वारा इस तरह से नगद राशि की सहायता सीधे खातों में डीबीटी के जरिए देने से करीब दो महीने तक जारी रहने वाले लाॅकडाउन के दौरान गरीबों को बड़ी राहत मिली है।
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कोरोना संकट में केन्द्र ने बिहार को दी 11,744 करोड़ की मदद
Date : 2020-05-23
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान केन्द्र सरकार ने खाद्यान्न व नगद के रूप में बिहार के गरीबों को 11,744 करोड़ की मदद की है जिनमें 5,719 करोड़ डीबीटी के जरिए सीधे उनके खाते में और 6,024 करोड़ मूल्य के खाद्यान्न का वितरण किया गया है। राजद-कांग्रेस बताएं कि क्या उनके शासन काल में बाढ़ और सुखाड़ जैसी आपदाओं के समय भी बिहार के पीड़ितों को मदद की जाती थी? क्या लाखों पीड़ितों को बाढ़ खत्म होने के महीनों बाद तक कुछ किलो अनाज के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता था?
श्री मोदी ने कहा कि बिहार में पहली किसी सरकार ने 8 करोड़ 71 लाख गरीबों को 3 महीने तक प्रति महीने प्रति व्यक्ति 5-5 किलो यानी 15 किलो चावल जिसका बाजार मूल्य 28 से 30 रु. प्रति किलो है और 1.67 करोड़ परिवारों को प्रति परिवार 1-1 किलो यानी 3 किलो अरहर दाल जिसका बाजार मूल्य 120 रु. प्रति किलो हैं का मुफ्त में वितरण किया है। वितरित चावल और दाल की कुल कीमत करीब 6024 करोड़ रु.है।
अब केन्द्र सरकार ने 86 लाख 40 हजार बिना राशनकार्ड वाले व प्रवासी श्रमिक बंधुओं को भी 325 करोड़ का अगले दो महीने तक प्रति व्यक्ति 5-5 किलो की दर से 10 किलो अनाज देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा प्रवासी मजदूरों के प्रति परिवार को दो महीने तक एक-एक किलो यानी दो-दो किलो चना भी दिया जायेगा।
गरीबों के एक परिवार में अगर 5-7 सदस्य हैं तो वे 5 किलो प्रति व्यक्ति की दर से एक-एक बोरा चावल मुफ्त में अपने घर ले जा रहे हैं। गरीबों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने व केन्द्र की सरकार को बिना बात कोसते रहने वाले राजद-कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों को अपने गिरेबां में झांक कर एक बार अपना कार्यकाल भी याद करना चाहिए।
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पटना के जल जमाव से निबटने के लिए 167 करोड़ से उच्चक्षमता के वर्टिकल, सबमर्सिबल पम्प की खरीद
Date : 2020-05-22
पटना शहर व आस-पास के नगरीय क्षेत्रों को जल जमाव से मुक्त रखने के लिए की जा रही तैयारी की सचिवालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकार ने 167.79 करोड़ की लागत से पम्पिंग स्टेशनों के क्षमतावर्घन के लिए 265 वर्टिकल,सबमर्सिबल, सीएफ पम्प, डीजल जेनरेटर सेट, ट्राॅली माउंटेड पम्प,डीजल पम्प आदि की खरीद का आदेश दिया है। इनकी आपूर्ति व अधिष्ठापन 31 जुलाई के पहले सुनिश्चित करें। पहली बार 3 साल के लिए 39 ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशनों की रखरखाव, संचालन व मरम्मति की जिम्मेवारी विभिन्न एजेंसियों को दी गई है।
उन्होंने जल जमाव से निबटने के लिए 10 करोड़ की लागत से किए जा रहे 27 अस्थायी नए पम्पिंग स्टेशनों का निर्माण कार्य 15 जून तक पूरा करने, सभी शेष बचे बड़े व खुले नालों, मेनहाॅल, कैचपीट आदि की उड़ाई 31 मई तक व पम्पिंग स्टेशनों का संरचनात्मक निर्माण व ऊंचीकरण का काम 30 जून के पूर्व पूरा करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने बताया कि निगम क्षेत्र के करीब 8 लाख फीट खुले नाले, 24,349 मेनहाॅल तथा 18,444 कैचपीट की उड़ाही की जा चुकी हैं। सभी 39 डीपीएस के सिविल स्ट्रक्चर की मरम्मति व पम्पहाउस में पानी लगने से रोकने के लिए रैम्प आदि का निर्माण कार्य लाॅकडाउन के बावजूद 35 से 76 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है तथा शेष कार्य अगले महीने के अंत तक पूरा कर लिया जायेगा।
बैठक में पथ निर्माण मंत्री नन्द किशोर यादव,नगर विकस मंत्री सुरेश शर्मा, उद्योग मंत्री श्याम रजक के साथ स्थानीय विघायक सर्वश्री अरुण कुमार सिन्हा, नीतीन नवीन, संजीव चैरसिया, श्रीमती आशा सिन्हा, पटना की मेयर श्रीमती सीता साहू व नगर विकास सचिव आनन्द किशोर, पटना नगर निगम के आयुक्त हिमांशु शर्मा, बुडको के एमडी रमण कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।
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किसानों के उन्मुक्त उत्पाद बेचने के बिहार माॅडल को अब अपनाएगा पूरा देश
Date : 2020-05-21
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज के तहत किसानों को उन्मुक्त उत्पाद बेचने में बाधा बने जिस एपीएमसी(बाजार समिति) एक्ट को संशोधित करने की अन्य राज्यों में पहल हो रही है उसे बिहार ने 15 साल पहले ही राजद-कांग्रेस के भारी विरोध के बावजूद निरस्त कर किसानों को बिचैलियों से मुक्त कर दिया था। बिहार पहला राज्य है जिसके माॅडल को अब पूरा देश अपनाएगा।
श्री मोदी ने कहा कि बाजार समितियांे से राज्य को सालाना 70 करोड़ की आमदनी होती थी, मगर भ्रष्टाचार और शोषण से किसान परेशान थे। एक्ट के तहत किसान लाइसेंसधारियों से ही अपने उत्पाद बेचने और मंडी शुल्क देने के लिए बाध्य थे, जिसे एनडीए की सरकार बनने के तत्काल बाद 2006 में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए निरस्त कर दिया गया था।
आने वाले दिनों में सरकार कान्ट्रैक्ट फार्मिंग को प्रोत्साहित करने के साथ ही बाजार समिति प्रांगण में आधारभूत संरचना विकसित कर किसानों को ई-प्लेटफाॅर्म से जोड़ कर उन्हें इलेक्ट्राॅनिक ट्रेडिंग की सुविधा देगी। ई-डिस्पले पर वे अपने उत्पादों के देश भर के मूल्य को देख और बेच सकेंगे तथा इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा।
आज बाजार समिति एक्ट को निरस्त करने का ही नतीजा है कि बिहार के किसानों से आईटीसी जैसी कम्पनी हर साल एक लाख टन गेहूं की बाजार मूल्य पर खरीद करती है। किसान अपने हजारों टन गेहूं, मक्का, धान व सोयाबीन आदि बिना किसी बिचैलिए के बेच रहे हैं। कोविड-19 संकट के दौरान भी आईटीसी ने किसानों से सीधे 20 हजार टन गेहूं की खरीद की है। जीविका से जुड़े किसान उत्पादक संगठन 10 हजार मे. टन मक्का की खरीद करेगा जिसमें से 6 हजार मे. टन की खरीद कर चुका है।
‘देहात’ जैसे संगठन से जुड़े दो लाख किसान प्रतिदिन उसे 8 से 10 मे. टन सब्जी बेचते हैं। इरगोस जैसी कम्पनी अपने 69 गोदामों के जरिए 87 हजार किसानों को 38 हजार मे. टन भंडारण की सुविधा देती है। दर्जनों कंपनियां बिहार के किसानों से सीधे अनानास, स्ट्राबेरी, लीची, मखाना, अनाज, सब्जी आदि उत्पादों को बाजार मूल्य पर खरीद रही हैं।
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कोरोना संकट के कारण निगमों को सरकार ने लाभांश का 700 करोड़ भुगतान का दिया निर्देश
Date : 2020-05-20
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान राजस्व संग्रह में आई कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने लाभ अर्जित करने वाले ऐसे 11 राजकीय लोक उपक्रमों को जिसमें राज्य सरकार की अंश पूंजी (Share) निवेशित है को लाभांश (Dividend) के तौर पर 31 मार्च, 2020 तक वित्त लेखे के सुरक्षित व अधिशेष (Reserve and Surplus) में जमा लगभग 1442.95 करोड़ की 50 प्रतिशत राशि 721.45 करोड़ रुपये का सरकार को भुगतान करने का निर्देश दिया है।
श्री मोदी ने कहा कि इन राजकीय लोकउपक्रमों में सर्वाधिक 633.73 करोड़ पुल निर्माण निगम, 498.81 करोड़ पथ विकास निगम, 81.31 करोड़ बेल्ट्राॅन, 16.5 करोड़ पुलिस भवन निर्माण निगम और 47.6 करोड़ भवन निर्माण निगम के आरक्षित एवं अधिशेष में जमा हैं।
कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 123 के तहत प्रत्येक कंपनी को लाभांश घोषित करने तथा अंशधारकों को भुगतान करने का प्रावधान है, लेकिन वित्तीय लाभ अर्जित करने वाले राजकीय लोकउपक्रम इस प्रावधान का विधिवत अनुपालन नहीं कर प्रत्येक वर्ष के लाभ को वित्त लेखे के आरक्षित एवं अधिशेष राशि में संचय करते रहे हैं।
ज्ञातव्य है कि कोरोना संकट के दौरान जारी लाॅकडाउन के कारण 2019 के अप्रैल की तुलना में 2020 के अप्रैल में मात्र 17 प्रतिशत राजस्व का संग्रह ही हो पाया। इसके कारण वित्तीय संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसे में राज्य सरकार जहां-जहां से भी राजस्व जुटाया जा सकता है, इसका प्रयास कर रही है।
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कोरोना संकट के कारण अन्य राज्यों ने भी की है पेट्रोल-डीजल की कीमत में वृद्धि
Date : 2020-05-19
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के कारण राजस्व में हुई कमी की भरपाई के लिए अन्य राज्यों ने भी पेट्रोल-डीजल के मूल्य में वृद्धि की है। झारखंड में राजद समर्थित झामुमो-कांग्रेस की सरकार ने प्रति लीटर डीजल,पेट्रोल की कीमत में 2.50 रु., दिल्ली में डीजल की कीमत में 7.10 रु., पंजाब में 2.05 रु., तमिलनाडु में पेट्रोल की कीमत में 3.25 रु., ओडिशा में 3.11 रु. और असम में पेट्रोल की कीमत में 5.85 रु. और डीजल में 5.43 रु. की वृद्धि की है जबकि बिहार में पेट्रोल व डीजल में यह वृद्धि मात्र 2 रु.की है।
बिहार में प्रति माह पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री से जहां औसतन 500 करोड़ रु.का राजस्व संग्रह होता था वहीं अप्रैल, 2020 में वह घट कर 284 करोड़ रहा गया जो पिछले साल के अप्रैल से 43 फीसदी कम है।
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मार्च में होली के बाद से ही जारी आंशिक और 25 मार्च से पूर्ण लाॅकडाउन के कारण बिहार में पिछले साल अप्रैल की तुलना में इस साल अप्रैल में पेट्रोल की बिक्री में 53.14 और डीजल में 46.72 प्रतिशत तथा मार्च में पेट्रोल में 17 और डीजल में 26 फीसदी की कमी आई।
पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री से प्राप्त होने वाले राजस्व में पिछले दो माह (मार्च-अप्रैल,2020) में 316 करोड़ के नुकसान के मद्देनजर पेट्रोल-डीजल की प्रति ली. बिक्री पर देय कर के रूप में प्रतिशत के साथ एक निश्चित राशि का निर्घारण किया जा सकता है ताकि मूल्यों में गिरावट से राजस्व की क्षति नहीं हो।
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ईद के मद्देनजर मई का वेतन 20 से देने का निर्देश
Date : 2020-05-19
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकार ने ‘ईद-उल-फित्र’ पर्व के मद्देनजर सभी कर्मचारियों व पदाधिकारियों को मई, 2020 माह का वेतन 20 मई से देने का निर्देश दिया है।
इसके लिए वेतन संबंधित विपत्र 20 मई से कोषागारों में प्रस्तुत करने तथा कोषागार पदाधिकारी द्वारा उसी दिन से उसे पारित करने का निर्णय लिया गया है।
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कोरोना संकट के कारण अप्रैल में राजस्व संग्रह में 82.29 फीसदी की कमी
Date : 2020-05-18
शिशु लोन के ससमय बकाया भुगतान पर 2 फीसदी ब्याज अनुदान फुटपाथी दुकानदारों को मिलेगा 10 हजार का कर्ज
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के कारण राज्य के राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष के अप्रैल माह की तुलना में इस साल अप्रैल में 82.29 प्रतिशत की कमी आई है। अप्रैल, 2020 में जहां वेतन, पेंशन, आपदा प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा, लोकऋण के मूलघन व ब्याज की वापसी तथा पंचायतों के अनुदान पर 12,202 करोड़ खर्च हुआ वहीं सभी तरह के संसाधनांें से मात्र 9,861 करोड़ ही प्राप्त हो पाया। इसके कारण 2,341 करोड़ के घाटे को पहले की बचत की राशि से पूरा किया गया।
श्री मोदी ने बताया कि वर्ष 2019 के अप्रैल में राज्य का अपना राजस्व संग्रह 2,542.23 करोड़ की तुलना में 24 मार्च से लाॅकडाउन लागू हो जाने के कारण अप्रैल 2020 में मात्र 450.21 करोड़ ही हो पाया। वाणिज्य कर का अप्रैल, 2019 के 1,622.23 करोड़ की तुलना में अप्रैल, 2020 में मात्र 256.21 करोड़, निबंधन से 299.21 करोड़ की जगह 4.0 करोड़, परिवहन से 189.68 करोड़ की जगह 31 करोड़, खनन से 71.16 करोड़ की जगह 60 करोड़ व अन्य स्रोतों से 359.95 करोड़ की तुलना में केवल 99 करोड़ का ही संग्रह हो पाया।
इस प्रकार राज्य को अपने अन्य स्रोतों से कुल 450.21 करोड़ के राजस्व संग्रह के साथ केन्द्रीय करों में हिस्से के रूप में 4,632 करोड़ व भारत सरकार से अनुदान के तौर पर 2,450 करोड़ सहित सभी अन्य संसाधनों से केवल 9,861 करोड़ प्राप्त हुआ जिसके कारण खर्च व आय में 2,341 करोड़ का घाटा रहा।
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कर्ज की 2 फीसदी सीमा बढ़ाए जाने से बिहार कर सकेगा 12,922 करोड़ की अतिरिक्त उगाही
Date : 2020-05-17
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के पांचवे दिन केन्द्र सरकार द्वारा बिहार सहित अन्य राज्य सरकारों की मांग पर कर्ज लेने की सीमा को राज्य सकल घरेलु उत्पाद (एसजीडीपी) के 3 से बढ़ा कर 5 फीसदी करने से बिहार 12,922 करोड़ का अतिरिक्त ऋण ले सकेगा।
श्री मोदी ने कहा कि पहले के प्रावधान के अनुसार बिहार को एसजीडीपी के 3 प्रतिशत के दायरे में 39,341 करोड़ के ऋण लेने की अनुमति थी। कर्ज की सीमा 5 फीसदी करने से अब बिहार कुल 52,263 करोड़ की उगाही कर सकता है।
केन्द्र द्वारा बिना किसी शर्त के 0.5 प्रतिशत तक कर्ज लेने की अनुमति के तहत बिहार अतिरिक्त 3,230 करो़ड़ तथा निर्घारित 4 शर्तों मसलन ‘एक देश, एक राशन कार्ड’, ऊर्जा वितरण, शहरी निकाय व ईज आॅफ डूइंग बिजनेस में सुधार करके अतिरिक्त 1.5 प्रतिशत के अन्तर्गत 6,661 करोड़ का कर्ज ले सकेगा।
उन्होंने कहा कि केन्द्र द्वार मनरेगा के तहत प्रवासी मजदूरों को रोजगार के लिए 40 हजार करोड़ के अतिरिक्त आवंटन का लाभ भी बिहार को मिलेगा। वैसे, बिहार को 2020-21 का 1,124 करोड़ का आंवटन पिछले महीने मिल चुका है। मनरेगा के तहत राज्य में 3.50 लाख योजनाएं कार्यान्वित की जा रही है तथा 2.17 लाख प्रवासी मजदूरों के नए जाॅब कार्ड बनाए जा चुके हैं।
लाॅकडाउन के कारण स्कूल-काॅलेजों के बंद रहने के बावजूद कक्षा 1 से 12 के लिए समर्पित चैनल, डिजिटल प्लेटफाॅर्म व सामुदायिक रेडियो के व्यापक विस्तार के जरिए आॅनलाइन पढ़ाई की सुविधा से भी बिहार लाभान्वित होगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य प्रक्षेत्र के लिए की गई धोषणाओं के तहत प्रत्येक जिलों में संक्रामक रोग अस्पताल व प्रत्येक प्रखंड में टेस्ट लैब आदि की स्थापना का लाभ बिहार को मिलेगा।
इसके अलावा नई सार्वजनिक क्षेत्र की उद्यम नीति, काॅर्पोरेट्स के लिए ईज आॅफ डूइंग बिजनेस,कंपनी अधिनियम की डिफाल्ट्स का डिक्रिमिनलाईजेशन जैसी सुधारात्मक घोषणाओं से भी लाॅकडाउन की वजह से ठप्प पड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगी।
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बिजली शुल्क, कोयला, रक्षा व वायु क्षेत्र प्रबंधन में व्यापक सुधार के होंगे दूरगामी परिणाम
Date : 2020-05-16
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट से मुकाबले के लिए घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज के चैथे चरण में बिजली शुल्क, कोयला, रक्षा उत्पादन, वायु क्षेत्र प्रबंधन, विमानन रखरखाव, अंतरीक्ष गतिविधियों व परमाणु ऊर्जा प्रक्षेत्र में व्यापक सुधार की घोषणा के दूरगामी परिणाम होंगे।
श्री मोदी ने कहा कि विद्युत शुल्क नीति में व्यापक सुधार की घोषणा से उपभोक्ता अधिकार को मजबूत करने के साथ ही पर्याप्त बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी तथा लोड शेडिंग पर बिजली कंपनियों को दंडित करने का प्रावधान होगा। उपभोक्ताओं को डीबीटी के जरिए अनुदान देने तथा स्मार्ट प्री पेड मीटर लगाने के नियम भी बनेगे। बिजली उत्पादक कंपनियों को ससमय भुगतान के प्रावधान के साथ ही उनकी अक्षमताओं के बोझ से उपभोक्ताओं को बचाया जायेगा।
कोयला क्षेत्र में व्यापक सुधार के तहत अब कोई भी इच्छुक व्यक्ति खदान के लिए खुली बोली में भाग और उत्पादित कोयले को बेच सकता है जिसके लिए पात्रता की कोई शर्तें नहीं होगी तथा सफल बोली के बाद ही अग्रिम भुगतान करना होगा। पहले की निश्चित राशि की जगह अब नई व्यवस्था में राजस्व शेयरिंग होगी। कोयले की एक्सपोलेरेशन (खोज) में भी निजी भागीदारी के साथ नए आवंटियों को भी कोयला गैसीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 50 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।
रक्षा उत्पादन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 49 से बढ़ा कर 74 फीसदी कर दिया गया है। केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष हथियारों के आयात पर प्रतिबंध की सूची अघिसूचित करेगी और आयातीत स्पेयर्स का निर्माण भारत में ही किया जायेगा। पीपीपी के आधार पर 13 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश से 12 एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय बनाने के साथ ही विमानों के रख-रखाव व इंजनों की मरम्मत के हब के रूप में भारत को विकसित किया जायेगा।
इसके अलावा आणविक विकिरण तकनीक का इस्तेमाल कर पीपीपी माॅडल के आधार पर फल,सब्जियों व खाद्य संरक्षण की सुविधा विकसित की जायेगी।
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विश्व का 80 प्रतिशत मखाना उत्पादन करने वाले बिहार को मिलेगा विशेष लाभ
Date : 2020-05-15
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट से कृषि प्रक्षेत्र को उबारने के बाद शुक्रवार को उसके सहयोगी प्रक्षेत्रों के लिए 20 लाख करोड़ के पैकेज के तहत गई एक लाख करोड़ की घोषणा से बिहार में भी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के साथ शहद, सब्जी, मछली, दूध उत्पादन, स्थानीय उपज और औषधीय खेती को बढ़ावा देने व पशुओं के शत-प्रतिशत टीकारण अभियान को सफलता मिलेगी।
श्री मोदी ने कहा कि 10 हजार करोड़ से माइक्रो फूड इंटरप्राइजेज को बढ़ा देने की घोषणा से पूरे विश्व का 80 प्रतिशत मखाना उत्पादन करके प्रथम स्थान पर रहने वाले बिहार को विशष लाभ मिलेगा। बिहार के स्थानीय उपज के तौर पर मखाना के साथ कतरनी चावल, मिर्चा के चूड़ा आदि के उत्पादन व मार्केटिंग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इसी प्रकार मधुमक्खी पालन हेतु 500 करोड़ के प्रावधान से पूरे भारत में शहद उत्पादन में दूसरे व उत्पादकता में प्रथम स्थान पर रहने वाले बिहार के समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर सहित अन्य जिलों के मधुमक्खाी पालक किसानों को लाभ मिलेगा। औषघीय खेती को बढ़ावा देने के लिए धोषित 4 हजार करोड़ से गंगा किनारे के 800 हे. में खेती का लाभ भी बिहार को मिलेगा। 20 हजार करोड़ के मत्स्य संपदा योजना के तहत मछली उत्पादन और गव्य व पशुचारा के आधारभूत संरचना के विकास के लिए घोषित 15 हजार करोड़ के प्रावधान का लाभ भी बिहार को मिलेगा।
एक लाख करोड़ से कृषि के सहयोगी प्रक्षेत्रों की आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण से कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, खाद्यान्न भंडारण आदि विकसित होंगे जिसका लाभ बिहार के कृषि उद्यमियों के साथ पैक्सों व फार्मर्स प्रोड्यूसर आॅर्गनाइजेशन को मिलेगा।
आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में व्यापक सुधार की घोषणा के तहत खाद्य तेल, दलहन,तिलहन, आलू-प्याज, मोटा अनाज आदि को नियंत्रण मुक्त किया जा सकेगा जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा तथा नया कानून ‘एक देश, एक बाजार’ के अन्तर्गत किसान कहीं भी अपनी इच्छानुसार अपनी उपज बेच सकेंगे।
टीकाकरण केलिए 13,343 करोड़ के पैकेज से बिहार के गाय, भैंस, बैल, भेड़-बकरी आदि शत प्रतिशत पशुओं को एफएमडी निरोघक टीका लगाया जा सकेगा।
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बिना राशनकार्ड वाले प्रवासी मजदूरों को भी मिलेगा 10 कि. चावल और प्रति परिवार 2 कि. दाल
Date : 2020-05-14
शिशु लोन के ससमय बकाया भुगतान पर 2 फीसदी ब्याज अनुदान फुटपाथी दुकानदारों को मिलेगा 10 हजार का कर्ज
दो लाख करोड़ के कोष से बिहार के किसानों के साथ पशुपालकों व मछुआरों को भी केसीसी का लाभ

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज के तहत कोरोना संकट में लाॅकडाउन की वजह से बिहार आ चुके या आने वाले 10 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को बिना राशन कार्ड के भी दो महीने तक हर माह 5 कि. चावल और प्रति परिवार 1 कि. दाल दिया जायेगा। बचे हुए किसानों के साथ विशेष अभियान चला कर पशुपालकों व मछुआरों को भी केसीसी का लाभ दिया जायेगा। मुद्रा के तहत शिशु लोन के बकाएदारों द्वारा ऋण की अदायगी पर 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान व 5 हजार करोड़ के विशेष कोष से बिहार के स्ट्रीट वेडर्स को 10 हजार तक ऋण दिया जायेगा।
श्री मोदी ने कहा कि प्रवासी मजदूर जब भी दूसरे राज्यों में वापस जायेंगे तो वहां भी ‘वन नेशन,वन राशन कार्ड’ के तहत वे अनाज का उठाव कर सकेंगे। केन्द्र सरकार की घोषणा के अनुसार उन्हंे दूसरे राज्यों में किराए के सस्ते मकान की भी सुविधा मिलेगी।
बिहार में 36.73 लाख छोटे-मोटे काम करने वाले गरीबों को मुद्रा के तहत 11,470 करोड़ का लोन दिया गया है। ससमय अगले 12 महीने तक शिशु ऋणधारकों (50 हजार तक कर्ज लेेने वाले) द्वारा बकाए के भुगतान पर उन्हें 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा।
लाॅकडाउन के कारण प्रभावित हुए बिहार के लाखों फुटपाथी दुकानदारों को भी पैकेज के तहत घाषित 5 हजार करोड़ के फंड से 10 हजार तक का कर्ज दिया जायेगा।
बिहार में पीएम किसान निधि से आच्छादित 63 लाख किसानों, जिनमें से काफी किसान केसीसी से वंचित हैं के साथ बिहार के पशुपालकों व मछुआरों को भी विशेष अभियान के तहत केसीसी का लाभ दिया जायेगा। इसके लिए केन्द्र सरकार ने दो लाख करोड़ का प्रावधान किया है।
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बिहार की एमएसएमई इकाइयों,कर्मियों व संवेदकों को मिलेगा 20 लाख करोड़ के पैकेज का सर्वाधिक लाभ
Date : 2020-05-13
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान जारी लाॅकडाउन से उबरने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज जो भारत के जीडीपी का 10 प्रतिशत हैं, का सर्वाधिक लाभ बिहार की एमएसएमई इकाइयों, 5200 ऐसे प्रतिष्ठानों जहां 93,775 कर्मचारी कार्यरत हैं,जिनका मासिक वेतन 15 हजार से कम है तथा निर्माण कार्य में लगे संवेदकों को मिलेगा। इसके साथ ही 90 हजार करोड़ की दी गई राहत कोष से बिहार की बिजली कम्पनियां लाभान्वित होंगी।
एमएसएमई की परिभाषा बदल कर 20 करोड़ तक की निवेश और 100 करोड़ तक टर्नओवर करने का सर्वाधिक लाभ भी बिहार की एमएसएमई इकाइयों व सर्विस सेक्टर को मिलेगा। एमएसएमई के लिए घोषित 3 लाख करोड़ के बिना गारंटी के लोन तथा कोरोना के कारण संकटग्रस्त इकाइयों के लिए 20 हजार करोड़ की सहायता कोष का फायदा भी बिहार की सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा।
श्री मोदी ने कहा कि कर्मचारियों को जहां पहले ईपीएफ के तौर पर 12 प्रतिशत और उतनी ही राशि नियोजक को जमा करना पड़ता था, जिसे 3 महीने के लिए केन्द्र सरकार ने जमा करने का ऐलान किया था उसे अब बढ़ा कर छह महीना कर दिया गया है। इसी प्रकार निर्माण कार्य में लगे संवेदकों को राहत देते हुए कार्य पूरा करने की अवधि को 6 महीने तक बढ़ा दिया गया है। टीडीएस और टीसीएस में की गई 25 प्रतिशत की कटौती का बड़ा लाभ भी बिहार को सर्वाधिक मिलेगा।
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कोरोना संकट के मद्देनजर अनुदान व केन्द्रांश की राशि पहली तिमाही में ही जारी करें केन्द्र
Date : 2020-05-10

केन्द्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिख कर विवि शिक्षकों के वेतन व समग्र शिक्षा अभियान के केन्द्रांश के साथ पंचायती राज व स्थानीय निकायों के अनुदान की मांग


कोरोना संकट के दौरान राजस्व संग्रह में हुई भारी कमी के मद्देनजर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को पत्र लिख कर पंचायती राज संस्थाओं व शहरी निकायों को 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर मिलने वाले 7,434 करोड़ के अनुदान के साथ विश्वविद्यालय शिक्षकों के वेतन पर होने वाले व्यय व समग्र शिक्षा अभियान का केन्द्रांश पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ही जारी करने की मांग की है।
श्री मोदी ने पत्र में लिखा है कि 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर 2020-21 में राज्य की पंचायती राज संस्थाओं को 5,018 करोड़ व शहरी निकायों को 2,416 करोड़ रु. का अनुदान मिलना है। पत्र में लिखा है कि उक्त राशि को पहली तिमाही में जारी करने से नल-जल व नली-गली योजना के कार्यान्वयन में सुविधा होगी, वरना माॅनसून शुरू होने के बाद काम कराना संभव नहीं हो पाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान का केन्द्रांश भी जारी करने की मांग करते हुए कहा है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा प्रतिमाह 833 करोड़ यानी पहली तिमाही में 2499 करोड़ रु. नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान पर खर्च होगा। इस साल इस राशि में किसी प्रकार की कटौती नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा है कि विगत वित्तीय वर्ष 2019-20 में 6,426 करोड़ केन्द्रांश के विरूद्ध मात्र 326.93 करोड़ ही प्राप्त हुआ था।
राज्य के विश्वविद्यालय शिक्षकों के वेतन पर पहली तिमाही में 999 करोड़ व्यय होगा। सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा पर विवि शिक्षकों के पुनरीक्षित वेतन मद में 767 करोड़ रु. विश्वविद्यालयों को दिया जा चुका है। यूजीसी की शर्तों के अनुसार इसका 50 प्रतिशत केन्द्र सरकार को वहन करना है। इसलिए विवि शिक्षकों के वेतन मद का केन्द्रांश केन्द्र सरकार तत्काल जारी करें।
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केन्द्र की नमो सरकार एससी,एसटी के अधिकारों के सरंक्षण के लिए प्रतिबद्ध,नहीं होने देगी कोई कटौती
Date : 2020-05-09

भाजपा क्रीमी लेयर की विरोधी, प्रोमोशन में आरक्षण व न्यायिक सेवा का पक्षधर


उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एससी,एसटी सर्वदलीय विघायकों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार दलितों के अधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है तथा उनके किसी भी अधिकार में किसी प्रकार की कटौती नहीं होने देगी। भाजपा दलितों के लिए प्रोमोशन में आरक्षण व अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन का समर्थन करती है परंतु दलित आरक्षण में क्रीमी लेयर का कभी पक्षघर नहीं रही है।
श्री मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 5-5 जजों की दो बेंच ने जब नौकरियो के लिए एससी,एसटी के आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने के पक्ष में फैसला दिया तो उसे समीक्षा के लिए 7 जजों की बंेच में अपील कर केन्द्र सरकार ने फिलहाल लागू करने से इनकार कर दिया है। भाजपा अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के पक्ष में है और केन्द्र सरकार इस दिशा में भी पहल कर रही है।
इसी प्रकार भाजपा नेतृत्व की केन्द्र सरकार ने दलित अत्याचार निवारण अधिनियम में 23 नई धाराएं जोड़ कर उसे पहले से और कठोर बनाया तथा जब सुप्रीम कोर्ट ने कुछ धाराओं को शिथिल किया तो कानून में संशोधन कर उन्हें पुनस्र्थापित किया।
सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच ने 9 वीं अनुसूची में शामिल विषयों की भी न्यायिक समीक्षा का हाल ही में निर्णय दिया है। ऐसे में दलित अधिकारों के संरक्षण के लिए जो भी उचित पहल होगी उसे केन्द्र सरकार अख्तियार करेगी तथा अनुसूचित जाति व जनजाति के संविधान प्रदत्त अधिकारों में किसी प्रकार की कटौती नहीं होने देगी।
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कोरोना संकट के दौरान टेली कान्फ्रेंसिंग के जरिए भाजपा के पंचायत स्तर तक के 11,124 कार्यकर्ताओं से की बातचीत
Date : 2020-05-08

बिना क्वरेंटाइन, स्क्रीनिंग के गांव आने वालों की प्रशासन को दें सूचना


उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने पहले दौर की टेली कान्फ्रेंसिंग वार्ता के समापन पर बताया कि विगत 40 दिनों में कोरोना संकट से मुकाबले के लिए 19 अलग-अलग सत्रों में कुल 27 घंटे 38 मिनट तक टेली कान्फ्रेंसिंग के जरिए भाजपा के सांसदोें, विघायकों, जिला, मंडल व प्रखंड अध्यक्षों के साथ ही पंचायत स्तर पर शक्ति केन्द्र प्रभारी के रूप में काम करने वाले कुल 11,124 कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उनसे प्राप्त सुझावों के आधार पर विभिन्न राहत योजनाओं के कार्यान्वयन व समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार की ओर से पहल की गई।
श्री मोदी ने भाजपा के सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं से अपील की है कि बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति अगर बिना क्वरेंटाइन व स्क्रीनिंग के गांव में प्रवेश करे तो वे अविलम्ब मुखिया के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को सूचित करें ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
राज्य सरकार ने 07 मई तक 1 करोड़ 86 लाख घरों में संक्रमण के लक्षणों की पहचान का सर्वेक्षण कार्य पूरा लिया है। पूरे राज्य में 3,232 ब्लाॅक क्वरेंटाइन सेंटर सेंटर बनाए गए हैं,जहां बाढ़ राहत शिविर के तर्ज पर सभी को गमछा, मास्क, थाली, कटोरा,मग, तीन समय के भोजन, बच्चों के लिए दूध पावडर, सीसीटीवी कैमरा व चिकित्सा आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। क्वरेंटाइन पूरा कर घर जाने वालों को 500 रुपये और जिन्हें किराया लगा है उन्हें किराया के साथ न्यूनतम एक हजार रुपये देने का सरकार ने निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में विदेशों से आए लोगों और बाद के दिनों में तब्लीगी जमात के कारण संक्रमण का फैलाव हुआ तो अब ट्रेनों के माध्यम से बड़ी संख्या में अन्य प्रदेशों से आने वाले प्रवासियों के कारण चुनौती उत्पन्न हुई है। अभी तक करीब 80 से अधिक ट्रेनों के जरिए करीब एक लाख से ज्यादा प्रवासी बिहार आ चुके हैं। राज्य में पीपीई किट, मास्क, सेनेटाइजर आदि की कोई कमी नहीं है।
टेली कान्फ्रेंसिंग के इन सभी सत्रों में अलग-अलग दिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल, मंत्री सर्वश्री डा. प्रेम कुमार, नन्दकिशोर यादव, मंगल पाण्डेय आदि भी उपस्थित रहे।
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लाॅकडाउन के मद्देनजर उद्योग-व्यापार जगत को जीएसटी में दी गई बड़ी राहत
Date : 2020-05-07
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि लाॅकडाउन के कारण उद्योग-व्यापार के प्रभावित होने के मद्देनजर केन्द्र सरकार ने जीएसटी विवरणी दाखिल करने की प्रक्रिया के सरलीकरण व ई-वे बिल की अवधि विस्तार के साथ ही डिजिटल सिग्नेचर से छूट देकर बड़ी राहत दी है।
श्री मोदी ने कहा कि 5 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों को वर्ष 2018-19 की वार्षिक विवरणी दाखिल करने की समय सीमा पहले 31 मार्च से बढ़ा कर 30 जून और अब 30 सितम्बर कर दिया गया है। वहीं, 5 करोड़ से कम टर्नओवर वालों को वार्षिक विवरणी दाखिल करने से पहले ही मुक्त कर दिया गया था।
इसके साथ ही वैसे व्यापारी जिनका अप्रैल माह में कारोबार शून्य रहा है वे कम्प्यूटर की जगह आधार आधारित अपने निबंधित मोबाइल से एसएमएस के जरिए अपनी विवरणी दाखिल कर सकेंगे।
इसी प्रकार अन्तर राज्यीय व्यापार के लिए 24 मार्च से पहले निर्गत ई-वे बिल की वैघता जो 15 अप्रैल तक थी को 31 मई तक बढ़ा दी गई है। अब कारोबारी 24 मार्च तक जारी ई-वे बिल से 31मई तक माल मंगा सकते हैं।
कम्पनी एक्ट के तहत निबंधित प्रतिष्ठानों को पहले विवरणी दाखिल करने के लिए डिजिटल सिग्नेचर की आवश्यकता पड़ती थी, मगर लाॅकडाउन के मद्देनजर उन्हें अब बिना डिजिटल सिग्नेचर के विवरणी दाखिल करने की छूट दी गयी है।
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जमालपुर रेलवे इंस्टीच्यूट को शिफ्ट करने की खबर भ्रामक
Date : 2020-05-06
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि देश के सबसे पुराने जमालपुर (मुंगेर) स्थित 1888 में स्थापित इंडियन रेलवे इंस्टीच्यूट आॅफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जहां रेलवे के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है को लखनऊ शिफ्ट करने की खबर भ्रामक व बेबुनियाद है।
श्री मोदी ने कहा कि रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस संबंध में पत्र लिखा है जिसका वे अविलम्ब जवाब देकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करेंगे।
श्री गोयल ने कहा कि भारत सरकार ने तो जमालपुर इंस्टीच्यूट को रेलवे व ट्रांसपोर्ट विश्वविद्यालय,बड़ौदा के कैम्पस के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है जहां रेलवे से जुड़े मैकेनिकल व इंजीनियरिंग के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
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