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पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत बिहार के किसानों को 1,632 करोड़ वितरित
Date : 2019-12-05
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में ‘पीएम किसान सम्मान निधि योजना’ की समीक्षा के बाद बताया कि वर्ष 2019-20 में बिहार के 44 लाख किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की पहली किस्त व 30 लाख 79 हजार किसानों को दूसरी किस्त के तौर पर अब तक 1,632 करोड़ राशि हस्तांतरित की गयी है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि दो माल पहले तक बैंक खातो की संख्या, ब्रांच कोड और आईएमएफसी आदि की त्रृट्टियों के कारण पीएम किसान पोर्टल द्वारा रद्द किए गए आवेदनों की संख्या जहां 3 लाख 56 हजार था वहीं लगातार प्रयास के बाद अब घट कर मात्र 1 लाख 48 हजार रह गयी है।
उपमुख्यमंत्री ने अंचलाधिकारी और अपर समाहर्ता के स्तर पर तीन महीने से अधिक से जमीन की जांच के लिए लम्बित आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने व पंचायतवार सूची बना कर मुख्यालय स्तर से कृषि समन्यवकों को एसएमएस भेजने का निर्देश दिया ताकि वे किसानों से व्यक्तिगत सम्पर्क कर उनके आवेदनों की त्रृट्टियों का शीघ्रता से निष्पादन कराएं।
गौरतलब है कि अब तक प्रदेश के 72 लाख 76 हजार किसानों ने सम्मान निधि के लाभ के लिए आवेदन दिया जिनमें से 11 लाख 72 हजार को विभिन्न त्रृट्टियों के कारण पोर्टल ने रद्द कर दिया। पीएफएमएस पोर्टल द्वारा हर जिले के प्रत्येक पंचायत से औसतन 3 से 6 हजार रद्द किए गए आवेदनों सुधार किया जाना है। कृषि समन्वयक से लेकर अंचलाधिकारी के स्तर पर जांच हेतु लम्बित 8 लाख 96 हजार आवेदनों का तेजी से निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
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जलवायु परिवर्तन का सर्वाधिक असर बच्चों के स्वास्थ्य व कृषि पर
Date : 2019-12-04
‘तरुमित्र’ की ओर से दीधा स्थित आश्रम में आयोजित ‘जैविक धान की कटनी उत्सव’ का शुभारंभ करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि धरती गर्म हो रही है, मौसम चक्र टूट रहा है, अतिवृष्टि और अनावृष्टि से बाढ़ और सुखाड़ जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। जलवायु परिवर्तन का सर्वाधिक असर बच्चों के स्वास्थ्य और कृषि पर पड़ रहा है। सामुहिक जिम्मेवारी के साथ प्रयास करना होगा। एक वर्ष में एक पौधा जरूर लगायें और संतान की तरह उसकी परवरिश और देखभाल करें।
दुनियां में मौजूद पानी का मात्र 3 प्रतिशत ही पीने योग्य है। पानी प्रयोगशाला में तैयार नहीं होता, इसलिए हमें उसकी एक-एक बूंद को बचाना है। वर्षा जल का संचयन व धरती को रिचार्ज कर भूगर्भ जल के स्तर को बरकरार रखना होगा। पेड़-पौधे, जीव-जंतु, पशु-पक्षी, नदी-पहाड़ से हमारे जीवन का अस्तित्व जुड़ा हुआ है। हमारी संस्कृति में सदियों से इनकी पूजा की परम्परा रही है। ‘थिंक ग्लोबली एंड एक्ट लोकली’ की नीति के साथ पुनः प्रकृति के प्रति जुड़ाव और लगाव स्थापित करने की जरूरत है।
हमें पानी और बिजली जरूरत के अनुरूप इस्तेमाल कर प्राकृतिक श्रोतों को अनावश्यक दोहन से बचना होगा। धरती सभी की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है लेकिन हमारे लालच को पूरा नहीं कर सकती है।
तरूमित्र संस्था जिस प्रकार स्कूली बच्चों को जैविक खेती, जैविक खाद, कचरे से उपयोगी सामग्री का निर्माण व इको फ्रेंडली वातावरण का निर्माण,पौधारोपण, जल संरक्षण इत्यादि का व्यवहारिक प्रशिक्षण दे रही है, वह सराहनीय है। प्रकृति की रक्षा व जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए आदतों में बदलाव व वातावरण तैयार करने की जरूरत है।
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CLIMATE CHANGE-04-12-2019.docx
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वाल्मीकि व्याघ्र आश्रयणी पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार
Date : 2019-12-04
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि वर्तमान पर्यटन सीजन में अनेक पर्यटकीय सुविधाओं व सुसज्जित आवासीय व्यवस्था के साथ वाल्मीकिनगर स्थित वाल्मीकि व्याघ्र आश्रयणी (वीटीआर) पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। 7-8 दिसम्बर को इस पर्यटन सीजन का औपचारिक शुरूआत होगा। पर्यटकों से अपील की कि वे इस मौसम में वाल्मीकिनगर जरूर जाएं। पर्यटन विभाग के सहयोग से सरकार शीघ्र ही पटना से वाल्मीकिनगर के लिए दो दिवसीय किफायती पैकेज घोषित करेगी जिसके तहत पर्यटक आॅनलाइन बुकिंग करा सकेंगे। पिछले एक महीने में 8 हजार पर्यटकों ने वीटीआर का भ्रमण किया है।
वीटीआर में फिलहाल बाधों की संख्या 2010 की 8 की तुलना में बढ़ कर 31 और शावकों की संख्या 10 हो गई हैं। वाल्मीकि विहार, जंगल कैम्प, टेंट हाउस और ट्री हट के 26 सुसज्जित कमरों में 52 पर्यटकों के ठहरने व कैंटीन की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है। 14 सीटर केंटर के साथ जंगल सफारी की नियमित सेवा सुबह-शाम पर्यटकों को दी जा रही है। पर्यटकों के लिए प्रतिदिन शाम में 45 मिनट का स्थानीय लोककला पर केन्द्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि में वन्य जीवन पर फिल्म का प्रदर्शन किया जा रहा है।
पटना के ईको पार्क की तर्ज पर वाल्मीकिनगर में एक वृहद ईको पार्क विकसित किया गया है, जिसमें बच्चों के खेलकूद की भी व्यवस्था है। मैरिन ड्राइव की तरह गंडक किनारे डेढ़ किमी लम्बा पाथवे के साथ ही ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला की तरह 200 मीटर लम्बा कौलेश्वर झूला का निर्माण किया गया है। 13 सीटर मोटर बोट के जरिए गंडक में नौकायन की सुविधा उपलब्ध है।
प्रमुख दर्शनीय मंदिरों में कौलेश्वर, जटाशंकर व प्राचीन नरदेवी मंदिर तथा वाल्मीकि आश्रम आदि में बड़ी संख्या में पर्यटक जा रहे हैं। कौलेश्वर मंदिर के बगल में रखे गए चार हाथी भी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
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उपमुख्यमंत्री ने बटन दबा कर भेजा 2.64 लाख श्रमिकों के खाते में 112 करोड़
Date : 2019-12-03
पेंशन सप्ताह (30 नवम्बर से 06 दिसम्बर) के दौरान श्रम संसाधन विभाग की ओर से आयोजित राजकीय समारोह में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बटन दबा कर 2.64 लाख निबंधित श्रमिकों के खाते में चिकित्सा सहायता मद की 112 करोड़ की राशि हस्तांतरित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों,व्यापारियों व स्वरोजगारियों के लिए शुरू की गई पेंशन योजना में लाभार्थी के समतुल्य केन्द्र सरकार अपना अंशदान दे रही है।उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के लाभार्थियों की प्रीमियम राशि 5 साल तक राज्य सरकार जमा करेगी।
श्री मोदी ने कहा कि अटल पेंशन, प्र.मं.सुरक्षा बीमा व जीवन ज्योति बीमा योजना से अब तक 2 करोड़ 90 लाख लोग लाभान्वित हैं। अटल पेंशन योजना में बिहार के 17 लाख लोग शामिल हैं। 5,278 लोगों को दुर्घटना व मृत्यु की स्थिति में 2-2 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए 4 करोड़ 55 लाख खातों में 10 हजार करोड़ से ज्यादा जमा कराए गए हैं। बैंकों ने 26 लाख लोगों को 298 करोड़ का छोटा-छोटा कर्ज दिया है।
बिहार में 2017-18 में 59 लाख 73 हजार वृद्ध, विधवा और दिव्यांगों को 2,231 करोड़ रुपये और 2018-19 में 63 लाख 34 हजार को 2,980 करोड़ की राशि सामाजिक सुरक्षा पेंशन मद में दी गयी। 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी को पेंशन देने का सरकार ने निर्णय लिया है। अभी तक 16 लाख लोगों ने इसके लिए आवेदन दिया है। केन्द्र सरकार ने महिला श्रमिकों के मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ा कर 26 सप्ताह सवैतनिक कर दिया है। बिहार निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड में 16 लाख मजदूर निबंधित है। बिहार में भी महिला निर्माण मजदूरों के सवैतनिक मातृत्व अवकाश में बढ़ोत्तरी करने की जरूरत है।
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63 हजार स्मार्ट फोन से आंगनबाड़ी सेविकाएं दे रही हैं बच्चों व गर्भवती महिलाओं को अपनी सेवा
Date : 2019-12-02
विश्व बैंक की ओर से नई दिल्ली के ताज होटल में आयोजित ‘भारत में सामाजिक सुरक्षा प्रणाली: अन्य देशों का अनुभव’ विषयक दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में 63 हजार आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया गया है जिसके माध्यम से वे 70 लाख परिवारों की 3 करोड़ 86 लाख आबादी के बच्चों व गर्भवती महिलाओं को पूरक पोषाहार व स्वास्थ्य की देखभाल की सेवा उपलब्ध करा रही हैं।
इसी प्रकार विश्व बैंक के सहयोग से 87 अनुमंडलों में स्थापित दो मंजिला ‘बुनियाद केन्द्रों’ व मोबाइल वैन के जरिए गांवों में जाकर अभी तक 1.60 लाख वृद्ध, विधवा व दिव्यांगांे को शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण, कृत्रिम अंग, आंख-कान की जांच, फिजियोथेरेपी आदि के साथ ही 39,229 दिव्यांगों को प्रमाणपत्र देने आदि की सेवा उपलब्ध कराई गई है।
श्री मोदी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं/सहायिकाओं को पहले 11 तरह के कार्यों के लिए करीब 8.5 किलो ग्रा. वजन के रजिस्टर का इस्तेमाल करना पड़ता था, मगर अब वे स्मार्ट फोन के जरिए बच्चों के पूरक पोषाहार की अवस्था, गर्भवती महिलाओं की स्थिति आदि की तालिका संकलित कर व समय पूर्व अलर्ट प्राप्त कर जरूरतमंदों को अपनी सेवा दे रही हैं। बिहार के इस प्रयोग के बाद देश के 27 राज्यों के 5 करोड़ परिवारों व 42 करोड़ आबादी को स्मार्ट फोन के जरिए यह सेवा दी जा रही।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत अभी तक 5.98 लाख बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है। इस योजना के तहत भ्रूण हत्या रोकने, लड़की के जन्म को प्रोत्साहित करने,जन्म निबंधन, सम्पूर्ण टीकाकरण, बाल विवाह निषेध और प्रजनन दर कम करने के उद्देश्य से जन्म से लेकर स्नातक उत्तीण करने वाली लड़कियों के खाते में करीब 56 हजार रुपये सरकार की ओर से जमा कराए जाते हैं।
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पटना मेट्रो के लिए जाइका से ऋण शीघ्र दिलाने का केन्द्रीय मंत्री ने दिया आश्वासन
Date : 2019-12-02
केन्द्रीय शहरी व आवास मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पटना मेट्रो परियोजना के लिए जापान की जाइका (श्रप्ब्।)से सस्ती दर पर मिलने वाले 5,400 करोड़ का ऋण शीघ्र उपलब्ध कराने का उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को आश्वासन दिया। श्री पुरी के दिल्ली स्थित कार्यालय कक्ष में मिल कर उपमुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि जापान सरकार के साथ इस माह होने वाली बैठक में प्राथमिकता के आधार पर परियोजनाओं का चयन कर पटना मेट्रो के लिए जाइका ऋण दिलाने की पहल की जाए। श्री पूरी ने कहा कि पटना मेट्रो से उनका भावनात्मक लगाव है। भारत सरकार इस परियोजना के लिए हर तरह से मदद करेगी।
ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों 13,365 करोड़ लागत वाली पटना मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। इसके लिए जापान की जाइका से 5,400 करोड़ का सस्ता कर्ज लिया जाना है। भारत सरकार 2 हजार करोड़ और बिहार सरकार अपनी हिस्सेदारी का 5,390 करोड़ खर्च करेगी। दो चरणों में पूर्वी-पश्चिमी और उत्तरी-दक्षिणी काॅरिडोर का निर्माण होना है।
अब तक भारत सरकार ने 50 करोड़ तथा बिहार सरकार ने 100 करोड़ उपलब्ध कराया है। पटना मेट्रो परियोजना केलिए मिट्टी की जांच का कार्य प्रारंभ हो गया है।
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मेडिकल व इलेक्ट्राॅनिक कचरे के निष्पादन के लिए राज्यों की बैठक पर केन्द्र सहमत
Date : 2019-11-30
नई दिल्ली के महाराष्ट्रा सदन में आयोजित राज्यों के वन मंत्रियों की बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि बिहार की मांग पर सिंगल यूज प्लास्टिक, मेडिकल व इलेक्ट्राॅनिक कचरे के निष्पादन में आ रही परेशानियों पर विचार के लिए राज्यों की एक दिवसीय बैठक आयोजित करने पर केन्द्र सरकार ने सहमति दी है। बिहार में अगले एक वर्ष में केम्पा फंड के तहत मिले 522 करोड़ रुपये में से 140 करोड़ से वनक्षेत्र में एक करोड़ नए क्षतिपूरक पौधारोपन, 47,282 हेक्टेयर वनक्षेत्र में मृदा व जल संरक्षण, पहले लगाए गए पौधों की रखरखाव व पौधशालाओं के निर्माण तथा वन्य प्राणी संरक्षण आदि पर खर्च किए जायेंगे।
इसके अलावा बिहार के 12 प्राकृतिक वन क्षेत्रों में से प्रत्येक में 300 हेक्टेयर वनभूमि चिन्ह्ति कर लैंड बैंक तैयार कर क्षतिपूरक वनीकरण हेतु पौधारोपन किया जायेगा। ज्ञातव्य है कि वन क्षेत्र के अन्य उपयोग के एवज में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित केम्पा फंड में राज्यों की जमा 47 हजार करोड़ रुपये में से बिहार को 522 करोड़ मिला है।
इस अवसर पर श्री मोदी ने ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण हेतु वाहनों में लगने वाले मल्टीटोन हाॅर्न के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की तथा साथ ही सुझाव दिया कि निजी क्षेत्र के छोटे अस्पतालों, नर्सिंग होम आदि जो किराए के मकान में चल रहे हैं या जिनके पास मेडिकल कचरा निष्पादन प्लांट (Essuluent Treatment Plant) लगाने की जगह नहीं है, उनके लिए माॅडल गाइड लाइन तैयार किया जाए।
इस असवर पर उन्होंने बताया कि ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के तहत बिहार में अगले 3 वर्षों में 24 हजार करोड़ से अधिक खर्च कर तालाब, पोखर, आहर, पाईन आदि को अतिक्रमणमुक्त कर पुनर्जीवित किया जायेगा। तीन साल में 7.5 करोड़ से ज्यादा जिसमें अगले साल एक दिन में 2.51 करोड़ पौधारोपण किया जायेगा। इसके साथ ही सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग व जल संरक्षण के अन्य कार्य किए जायेंगे।
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‘सीएसआर फंड ट्रस्ट’ गठित करने का प्रस्ताव विचाराधीन
Date : 2019-11-29
दुनिया के 190 देशों में व्यापार की सुगमता (Ease Of Doing Business)के मामले में 2014 में भारत जहां 142 वें स्थान पर था वहीं 79 अंकों के सुधार के साथ 2019 में 63 वें स्थान पर आने की सफलता पर भारत सरकार के कम्पनी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘स्टेकहोल्डर्स व इंवेस्टरर्स सम्मिट-2019‘ को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार सरकार ‘सीएसआर फंड ट्रस्ट’ गठित करने पर विचार कर रही है ताकि कम्पनी एक्ट के तहत बड़ी कम्पनियों द्वारा सामाजिक दायित्व के निर्वहन पर खर्च की जाने वाली 2 फीसदी राशि का ज्यादा हिस्सा बिहार के लिए हासिल किया जा सके। पिछले 4 वर्षों में खर्च हुए सीएसआर फंड के 8,636 करोड़ में से बिहार को मात्र 271 करोड़ ही मिल पाया है।
श्री मोदी ने कहा कि नोटबंदी के बाद जहां डिजिटल ट्रांजेक्शन में 3 गुना की वृद्धि हुई है वहीं पूरे देश में 3 साल में नगदी प्रवाह में 3 लाख 4 हजार करोड़ की कमी आई है। नोटबंदी के बाद बिहार में 19 हजार ऐसे खाते पाए गए जिनमें 2 लाख से अधिक तथा 1900 खाते में एक करोड़ से अधिक राशि जमा किए गए। आयकर विभाग ऐसे खातों की जांच कर रही है।
नोटबंदी के बाद पूरे देश में 3 लाख 38 हजार तथा बिहार में 5,913 फर्जी व निष्क्रिय कम्पनियों के निबंधन रद्द किए गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसी कम्पनियां थीं जो कालेधन को सफेद करने का गोरखधंधा व घोटाले को अंजाम दे रही थी।
जीएसटी के पूर्व बिहार में 1,59,721 डीलर निबंधित थे मगर जीएसटी लागू होने पर निबंधन प्रक्रिया के सरलीकरण के बाद आश्चर्यजनक ढंग से ढाई वर्षों में हुए 2 लाख 72 हजार नए निबंधन से संदेह होता है। 90,626 ऐसे करदाता पाए गए हैं जिन्होंने छह महीने से अधिक तक रिटर्न दाखिल नहीं किया। 7,368 फेक कारोबारियों के निबंधन को रद्द किया गया है। 319 कारोबारियों के परिसर के भौतिक सत्यापन में अब तक 18 फर्जी पाए गए हैं।
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सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न पेंशन स्कीम हेतु 535 करोड़
Date : 2019-11-27
राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के वृद्ध, विधवा, निःशक्त लोगों को पेंशन दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 59 लाख 73 हजार लोगों को 2231.60 करोड़ भुगतान किया गया। वर्ष 2018-19 में 63 लाख 34 हजार लोगों को 2979.03 करोड़ भुगतान किया गया।
वर्ष 2019-20 में 64 लाख 22 हजार लोगों को सितम्बर, 2019 तक 777 करोड़ 75 लाख भुगतान किया जा चुका है। अक्टूबर एवं नवम्बर दो माह का भुगतान दिसम्बर माह में प्रस्तावित है।
इस वर्ष प्रारम्भ की गई मुख्यमंत्री वृ़द्धजन पेंशन योजना अंतर्गत 24 नवम्बर तक 16 लाख 12 हजार लोगों ने आवेदन दिया है। सितम्बर माह तक 5 लाख 28 हजार आवेदकों को भुगतान किया जा चुका है। स्वीकृत शेष 2 लाख 46 हजार का भुगतान दिसम्बर माह में प्रस्तावति है।
उपरोक्त लोगों को दिसम्बर माह में सितम्बर, अक्टूबर का बकाया भुगतान हेतु द्वितीय अनुपूरक में 535 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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शराबबंदी को लेकर कदम डगमगाए नहीं, जनता है साथ
Date : 2019-11-26
’नशा मुक्ति दिवस’ पर ज्ञानभवन में आयोजित राजकीय समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी का निर्णय कोई समान्य निर्णय नहीं था। इसे इतिहास याद रखेगा। सरकार का कदम कभी डगमगाए नहीं,क्योंकि बिहार की जनता साथ है। बिहार सहित देश के पांच राज्यों में शराबबंदी है। बिहार की सफलता को देख कर आंध्र प्रदेश में भी क्रमबद्ध तरीके से शराबबंदी की पहल शुरू की गई है।
श्री मोदी ने कहा कि केरल में शराब की सर्वाधिक खपत प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष 8.5 लीटर है। वहां की पूर्ववर्ती सरकार ने शराबबंदी का निर्णय लिया था मगर लेफ्ट की सरकार ने कदम पीछे हटा लिया है। आंध्र प्रदेश की जगमोहन रेड्डी सरकार ने दो वर्षों में क्रमबद्ध तरीके से शराबबंदी के निर्णय के तहत शराब की दुकानों के अधिग्रहण और उनकी संख्या कम करने के साथ बार, रेस्टुरेंट को साल में 1.5 करोड़ से अधिक की शराब की बिक्री पर रोक लगा दिया गया है।
बिहार में पंजाब, हरियाणा की तरह शराब पीने की कभी संस्कृति नहीं रही है। आज शराबबंदी का कुछ लोग उपहास जरूर उड़ा रहे हैं, मगर किसी में हिम्मत नहीं है कि वह शराब पी कर सड़कों पर निकले। अगर 5 से 10 वर्ष की और देरी होती तो बिहार में भी शराबबंदी मुश्किल हो जाती।
बिहार में जब शराबबंदी लागू की जा रही थी तो भाजपा विपक्ष में थी। इसके बावजूद समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि गांव और शहर सभी जगह जब पूर्ण शराबबंदी करे, तभी यह अभियान सफल होगा। शराब एक बुराई है। समाज में देव और दानव तथा अच्छाई और बुराई के बीच हमेशा जंग जारी रहेगी। इसका यह मतलब नहीं है कि बुराई का समर्थन किया जाए।
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सुख व दुख से अप्रभावित रहने वाला ही स्थिरप्रज्ञ है
Date : 2019-11-25
श्रीकृष्ण स्मारक हाॅल में आयोजित ‘अखिल भारतीय भगवद्गीता महासम्मेलन’ को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि ‘स्थिरप्रज्ञता’ वह स्थिति है जब हम दुख और सुख में तटस्थ रहें। जो स्थिरप्रज्ञ है वहीं सही व सर्वहित में निर्णय ले सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चर्चा करते हुए कहा कि एक बार उनसे पूछा कि विपरीत परिस्थितियों में भी वे कठिन निर्णय कैसे लेते हैं तो उन्होंने बताया कि ईश्वर ने उन्हें ऐसी शक्ति दी है कि विषम स्थितियां उन्हें विचलित नहीं करती है।
समस्त वैदिक धर्मों का सार गीता संशय और द्वंद्व से बाहर निकलने का मार्ग बताती है। सभी धर्म कहते हैं कि अहिंसा व सत्य बोलना, गुरुजनों की सेवा करना परम धर्म है, मगर आत्म व सम्मान तथा अन्य प्राणियों की रक्षा के लिए की जाने वाली हिंसा व असत्य संभाषण भी धर्म है। धर्म का मतलब पूजा-पाठ नहीं बल्कि कत्र्तव्य होता है।
श्री मोदी ने कहा कि महाभारत के कई प्रसंगों में धर्म पालन को लेकर उत्पन्न द्वंद्व का समाधान कर्म को प्रधानता देकर सुझाया गया है। अर्जन जब बंधु-बांधव के मोह, क्या करुं, ना करुं के संशय और कत्र्तव्य पालन के द्वंद्व में उलझ गए थे तो गीता के उपदेशों केे जरिए श्रीकृष्ण ने उनकी शंकाओं को समाधान किया था। गीता में कहा गया है कि आत्मा अजर, अमर है, जब उसकी नाश हो ही नहीं सकती तो फिर चिन्ता क्या?
चोरी करना पाप है, मगर महाभारत का ही प्रसंग है कि भूख से अपने प्राण की रक्षा के लिए विश्वामित्र ने चंडल के घर से कुत्ते के मांस की चोरी की। इसी लिए कहा गया है कि जब हम जिन्दा रहेंगे तभी धर्म की रक्षा कर पायेंगे। राजा शिवी और महर्षि दधीचि ने प्राणियों की रक्षा व असुर बकासूर के विनाश के लिए अपनी जंघा के मांस व अस्थियों को सर्वोत्तम दान किया। दरअसल गीता हमें सर्व कल्याण के लिए कत्र्तव्योन्मुख करने का श्रेष्ठ ज्ञान देती है।
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2005 के पहले गैर योजना मद में होता था बजट का 80 फीसदी खर्च
Date : 2019-11-24
बिहार प्रशासनिक सेवा संघ की आम सभा के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में 2005 के पहले वेतन, पेंशन व अन्य ग़ैरयोजना पर कुल बजट का 80 फीसदी और विकास कार्यों पर मात्र 20 प्रतिशत खर्च होता था, जबकि अब 2 लाख करोड़ के बजट में योजना व गैरयोजना मद में करीब बराबर-बराबर खर्च का प्रावधान है। 2005-06 में कुल बजट में योजना व्यय 4,898.68 करोड़ की तुलना में गैरयोजना व्यय 17,669 करोड़ यानी तीन गुना से भी ज्यादा था।
श्री मोदी ने कहा कि इस साल बिहार के 2 लाख 501 करोड़ के बजट में 99,110.01 करोड़ स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय (गैर योजना) एवं 1,01,391.00 करोड़ स्कीम यानी योजना व्यय प्रस्तावित है। स्थापना एवं प्रतिबद्ध मद से वेतन व पेंशन पर इस साल 2005-06 के 8,800 करोड़ की तुलना में करीब आठ गुना अधिक 70 हजार करोड़ खर्च होगा जिसमें ग्रांट आधारित शिक्षकों का वेतन भुगतान शामिल नहीं है।
उन्होंने कहा कि बिहार में फिलहाल सीएफएमएस के तहत 3.10 लाख नियमित कर्मचारियों को वेतन भुगतान किया जा रहा है। सरकारी सेवक शिकायत निवारण केन्द्र में कर्मियों की शिकायतों का 60 दिन में निष्पादन का प्रावधान है। अब तक आई 1526 शिकायतों में से 799 का निष्पादन किया जा चुका है।
सरकारी सेवकों को गरीबों के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत है। कोई गरीब किसी अधिकारी के पास जाएं तो वह वहां से वापस सम्मान और संतुष्टि के साथ निकले। नौकरशाही को रचनात्मक, नवोन्मेषी, गतिशील, प्रभावकारी, सक्षम, पारदर्शी, ऊर्जावान, विनम्र, संवेदनशील व कार्य निष्पादन में दक्ष होना चाहिए। अधिकारियों को केवल आंकड़ों पर नहीं उसके परिणाम पर ध्यान केन्द्रित करने की जरूरत है।
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पिछले 4 सालों में पटना की वायु गुणवत्ता इस साल अब तक बेहत्तर, उठाये गए हैं कई कदम
Date : 2019-11-23
बिहार सरकार, आद्री व अन्य संस्थाओं की ओर से तैयार ‘ कम्परहेंसिव क्लीन एयर एक्शन प्लान फाॅर दी सिटी आफ पटना’ रिपोर्ट को जारी करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पिछले 4 वर्षों में इस साल अब तक पटना की वायु गुणवत्ता काफी बेहतर हैं। जहां 2016 में 40 दिन सीवियर श्रेणी का रहा, वहीं इस साल अभी तक मात्र 16 दिन तथा बहुत खराब श्रेणी में पिछले साल 108 जबकि इस साल अभी तक मात्र 42 दिन रहा है। दिन में वायु की गुणवत्ता बेहतर रहती है जबकि ढंड बढ़ने पर रात में स्थिति खराब हो जाती है।
वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए पटना मंे 15 साल पुराने व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक, जनवरी 2021 से डीजल, पेट्रोल से चलने वाले थ्री व्हीलर पर प्रतिबंध, ई-रिक्शा को बढ़ावा हेतु रोड टैक्स में 50 फीसदी की रियायत, प्रदूषण जांच केन्द्रों की संख्या बढ़ाने, प्रदूषण प्रमाणपत्र के साथ गाड़ियों की जांच, सीएनजी स्टेशन की स्थापना, इलेक्ट्रिक वाहन को प्रोत्साहन, वायु माॅनिटरिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने सहित कई कदम उठाये गए हैं।
श्री मोदी ने कहा कि पटना और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिबंध के बाद 150 से अधिक 15 साल पुराने वाहनों को जब्त किया गया है। पटना के आस पास ईंट-भट्ठों पर रोक लगा दिया गया है। जनवरी, 2021 से पटना में डीजल, पेट्रोल चालित तिपहिया वाहनों पर रोक से पहले चालकों को सीएनजी में बदलने के लिए 40 हजार रुपये का अनुदान दिया जायेगा। पटना में वर्तमान में दो सीएनजी स्टेशन चालू हैं जिनकी संख्या मार्च तक बढ़ कर 10 हो जायेगी।
सतत वायु गुणवत्ता की माॅनिटरिंग के लिए वर्तमान में पटना में मात्र एक केन्द्र तारामंडल के पास है जबकि अगले एक महीने में पांच और माॅनिटरिंग सेंटर चालू हो जायेंगे। सभी जिलों में एक-एक वायु गुणवत्ता माॅनिटरिंग सेंटर स्थापित किए जायेंगे।
प्रदूषण जांच केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के साथ ही उसकी फी कम की जायेगी। पटना में दो मोबाइल प्रदूषण जांच वाहन की सेवा शुरू की गई है। वैसे, 1 अप्रैल, 2020 से बीएस-6 गाड़ियों के आने के बाद वायु प्रदूषण में कमी की संभावना है। वायु की गुणवत्ता प्रभावित होने के कतिपय प्रमुख कारकों में कार्बन उत्सर्जन, वाहनों की बढ़ती संख्या के अलावा मौसम, हवा की गति और दिशा, तापमान, आद्रता, वर्षा व वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आदि हैं।
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बिहार में माइक्रो फिनांस संस्थाओं की ऋण वापसी दर देश में सबसे बेहत्तर
Date : 2019-11-21
मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में बिहार में कार्यरत 45 माइक्रो फिनांस संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उपरोक्त संस्थाओं के ऋण वितरण के मामले में बिहार तमिलनाडु और कर्नाटक के बाद तीसरे स्थान पर है मगर यहां रिकवरी दर देश में सबसे बेहत्तर है। बिहार के गरीब ईमानदार हैं, इसी का परिणाम है कि महाराष्ट्र और तमिलनाडु में जहां माइक्रो फिनांस संस्थाओं की एनपीए दर 7 प्रतिशत वहीं बिहार में मात्र 0.3 फीसदी हैं।
संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बताया कि बिहार के 40 लाख को 13 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज और 10 हजार लोगों को रोजगार मुहैया कराया गया है। 2018-19 में 32 संस्थाओं द्वारा राज्य के 39 लाख लोगों को 7,991 करोड़ का ऋण दिया गया। 20 से 25 प्रतिशत ब्याज दर होने के बावजूद इनकी रिकवरी दर 99.7 प्रतिशत है। वहीं बैंकों द्वारा राज्य के 8 लाख 72 हजार स्वयं सहायता समूह को मात्र 4 प्रतिशत ब्याज दर पर दिए गए 8,281 करोड़ के ऋण की वापसी दर भी 98 से 99 फीसदी है।
श्री मोदी ने कहा कि आरबीआई के कानून से नियंत्रित माइक्रो फिनांस संस्थाएं चिट फंड कम्पनियों से बिल्कुल अलग हैं। ये जमा नहीं लेती, बल्कि जरूरतमंदों को कर्ज देने का काम करती है। इनकी वजह से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों को बिना किसी माॅरगेज के 25 से 40 हजार तक के छोटे कर्ज आसानी से मिल जाते हैं जो उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद करता है। राज्य स्तरीय बैंकर्स कमिटी की बैठक में माइक्रो फिनांस संस्थाओं से दो प्रतिनिधियों को शामिल करने व इनके ऋण पर ब्याज अनुदान दिलाने के लिए भारत सरकार से पहल का उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया।
बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव डा. एस. सिद्धार्थ, नाबार्ड के सीजीएम अमिताभ लाल, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविन्द चैधरी और महिला विकास निगम की निदेशक एन विजय लक्ष्मी आदि शामिल थें।
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महा अभियान चला कर अगले साल एक दिन में लगाये जायेंगे 2.51 करोड़ पौधे
Date : 2019-11-21
अगले साल 09 अगस्त को महा अभियान के तहत एक दिन में 2.51 करोड़ पौधारोपण की तैयारी की समीक्षा के लिए अपने कार्यालय कक्ष में वन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने निर्देश दिया कि पंचायत से लेकर जिला स्तर तक पौधारोपण समिति गठित कर उसमें अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। महा अभियान को सफल बनाने के लिए वन व कृषि विभाग, उद्यान्न तथा कृषि विश्वविद्यालयों की नर्सरी में 7 करोड़ पौधे तैयार किए जाएंगे।
प्रत्येक पंचायत में 2 हजार पौधे लगाये जायेंगे और इसके लिए पंचायतों से पौधों की किस्म की पहले से जानकारी ली जायेगी। नर्सरियों को नजदीक की पंचायतों से टैग किया जायेगा ताकि मांग के अनुसार उन्हें समय पर पौधा उपलब्ध कराया जा सके।
तय किया गया है कि वन विभाग की ओर से 151.77 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मनरेगा के तहत 60 लाख, अन्य विभागों की ओर से 40 लाख व सामाजिक संस्थाओं की ओर से 5 लाख पौधारोपण एक दिन में किया जायेगा। सड़क,नहर, रेल लाइन के किनारे के अलावा वनभूमि पर भी 23 लाख से अधिक पौघे लगाये जायेंगे। मालूम हो कि इस साल वन महोत्व के दौरान बिहार में 1.32 करोड़ पौधारोपण किया गया है।
इस महा अभियान में जनसहभागिता सुनिश्चित करने के साथ ही इससे सरकार के विभिन्न प्रतिष्ठान, बैंक, स्कूल, काॅलेज व अन्य संस्थाओं को भी जोड़ा जायेगा। राज्य सरकार के अनेक विभागों, जीविका की दीदियों व बिहार में कार्यरत कम्पनियों यथा एयरटेल, बीपीसीएल, एनटीपीस, गेल, टाटा आदि से भी सीएसआर के तहत सहयोग लिया जायेगा।
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3 साल में बाढ़-सुखाड़ राहत पर 6 हजार करोड़ खर्च,विकास पर असर
Date : 2019-11-20
‘संवाद’ में आयोजित ‘जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि’ कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस साल जुलाई में औसत से 20 प्रतिशत अधिक, अगस्त में 51 प्रतिशत कम और सितम्बर में 82 फीसदी अधिक बारिश होने के कारण बिहार में कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न हुई।जलवायु परिवर्तन का विकास पर सीधा असर पड़ रहा है। पिछले तीन वर्षों (2017-19) में 5,962.64 करोड़ रुपये अनुग्रह राशि व फसल क्षति अनुदान के तौर पर खर्च करना पड़ा है। अगर जलवायु परिवर्तन के असर से बाढ़-सुखाड़ की स्थिति नहीं होती तो इतनी बड़ी राशि विकास के अन्य कार्यों पर खर्च होती।
इस साल दो बार आई बाढ़ से प्रभावित कुल 31 लाख परिवारों को 6-6 हजार की दर से 1,912 करोड़ अनुग्रह राशि तथा कुल 3,96,140 हेक्टेयर में फसल क्षति अनुदान के तौर पर 507.89 करोड़ का भुगतान किया जा रहा है। 2017 में आई अचानक बाढ़ के बाद 38 लाख परिवारों को अनुग्रह राशि मद में 6-6 हजार की दर से 2358.24 करोड़ का भुगतान किया गया था।
वहीं अल्पवर्षा के कारण पिछले तीन वर्षों में उत्पन्न सूखे के कारण किसानों को 1,184.51 करोड़ रुपये फसल क्षति अनुदान के रूप में दिया गया है। इस साल जहां अल्पवर्षा के कारण 3.79 लाख हेक्टेयर में धान की रोपनी नहीं हो पाई वहीं 2018 में अल्पवर्षा के कारण प्रदेश के 280 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित करना पड़ा था।
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दो बार बिल गिरने के बाद 1929 में मिला महिलाओं को वोट का अधिकार
Date : 2019-11-20
अधिवेशन भवन में विश्व बाल दिवस पर आयोजित ‘किशोर-किशोरी शिखर सम्मेलन’ के उद्घाटनकर्ता उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 1921 और 1925 में दो बार बिल गिरने के बाद 1929 में जाकर बिहार की बालिग महिलाओं को चुनाव में खड़ा होने का नहीं केवल मतदान का अधिकार मिला। बिहार में बाल विवाह के आंकड़ों में कमी आई है। 2005-06 में बाल विवाह की दर जहां 63 प्रतिशत थी वहीं 2015-16 में यह घट कर 42 फीसदी रह गयी है। बाल विवाह निषेद्य अभियान के बाद नया आंकड़ा आने पर यह दर और कम होगी।
श्री मोदी ने बच्चों से अपील की कि वे अपने अधिकार के साथ कत्र्तव्यों को भी जानें। अगर उनके पिता शराब पीते हो, बाल विवाह पर जोर दें,दहेज की मांग करें, बच्चों को पढ़ाई से रोके, बेटे और बेटी के बीच भेदभाव करें तो बच्चे उनके खिलाफ लड़ें। इसके साथ ही बच्चे यौन शोषण, स्कूल में पढ़ाई नहीं होने, मघ्यान्ह भोजन, पोशाक, छात्रवृति आदि में गड़बड़ी पर भी आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के लिए मूल बजट के अंग के तौर पर उन पर खर्च होने वाली राशि का अलग से प्रावधान कर रही है। 2018-19 में शादी नहीं करने वाली इंटर उत्तीर्ण 2,0798 लड़कियों को 10-10 हजार दिया गया। 2019-20 में इंटर उत्तीर्ण आवेदन करने वाली 3,6200 लड़कियों में से 2,71000 को उनके खाते में 10-10 हजार की राशि भेजी जा चुकी है। स्नातक करने वाली प्रत्येक लड़की को सरकार 25 हजार रुपये दे रही है।
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5 साल में खुले में शौच से मुक्त हुआ देश,बिहार में भी बना 1.13 करोड़ शौचालय
Date : 2019-11-19
विश्व शौचालय दिवस के मौके पर ग्रामीण विकास विभाग की ओर से अधिवेशन भवन में आयोजित ‘बिहार स्वच्छता संकल्प-2019’ समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े अभियान के तहत 60 महीने में 60 करोड़ आबादी के लिए 11 करोड़ से अधिक शौचालय का निर्माण कर पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। स्वप्रेरणा से 1.13 करोड़ शौचालय का निर्माण कर बिहार ने भी इस अभियान को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभाया है।
श्री मोदी ने कहा कि बिहार में 70 हजार से ज्यादा राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया व 52 हजार से ज्यादा स्वच्छताग्रहियों ने व्यवहार परिवर्तन के लिए मुहिम चलाया। 5 साल में असंभव प्रतीत होने वाला लक्ष्य हासिल कर गांधी की 150 वीं जयंती पर उनके सपनों को साकार किया गया है। डब्ल्यूएचओ की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार हर घर शौचालय के निर्माण से देश में 3 लाख लोगों को डायरिया से होने वाली मौत व प्रत्येक परिवार की चिकित्सा पर होने वाले औसत 50 हजार रुपये का खर्च बचा है।
02 अक्तूबर, 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘हर घर शौचालय’ अभियान शुरू किया तो बिहार के मात्र 25.9 प्रतिशत ग्रामीण घरों में शौचालय थे। आज लगभग शत-प्रतिशत घरों में शौचालय का निर्माण कर सभी पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। शौचालय निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जो इक्के-दुक्के छूट गये होंगे, बाढ़ या अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त हो गए होंगे ‘कोई पीछे न छूट जाय’ अभियान के तहत सरकार उनका दुबारा निर्माण करायेगी। लगातार प्रयास करना होगा कि जिनके घरों में शौचालय बन गया है वे फिर से खुले में शौच के लिए बाहर न जाने लगे।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता का एक चरण पूरा हुआ है, दूसरा चरण ठोस व तरल अपशिष्ठ प्रबंधन का है। 2020 में प्रदेश के 165 ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन का अभियान प्रारंभ किया जायेगा।
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जीएसटी का फर्जी निबंधन वालों के परिसर का होगा निरीक्षण
Date : 2019-11-19
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के 50 वाणिज्यकर अंचलों के 700 से अधिक करदाता कारोबारियों, कर सलाहकारों व अंकेक्षकों से जीएसटी से जुड़ी समस्याओं व सुझाव पर करीब ढाई घंटे तक चर्चा करने के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिना किसी कारोबार के जीएसटी का फर्जी निबंधन कराने वालों को चेताया। उन्होंने कहा कि सरकार एक अभियान चला कर वैसे लोगों के परिसर का निरीक्षण करेगी जो नया निबंधन तो करा लिए हैं मगर वास्तव में कोई कारोबार नहीं करते हैं।
श्री मोदी ने बताया कि अभी तक 98 ऐसे करदाता पाए गए हैं जिनका कोई अस्तित्व नहीं है। ऐसे लोग कागज पर ही 1,921 करोड़ से अधिक का माल मंगा कर 419 करोड़ की करवंचना की है। 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं जिनमें फर्जी कारोबारियों के साथ सीए भी शामिल हैं। इसके साथ ही छह माह तक लगातार विवरणी दाखिल नहीं करने वाले 7,368 कारोबारियों के निबंधन को रद्द किया गया है।
बिहार में 2018-19 की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष के 8 महीने में जीएसटी संग्रह में 6.73 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अक्तूबर तक 91,748 करोड़ के उपभोक्ता सामग्री बिहार में बिकने के लिए मंगाए गए जो पिछले साल की इसी अवधि से 3 प्रतिशत अधिक है। इनमें सर्वाधिक 8,242 करोड़ का आयरन एंड स्टील, 3,475 करोड़ का मोबाइल व फोन, 3,409 करोड़ के दो व तीन पहिया वाहन और 3,325 करोड़ के सीमेंट शामिल हैं।
20 लाख की जगह अब सालाना 40 लाख तक टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए निबंधन की अनिवार्यता नहीं होगी जबकि 20 लाख तक टर्नओवर वाले सेवा प्रदाताओं (Service Provider) को निबंधन कराना होगा। कम्पोजिशन स्कीम में शामिल कारोबारियों के लिए टर्नओवर की सीमा एक करोड़ से बढ़ा कर डेढ़ करोड़ कर दिया गया है जिन्हें मामूली हिसाब-किताब रख कर नाममात्र का निश्चित कर देना होता है।
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50 वाणिज्यकर अंचलों के व्यापारियों से आज वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे उपमुख्यमंत्री
Date : 2019-11-18
मंगलवार को पहली बार राज्य के 50 वाणिज्यकर अंचलों के व्यापारियों व कर सलाहकारों से जीएसटी के विभिन्न मुद्दों पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करेंगे। अभी तक साल में दो या तीन बार राज्य मुख्यालय में कारोबारियों की बैठक कर उनसे विभिन्न समस्याओं पर चर्चा व उनके सुझाव लिए जाते थे। इस नई पहल से व्यापारियों का समय व श्रम बचेगा। अपराह्न 12 से 02 बजे तक पुराना सचिवालय स्थित सभा कक्ष से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से जड़े प्रत्येक अंचल के 10 से 15 व्यापारी, अंकेक्षक और कर सलाहकार जीएसटी से जुडी समस्याओं पर अपने सुझाव रखेंगे।
श्री मोदी ने बताया कि 2 करोड़ तक टर्न ओवर वाले करदाताओं को वार्षिक विवरणी दाखिल करने से मुक्त कर दिया गया है तथा कतिपय कठिनाइयों को देखते हुए वार्षिक रिटर्न का सरलीकरण भी किया गया है। वार्षिक रिटर्न दाखिल करने हेतु वर्ष 2017-18 के लिए 31 दिसम्बर, 2019 और 2018-19 के लिए 31 मार्च,2020 तक समय बढ़ा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पहली अप्रैल, 2020 से पूरे देश में जीएसटी के तहत न्यू रिटर्न लागू हो रहा है। अगले 5 महीने तक अभियान चला कर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी करदाताओं को नये रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रशिक्षित कर वर्तमान रिटर्न के साथ ही उनसे प्रत्यक्ष न्यू रिटर्न भी दाखिल करायेंगे ताकि पहली अप्रैल से उसे दाखिल करने मंे वे दक्ष हो सके।
ज्ञातव्य है कि राज्य में जीएसटी लागू होने के बाद 2.72 लाख नए करदाता निबंधित हुए हैं जबकि कुल करदाताओं की संख्या 4.32 लाख हैं।
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