Our Mission

…is to make Bihar a Secure, Environmentally Safe, Healthy and Educated state – a place where poverty will be the thing of the past and the word Bihar will only be spoken as a metaphor for well-being.

समाचारपत्रों से…

सुशील कुमार मोदी की कलम से…

प्रेस विज्ञप्ति

पटना – 12.02.2016 राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने पार्टी के उपाध्यक्ष श्री विशेश्वर ओझा की जघन्य हत्या पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। श्री मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री केवल अपराध नियंत्रण के लिए बैठकें कर रहे हैं लेकिन अपराधी बेलगाम हैं। मुख्यमंत्री की अपराध रोकने की इच्छा शक्ति समाप्त हो गई है। स्व. विशेश्वर ओझा पहले जदयू में थे और फरवरी, 2005 में उनकी पत्नी शोभा देवी जदयू के टिकट पर शाहपुर से चुनाव लड़ी थी, उन्हें 21213 वोट मिले थे। नवम्बर, 2005 में शोभा देवी का नामांकन रद्द हो जाने के कारण उनके छोटे भाई की पत्नी मुन्नी देवी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ी और 10 वर्षों तक वहाँ से विधायक रहीं। स्व. ओझा उनके क्षेत्र के कार्य में सहयोग करते थे। इस बार 2015 विधान सभा चुनाव में स्व. विशेश्वर ओझा भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और उन्हें 54745 वोट मिले... read more

यूपीए ने आईबी, सीबीआई का दुरुपयोग किया, वोट की राजनीति के लिए इशरत का महिमामंडन करने वाले माफी मांगें

पटना – 12.02.2016 कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन के प्रति न केवल नरमी बरती, बल्कि जून 2004 में नरेंद्र मोदी की हत्या के इरादे से गुजरात पहुंचे लश्कर के 4 आतंकियों के मारे जाने पर उन्हें बेगुनाह बताने के लिए मुठभेड़ को फर्जी साबित करने की कोशिश की। इन आतंकियों के साथ मारी गई इशरतजहां को तो वोट बैंक की राजनीति करने वाले बिहार के नेताओं ने महिमामंडित कर बिहार की बेटी बताना शुरू कर दिया था। आतंकी हेडली के खुलासे के बाद इस मुद्दे पर देश से माफी मांगने की बजाय जद-यू और कांग्रेस के नेता आतंकियों से हमदर्दी रखने वाले कुतर्क देने की बेशर्मी पर उतर आए हैं। यूपीए सरकार ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेता अमित शाह को फंसाने के लिए गृह मंत्रालय के जरिये आईबी, सीबीआई तथा एनआईए जैसी उच्चस्तरीय जांच एजेंसियों का खुलकर राजनीतिक दुरुपयोग किया। तत्कालीन यूपीए सरकार ने कोर्ट में हलफनामा देकर पहले इशरत और उसके साथियों को आतंकी माना, लेकिन मारे गए लोगों का मजहब देखकर एक महीने के भीतर हलफनामा बदल दिया गया। आईबी के निदेशक राजेंद्र कुमार ने उसी समय इशरत के आतंकी फिदायीन होने के सबूत दिये थे, लेकिन राजनीतिक दबाव में उनका इस्तेमाल नहीं किया गया। आतंकी मुठभेड़ को फर्जी साबित करने में सीबीआई का गलत इस्तेमाल हुआ। कांग्रेस से करीबियों को गठबंधन में बदलने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी आतंकियों के प्रति लगातार नरमी बरती। आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी के समय बिहार पुलिस के एडीजी उससे पूछताछ के लिए पटना से रवाना हो चुके थे, लेकिन उन्हें मुजफ्फरपुर से ही लौटा लिया गया। नीतीश... read more
बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में अपनी सहभागिता के लिए हमसे जुड़िये

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