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भाजपा के सभी नेता,कार्यकर्ता मानव श्रृंखला में भाग लें
Date : 2020-01-17
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने भाजपा की सभी जिला से लेकर मंडल इकाइयों व मंच,मोरचा के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि 19 जनवरी को 11.30 से 12 बजे तक आयोजित मानव श्रृंखला में पूरी तत्परता से बड़ी संख्या में भाग लें और इस आयोजन को सफल बनायें। नेता द्धय ने सभी व्यापारियों, दुकानदार भाइयों, ठेला, रिक्शा, टेम्पू चालकों से भी अपील कि है कि अपनी-अपनी दुकानों, टेम्पू स्टैंड आदि के सामने खड़ा हो कर मानव श्रृंखला का हिस्सा बनें और इस आयोजन को सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग करें।
श्री मोदी ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली, बाल विवाह निषेद्य व नशा मुक्ति के अभियान को लेकर आयोजित मानव श्रृंखला का मकसद इससे जन-जन को जोड़ना है। अगले तीन साल में जन-जीवन-हरियाली अभियान पर सरकार 24,500 करोड़ खर्च कर तालाब,पोखर, आहर, पईन आदि का जीर्णोद्धार करेगी। रिमोट सेंसिंग के जरिए अब तक 1 लाख 43,293 तालाब व 3 लाख 13,230 कुंए की पहचान कर उनमें से 80 प्रतिशत का निरीक्षण कर जहां-जहां अतिक्रमण हैं उसे मुक्त करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा 8 करोड़ से अधिक पौघारोपण कर हरित आवरण में अभिवृद्धि, वर्षा जल का संचयन व भू-जल स्तर को रिचार्ज किया जायेगा। वैश्विक स्तर पर हो रहे जलवायु परिवर्तन से मुकाबला के लिए बिहार की यह मुहिम देश में मिसाल बनेगी।
उन्होंने कहा कि इसके पूर्व नशा मुक्ति और दहेज प्रथा-बाल विवाह निषेद्य के मुद्दे पर आयोजित मानव श्रृंखला करोड़ों लोगों की सहभागिता से सफल रहा है। इस बार पहले से अधिक संख्या में समाज के सभी वर्गों के लोग मानव श्रृंखला में शामिल होकर पिछले वर्षों के रिकार्ड को भी तोड़ेंगे।
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अगले साल से केवल आॅनलाइन जमा होगा भू-लगान
Date : 2020-01-17
सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अगले वित्तीय वर्ष से पूरी तरह से आॅनलाइन भू-लगान जमा कराने व लगान की राशि क्रेडिट, डेबिट कार्ड से भी स्वीकार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने भू अर्जन के प्रत्येक चरण की कार्रवाई व भूधारियों को किए जाने वाले भुगतान को कम्प्यूटराइज्ड करने व भविष्य में भूधारियों को होने वाले भू-मुआवजा के भुगतान को सीएफएमएस प्रणाली से जोड़ने का भी निर्देश दिया।
श्री मोदी ने बताया कि आॅनलाइन प्रक्रिया के कारण दाखिल-खारिज में काफी तेजी आई है। 2017-18 में दाखिल-खारिज के लिए जहां 13.41 लाख याचिकाएं आई थी वहीं 2019-20 में 25.25 लाख याचिकाएं प्राप्त र्हुइं जिसमें से 15 जनवरी 2020 तक 16.25 लाख (करीब 64 प्रतिशत) का निष्पादन किया जा चुका है। शेष का शीघ्र निष्पादन प्रक्रियाधीन है। इसके साथ ही 3.56 करोड़ जमाबंदी को डिजिटाइज्ड कर बिहार सरकार के वेबसाइट पर उसे प्रकाशित किया जा चुका है।
राज्य के सभी अंचलों को आॅनलाइन भू-लगान भुगतान की प्रक्रिया से जोड़े जाने के कारण 2019-20 में 15 जनवरी तक 18.16 लाख भूधारियों ने आॅनलाइन लगान जमा किया जिससे 29.89 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। राज्य के प्रत्येक अंचल में इस साल फरवरी के अंत तक 4-4 डाटा इंट्री आॅपरेटर की सेवा उपलबध करा दी जायेगी ताकि भू-अभिलेखों के कम्प्यूटरीकृत संधारण, दाखिल-खारिज व अन्य कार्यों में तेजी आ सके।
समीक्षा बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह, वित्त सचिव राहुल सिंह के अलावा अन्य वरीय विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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इलेक्ट्राॅनिक कचरा संग्रह के लिए उत्पादक कंपनियां बाध्य हो
Date : 2020-01-16
केंद्रीय एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षदों/समितियों के देश भर से जुटे अध्यक्षों एवं सदस्य सचिवों के बिहार संग्रहालय में आयोजित दो दिवसीय 64 वें सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कचरा के निष्पादन हेतु इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां सभी राज्यों के बड़े शहरों में ई-वेस्ट संग्रह केंद्र स्थापित करने हेतु बाध्य हो। कंपनियां जिस मार्केटिंग चैनल से अपने उत्पाद लॉन्च और वितरण करती है, उसी द्वारा ई-वेस्ट संग्रह करें क्योंकि मध्यमवर्गीय परिवारों के घरों में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्राॅनिक व इलेक्ट्रिकल उपकरण जमा हो गए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती से आज बिहार के आधे से अधिक अस्पताल बायो मेडिकल कचरा का निष्पादन कर रही हैं। अस्पताल के कचरा डस्चार्ज की मात्रा, स्थल की उपलब्धता के अनुरूप मॉडल गाइडलाइन संसूचित करने की जरूरत है। बड़े अस्पतालों के लिए 75 किमी दूर निष्पादन के बजाय कैप्टिव की व्यवस्था हो।
जब तक पड़ोसी राज्य भी प्लास्टिक कैरी बैग प्रतिबंधित नहीं करते है तब तक किसी एक राज्य के प्रतिबंध लगाने से व्यवहारिक तौर पर उसे पूरी तरह से बंद करना संभव नहीं है। भारत सरकार पूरे देश में एक साथ सिंगल यूज प्लास्टिक व 50 माइक्रोन से कम के कैरी बैग के निर्माण, आयात, भंडारण और उपयोग को प्रतिबंधित करें तभी इसका सार्थक परिणाम सामने आ सकता है। रॉ मैटेरियल उत्पादक कंपनियांे पर भी कार्रवाई करने की जरूरत है।
ठोस कचरा प्रबंधन की दिशा में डोर-टू-डोर कचरा संग्रह के बावजूद सूखे और गीले कचरा की छंटनी और उनका निष्पादन एक बड़ी चुनौती है। कचरे से बिजली बनाने की बात तो होती है मगर इसकी तकनीक बहुत प्रभावी नहीं है। बिहार में ईंट-भट्ठों को नई जिग-जैग तकनीक में बदलने के बाद फ्लाई ऐश से ईंट बनाने के लिए भी व्यावहारिक स्थितियों को ध्यान में रखने की जरूरत है।
पर्यावरण सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। पर्यावरण की कीमत पर कोई विकास नहीं हो सकता है। बिहार सरकार 24 हजार करोड़ की लागत से जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 3 वर्षों में प्राकृतिक जल श्रोतों का जीर्णोद्धार व संरक्षण, वर्षा जल संचयन व सघन वृक्षारोपन का अभियान चला रही है।
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एक वर्ग विशेष को डरा कर वोट बैंक बचाने के लिए सीमांचल में यात्रा
Date : 2020-01-15
मकरसंक्रांति के अवसर पर विधान पार्षद व मुख्य सचेतक रजनीश कुमार के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज के बाद मीडिया से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नागरिकता कानून व एन सी आर पर एक वर्ग विशेष को डरा कर अपना वोट बैंक बचाने के लिए राजद सीमांचल में यात्रा निकाल रहा है। दरअसल , राजद और ओवैसी की पार्टी ए आई एम आई एम में होड़ है। एन डी ए विधान सभा में नागरिकता कानून व एन पी आर पर बहस के लिए तैयार है। महागठबंधन जहां नेतृत्व के मुद्दे पर बंटा हुआ है वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्पष्ट कर देने के बाद एन डी ए पूरी तरह से एकजुट है और आने वाले विधान सभा चुनाव में तीन चौथाई सीट पर जीत सुनिश्चित है।
श्री मोदी ने कहा कि किशनगंज विधान सभा सीट पर ओवैसी की पार्टी की जीत और विगत लोकसभा चुनाव में राजद के वोट बैंक के बिखराव के बाद एक वर्ग विशेष को डरा कर वोट बैंक बचाने के लिए राजद सीमांचल की यात्रा आयोजित कर रहा है।यात्रा का मकसद नागरिकता कानून का विरोध नहीं बल्कि वोट बैंक बचाने की घबड़ाहट है।
महागठबंधन जहां नेतृत्व सहित अन्य मुद्दों पर बिखराव का शिकार है वहीं एन डी ए पूरी तरह से एकजुट है। एन डी ए के घटक दल जदयू-भाजपा जब-जब मिलकर चुनाव लड़ा है चाहे वह 2005 व 2010 का विधान सभा चुनाव हो या 2009 और 2019 का लोकसभा चुनाव शानदार सफलता मिली है। आगामी बिहार विधान सभा चुनाव में भी एन डी ए तीन चौथाई सीटों पर सफलता हासिल कर एक बार फिर सरकार बनाएगी।
मंत्री संजय झा ने नागरिकता कानून पर जदयू के स्टैंड को स्पष्ट कर दिया है। एन पी आर, नागरिकता नहीं, जनसंख्या का रजिस्टर है जिसके लिए किसी से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। एन आर सी पर प्रधानमंत्री के स्पष्टीकरण के बावजूद कुछ लोग समाज में भ्रम फैला रहे हैं। एन डी ए नागरिकता कानून, एन पी आर आदि पर विधान सभा में बहस के लिए तैयार है। आगामी सत्र के प्रारम्भ में ही बहस हो ताकि सभी दलों को अपनी राय रखने का मौका मिले।
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भू-जल दोहन के नियंत्रण के लिए विधेयक लायेगी सरकार
Date : 2020-01-12
इंडियन वाटर वक्र्स एसोसिएशन के 52वें वार्षिक सम्मेलन के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार सरकार ‘भूजल संरक्षण विघेयक’ लाकर जमीन के नीचे के पानी के दोहन को नियंत्रित करेगी। 29 हजार करोड़ खर्च कर बिहार सरकार इस साल मार्च तक सभी घरों में पाइप के जरिए नल का जल उपलब्ध करा देगी। ‘जल जीवन मिशन’ के तहत 3 लाख 50 हजार करोड़ खर्च कर प्रधानमंत्री ने 2024 तक देश के सभी घरों में नल का जल पहुंचाने का निश्चय किया है।
श्री मोदी ने कहा कि पानी की प्रचूरता वाले राज्य बिहार में भी भू-जल संकट गहराता जा रहा है। पिछले साल गर्मियों में पहली बार दरभंगा, छपरा, वैशाली आदि जिलों में टैंकर से पानी पहुंचना पड़ा था। भू-जल स्तर नीचे गिरने से बड़ी संख्या में चापाकल ठप्प पड़ गए थे। राज्य के 38 में से 37 जिलों के पानी में आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन की समस्या है। 1 लाख 14 हजार वार्ड में से 31 हजार में गुणवत्तायुक्त पेयजल की आपूर्ति चुनौती बनी हुई है। पिछले एक दशक से ज्यादा से पानी को आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन मुक्त करने की तकनीक सफल साबित नहीं हुई है।
पेयजल का 75 प्रतिशत हिस्सा बाथरूम और रसोई घर से होकर गंदे पानी के तौर पर नालियों में बहा दिए जाते हैं। इस पानी के पुनः उपयोग की सस्ती तकनीक विकसित करने की जरूरत है। जमीनी जल स्तर को रिचार्ज और वर्षा जल को संचय करके ही पानी के संकट का सामना किया जा सकता है, क्योंकि पानी किसी प्रयोगशाला और फैक्ट्री में नहीं बनाया जा सकता है।
पूर्व के नीति निर्धारकों की गलतियों के कारण देश में पानी का अनियंत्रित दोहन हुआ है। पंजाब में धान तथा दक्षिण के राज्यों कर्नाटक आदि में गन्ना की खेती को प्रोत्साहित करने का ही नतीजा है कि वहां भू-जल स्तर तेजी से नीचे गिरा है। मुफ्त बिजली से किसानों ने पानी का अनियंत्रित दोहन किया नतीजतन आज पंजाब में भू-जल स्तर 600 से 700 फीट नीचे चला गया है। चेन्नई सहित देश के अनेक बड़े शहरों में गंभीर जल संकट है।
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अगले तीन महीने में जेम पोर्टल से 300 करोड़ की और खरीद करने का लक्ष्य
Date : 2020-01-09
अधिवेशन भवन में आयोजित जेम (GeM- Government-e-Market Place) संवाद को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अब तक जेम पोर्टल पर 704.31 करोड़ की खरीददारी कर बिहार पूरे देश में चैथे स्थान पर है। अगले तीन महीने में 300 करोड़ की और खरीददारी कर एक हजार करोड़ का लक्ष्य पूरा किया जायेगा। अब कोई भी खरीददारी राज्य जेम पोर्टल पुल खाते में राशि जमा करने के बाद ही की जायेगी ताकि भुगतान में परेशानी नहीं हो। अगले वर्ष जेम से खरीद का विस्तार जिला स्तर तक किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि नगर विकास व आवास विभाग खास कर नगर निकायों द्वारा सर्वाधिक 305 करोड़, समाज कल्याण 137 करोड़, गृह 118 करोड़,स्वास्थ्य 26, विज्ञान व प्राद्योगिकी 24 व शिक्षा विभाग की ओर से 21 करोड़ की आॅनलाइन खरीददारी जेम पोर्टल के जरिए की गयी है। समाज कल्याण द्वारा 94 करोड़ का स्मार्ट फोन व गृह विभाग की ओर से 91.50 करोड़ की गाड़ियों की खरीद की गई है जिनमें प्रति गाड़ी खुले बाजार की तूलना में 40 से 50 हजार की बचत हुई है।
इसके साथ ही माॅड्यूलर टाॅयलेट 34.36 करोड़, स्टील फ्रेम 29 करोड़, डस्टबीन 28 करोड़, ई-रिक्शा 16.45 करोड़ की खरीद के अलावा सेक्युरिटी मैन पावर 88 लाख, भाड़े पर गाड़ियां 55.27 लाख व मानव संसाधन आउटसोर्सिंग की सेवाएं 66.81 लाख की जेम के जरिए ली गयी है। जेम पोर्टल पर बिहार के 3,871 बिक्रेता व सेवा प्रदाता निबंधित है जिनसे 156 करोड़ की खरीद की गयी है।
प्रधानमंत्री द्वारा पारदर्शिता के साथ आॅनलाइन सरकारी खरीद के लिए यह एक नया प्रयोग शुरू किया गया है। इसके जरिए कोई भी बिक्रेता कहीं भी अपना सामान बेच सकता है। स्थानीय बिक्रेताओं, एमएसएमई,एससी/एसटी, महिलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ स्वयं सहायता समूह, लोक कलाकारों, राज्य सरकार के इम्पोरियम आदि से भी खरीद की व्यवस्था तथा निजी प्रतिष्ठानों को भी इसके जरिए थोक खरीद की सुविधा मिलनी चाहिए।
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पटना स्मार्ट सिटी बोर्ड परियोजनाओं की करें पुनर्समीक्षा
Date : 2020-01-07
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में ‘नमामि गंगे’ व ‘पटना स्मार्ट सिटी’ के तहत पटना में कार्यान्वित हो रही परियोजनाओं की नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा, सचिव आनन्द किशोर व बुडको के अन्य वरीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पटना स्मार्ट सिटी बोर्ड को कार्यान्वित परियोजनाओं की पुनर्समीक्षा करने तथा नमामि गंगे के तहत तेजी से घरों को सिवरेज नेटवर्क से जोडने़ व चल रही योजनाओं को हर हाल में 30 जून के पहले पूरा करने का निर्देश दिया।
श्री मोदी ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को पथ निर्माण विभाग पुनस्र्थापित करेगा और इसकी राशि की भरपाई परियोजना के तहत की जायेगी। करमलीचक एसटीपी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बेऊर, सैदपुर और पहाड़ी एसटीपी का कार्य करीब 90 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। तेजी से सिवरेज नेटवर्क का कार्य पूरा करने व घरों की जल-मल निकासी को उससे जोड़ने का उन्होंने निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 6.75 करोड़ की लागत से अदालतगंज तालाब का पुनरोद्धार, म्युजिकल फाउंटेन व पाथवे आदि का निर्माण कार्य 30 जून तक पूरा कर लिया जायेगा। मंदिरी, बाकरगंज सहित पटना के किसी भी बड़े नालों को ढका नहीं जायेगा। गांधी मैदान में 6.98 करोड़ की लागत से मेगा साइज स्क्रीन लगाने का काम पूरा हो चुका है।
पटना की 28 जगहों पर जन सेवा केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से प्रत्येक की लागत 43 लाख होगी। इस केन्द्र से नागरिकों को सभी तरह की तकनीकी सेवा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही उन्होंने इंटेग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा वीरचंद पटेल पथ को स्मार्ट रोड बनाने के काम की प्रगति की भी जानकारी ली।
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पवित्र ननकाना साहिब पर हमले के बाद सीएए विरोधियों की जुबान बंद क्यों
Date : 2020-01-05
नागरिकता संशोधन कानून .2019 (सीएए) को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए भाजपा द्वारा शुरू किए गए देशव्यापी जनसम्पर्क अभियान का पटना के दीघा विधान सभा क्षेत्र से आगाज करते हुए उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हाल में हुई ननकाना साहिब (पाकिस्तान) की घटना के बाद यह साबित हो गया है कि नागरिकता संशोधन कानून सही समय पर लिया गया एक उचित निर्णय है। सीएए का विरोध करने वाले राजद, कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियां सिखों के पवित्र गुरूद्ववारे पर हमले के बाद चुप्पी क्यों साध लिए हैं? सीसीए का विरोध करने वालों को ननकाना साहिब से बड़ा और क्या प्रमाण चाहिए?
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्थित सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल ननकाना साहिब गुरुद्ववारे का नाम तब्दील कर ‘गुलामे मुस्ताफा’ करने के लिए पथराव व हमले किए गए। जगजीत कौर नाम की एक लड़की का अपहरण कर जबरन धर्मांतरण कराया गया और एक मुस्लिम से उसकी शादी कराई गई। पिछले 70 वर्षों से पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों को इसी तरह की प्रताड़ना का शिकार होते रहना पड़ा है। आखिर नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले राजद, कांग्रेस व अन्य विपक्षी नेताओं ममता बनर्जी, अरविन्द केजरीवाल को वहां के अल्पसंख्यकों पर धार्मिक अत्याचार, प्रताड़ना के और कितने प्रमाण चाहिए?
सीएए पाकिस्तान, बंग्लादेश व अफगानिस्तान से 31 दिसम्बर, 2014 तक भारत में आए शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए है न कि किसी की नागरिकता लेने के लिए है। वोट की राजनीति के तहत कांग्रेस, राजद व अन्य विपक्षियों ने विशेष कर मुसलमानों के बीच दुष्प्रचार किया ताकि देश का माहौल खराब हो। मगर यह भ्रमजाल काफी हद तक छंट चुका चुका है। भाजपा इस अभियान के तहत देश के 3 करोड़ घरों में सम्पर्क कर गलतफहमी दूर करेगी।
भारत विभाजन के बाद धार्मिक अल्पसंख्यकों को दोनों देशों मंे सुरक्षा देने के लिए 1950 में नेहरू-लियाकत समझौता हुआ। भारत तो उस समझौते का पालन करता रहा, मगर इस्लामिक राज्य घोषित पाकिस्तान,बंग्लादेश (तब पूर्वी पाकिस्तान) और आफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों को धार्मिक प्रताड़ना, अत्याचार का शिकार हो कर बड़ी संख्या में भारत में शरण लेने के लिए विवश होना पड़ा। 1951 में पूर्वी पाकिस्तान में 22 प्रतिशत हिन्दू थे जो 2011 में घट कर मात्र 8.5 फीसदी रह गए। इसी प्रकार पाकिस्तान की हिन्दू आबादी इसी अवधि में 13.5 से घट कर 1.5 प्रतिशत रह गयी। हाल में हुई ननकाना साहेब की घटना से धार्मिक प्रताड़ना की भयावहता को समझा जा सकता है।
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महाराजा कमल सिंह के निधन पर उपमुख्यमंत्री ने जताया शोक
Date : 2020-01-05
आजाद भारत के प्रथम संसद के सांसद और डुमरांव के महाराजा कमल बहादुर सिंह के निधन पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
श्री मोदी ने बताया कि महाराजा कमल सिंह का पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से घनिष्ठ संबंध था और वाजपेयी जी के प्रभाव के कारण ही उन्होंने जनसंघ की सदस्यता ग्रहण की थी। कमल सिंह का स्वतंत्रता के बाद शाहाबाद क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य के विकास और सामाजिक कार्यों में अहम योगदान रहा।
पूर्व सांसद कमल बहादुर सिंह जीवन पर्यंत समाज के विभिन्न क्षेत्रों खास कर शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए अपने विशिष्ट योगदान के लिए हमेशा याद किए जायेंगे। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति व उनके परिजनों, शुभचिन्तकों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
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उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी के प्रेसवार्ता के मुख्य बिन्दु
Date : 2020-01-04
*     पाकिस्तान में किस प्रकार धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जाता है इसका हालिया उदाहरण ननकाना साहिब में जगजीत कौर का अपहरण के बाद धर्मान्तरण और पाक मुस्लिमों द्वारा गुरूद्वारा पर हमला और धमकी की इसको गिराकर मस्जिद बना दी जाएगी।
*     नागरिकता संशोधन विधेयक ऐसे ही धार्मिक कारणों से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने से संबंधित है।
*     इसी धार्मिक प्रताड़ना के कारण उपरोक्त तीन देशों में अल्पसंख्यको की आबादी लगातार घटती जा रही है।
*   हिन्दु जनसंख्या
1947  2011
पाकिस्तान 23% 3.7%
बंगलादेश 22% 7.8%
अफगानिस्तान 1992 में दो लाख हिन्दु और सिक्ख 2018 में सिर्फ 500 रह गए।
*     बिहार में भी 1947 के बाद 3,50,000 हिन्दु शरणार्थी आए जिन्हें मुख्यतः चम्पारण, पूर्णियां, कटिहार, भागलपुर में बसाया गया एवं कुछ लोगों को अररिया, सहरसा, गया, दरभंगा में बसाया गया।
*     बिहार सरकार के आदेश पर आद्री द्वारा 2009 में 10,536 परिवार के 50,238 बंगाली हिन्दुओं का सर्वेक्षण किया गया जिसमें अधिकांश अनुसूचित जाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पाए गए।
  इन अधिकांश शरणार्थियों को कांग्रेस के कार्यकाल में जमीन आवंटित की गई और बसाया गया।
*     1964 में बड़ी संख्या में म्यांमार से हिन्दु आए जिन्हें बिहार कटिहार, पूर्णियां, अररिया और समस्तीपुर में जमीन सहित बसाया गया।
*     वर्तमान में बिहार में एक भी उपरोक्त तीन देशों के प्रताड़ित एक भी नागरिक नहीं हैं फिर भी बिहार में बंद ,हिंसक प्रदर्शन का कार्यक्रम राजद व कांग्रेस के द्वारा किया जा रहा है।
*     अनुसूचित जाति/जनजाति को आरक्षण देना या भारत में अल्पसंख्यकों को अपने शिक्षण संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार (धारा 30) का अर्थ नहीं है कि आरक्षण सवर्णो के साथ भेदभाव है या धारा 30 हिन्दुओं के साथ भेदभाव करता है।
*     इसी कारण पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सीपीएम नेता प्रकाश करात, वासुदेव आचार्य आदि समय-समस पर मांग करते रहें है कि पाकिस्तान, बंगलादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता दी जाए।
    राष्टीय जनसंख्या रजिस्टर-
*     यूपीए सरकार के ही दौरान एक अप्रैल 2010 से 30 सितम्बर 2010 तक NPR बनाने का निर्णय  लिया गया।
*     2015 में इस NPR को इस आधार से जोड़कर डाटा को  Update किया गया।
*     NPR 2020- UPA के समय में लिए गए निर्णय के अनुरूप अप्रैल-सितम्बर 2020 में  Census 2021 के मकान सूचीकरण एवं मकान गणना चरण के साथ NPR Database को अद्यतन करने का निर्णय लिया गया है।
*     NPR 2010 को ही 2020 में अद्यतन किया जा रहा है। कोई नया रजिस्टर तैयार नहीं किया जा रहा है।
*     यह जनगणना का ही एक हिस्सा है जिससे कोई राज्य इंकार नहीं कर सकता है।
*     NPR में कोई दस्तावेज/प्रमाणपत्र नहीं लिया जाना है।
*     NPR का निर्माण एक वैधानिक कार्रवाई है जिसे कोई भी राज्य इंकार नहीं कर सकता है।
*     जनगणना कार्य से इंकार करने पर सरकारी अधिकारी के लिए अर्थदंड के साथ तीन साल की सजा का प्रावधान है।
*     उसी प्रकार NPR कार्य से इंकार करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ एक हजार दंड का प्रावधान है।
*     बिहार में NPR का कार्य 15 मई से 28 मई 2020 के दौरान जनगणना के प्रथम चरण मकान सूची करण एवं मकान गणना के साथ किया जाएगा।
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साल 2020 एनडीए की सफलता का नया कीर्तिमान गढ़ेगा
Date : 2020-01-01
नए साल के पहले दिन 5, देशरत्न मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर मंत्रियों,सांसदों, विधायकों, उद्योग-व्यवसाय की संस्थाओं के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियांे, भाजपा के नेता व कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात कर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने देश व राज्य की समृद्धि, खुशहाली व प्रगति की कामना करते हुए शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नया साल 2020 बिहार में एनडीए की सफलता का नया कीर्तिमान गढ़ेगा। इसके बाद 1,अणे मार्ग स्थित आवास पर जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भेंट कर उन्हें नववर्ष की बधाई व शुभकामना दी।
श्री मोदी ने कहा कि जिस तरह से गुजरा साल 2019 में पूरे देश में भाजपा को जोरदार सफलता मिली और आम चुनाव मंे रिकार्ड जीत हासिल कर केन्द्र में दुबारा सरकार बनाने में एनडीए को सफलता मिली उसी प्रकार नया साल 2020 भी बिहार में एनडीए की शानदार सफलता का वर्ष होगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता विकास और सुशासन के लिए एक बार फिर एनडीए के पक्ष में गोलबंद होगी तथा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विकास के प्रतीक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़े जाने वाले चुनाव में पहले से भी अधिक सीटों पर जीत हासिल कर एक बार फिर बिहार में मजबूत और स्थायी सरकार का गठन करेगी।
श्री मोदी से मिल कर उन्हें शुभकामना देने वालों में मंत्री विनोद नारायण झा, राणा रणधीर सिंह, सांसद रामकृपाल यादव, विधायक अरूण कुमार सिन्हा, श्रीमती आशा सिन्हा व संजीव चौरसिया, बिहार चैम्बर आॅफ काॅमर्स के अध्यक्ष पी के अग्रवाल, ओ पी शाह, बिहार इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान, मनीष कुमार तिवारी पदाधिकारियों मे पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, वाणिज्य कर विभाग की सचिव सह आयुक्त प्रतीमा बर्मा, वित विभाग के संयुक्त सचिव उदयन मिश्रा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक ए के पाण्डेय, आपदा प्रबंधन प्राधिकार के उपाध्यक्ष व्यास जी, जैव विविधता बोर्ड के चेयरमैन डी के शुक्ला के साथ ही बड़ी संख्या में भाजपा के नेता व कार्यकर्ता आदि शामिल थे।
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जनसंख्या रजिस्टर पर जानबूझ कर विवाद कर रहा विपक्ष
Date : 2019-12-29
‘राष्ट्रवादी कुशवाहा परिषद’ की ओर से भाजपा एमएलसी स्व. डा. सूरजनन्दन कुशवाहा की प्रथम प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान 2010 में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) बनाने का काम शुरू हुआ था, तब लालू प्रसाद सरकार में शामिल थे। 01 अप्रैल से 30 सितम्बर, 2010 तक एनपीआर का काम पूरा हुआ। 2021 की जनगणना के पूर्व अब इसे केवल अपडेट करना है। सभी राज्यों ने इसके लिए गजट नोटिफिकेशन कर दिया है तो कांग्रेस, राजद सहित तमाम विपक्षी पार्टियां जानबूझ कर विवाद पैदा कर रही है।
श्री मोदी ने कहा कि जब यूपीए सरकार एनपीआर बनाने पर काम कर रही थी, तब लालू प्रसाद ने इसका विरोध क्यों नहीं किया? अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह स्पष्ट कर चुके हैं कि एनपीआर का एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) से कोई संबंध नहीं है, एनपीआर बनाने के दौरान किसी से न कोई दस्तावेज मांगा जायेगा, न पहचान का प्रमाण देना है, तब लालू प्रसाद सहित कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियां समाज के एक वर्ग को गुमराह क्यों कर रही है? अगर विकास की योजनाएं बनाने के लिए जनसंख्या रजिस्टर बनाना यूपीए सरकार के दौरान सही था, तब यही काम एनडीए सरकार के समय गलत कैसे है?
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब बिहार, उत्तर प्रदेश में एक भी शरणार्थी नहीं है तो फिर यहां हिंसक विरोध क्या राजनीति से प्रेरित नहीं है। दुनिया के किसी भी मुल्क में धर्म के आधार पर सताए गए लोग चाहे वे यहूदी, पारसी, बहायी या बौद्ध हों, भारत ने न केवल उन्हें पनाह दिया बल्कि गले भी लगाया।
विरोध करने वाले बतायें कि पाकिस्तान, बंग्लादेश व अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के शिकार होकर आए हिन्दू सहित अन्य लोग कहां जाएं? इन देशों से 31 दिसम्बर, 2014 के पहले तक आए अल्पसंख्यकों को ही नागरिकता देने के लिए यह कानून लाया गया है। यहां रहने वाले किसी भी धर्म-सम्प्रदाय के लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ने वाला है। फिर इसका विरोध क्यों किया जा रहा है?
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फर्जी निबंधन व रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
Date : 2019-12-28
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि जीएसटी कर संग्रह में आ रही कमी के मद्देनजर चालू वित्तीय वर्ष के अंतिम तीन महीने में करवंचकों पर शिकंजा कसा जा रहा है। बड़े पैमाने पर फर्जी निबंधन को रद्द करने के साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए ऐसे करदाताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश भी दिया गया है।
श्री मोदी ने बताया कि छह महीना से अधिक से जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले 73,923 करदाताओं को चिन्हित किया गया है जिनमें से 6,995 का निबंधन रद्द कर दिया गया है। 31 दिसम्बर तक अभियान चला कर शेष सभी का निबंधन भी रद्द कर दिया जायेगा।
बिजनेस इंटेलिजेंस के द्वारा 84 ऐसे करदाताओं की पहचान की गई है जिन्होंने 1,921 करोड़ रुपये मूल्य के फर्जी बिल पर माॅल मंगाना दिखाया हैं। इनमें से 77 का निबंधन रद्द कर दिया गया है। फर्जी बिल और इनवाॅयस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश भी दिया गया है। इसके साथ ही लगातार दो कर अवधि का रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले 78,885 करदाताओं के ई-वे बिल को भी रोक दिया गया है।
बड़े पैमाने पर मिल रही शिकायतों के मद्देनजर नए निबंधन करा कर फर्जी बिल के आधार पर खास कर आयरन एंड स्टील, कोयला, तम्बाकू व पान मसाला आदि के व्यापार दिखाने वाले 6,117 ऐसे करदाता चिन्हित किए गए हैं जिनके परिसर का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इनमें से अब तक 594 के निरीक्षण में 44 फर्जी पाए गए हैं।
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यूपीए सरकार ने शुरू किया था एनपीआर पर काम, मंत्री लालू प्रसाद चुप क्यों रहे?
Date : 2019-12-27
उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) बनाने का काम उस समय शुरू हुआ था, जब लालू प्रसाद तत्कालीन यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। लालू प्रसाद उस समय इतने ताकतवर थे कि राष्ट्रपति कलाम को विदेश प्रवास के समय आधी रात को जगा कर बिहार विधानसभा को भंग करने के आदेश पर दस्तखत करा लिए गए थे। श्री मोदी ने कहा कि जब यूपीए सरकार एनपीआर बनाने पर काम कर रही थी, तब लालू प्रसाद ने इसका विरोध क्यों नहीं किया? अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह स्पष्ट कर चुके हैं कि एनपीआर का एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) से कोई संबंध नहीं है, तब लालू प्रसाद समाज के एक वर्ग को गुमराह कर तनाव फैलाने पर क्यों तुले हैं?
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के गृहमंत्री पी चिदम्बरम ने कहा था कि एनपीआर के बाद एनआरसी पर काम शुरू होगा, लेकिन तब सरकार में शामिल लालू प्रसाद ने चुप्पी क्यों साधी ?
उप मुख्यमंत्री मोदी ने कहा कि एनपीआर बनाने के दौरान जब किसी से न कोई दस्तावेज मांगा जाना है, न पहचान का प्रमाण देना है, तब लालू प्रसाद और कांग्रेस के लोग इसका हौव्वा खड़ा कर वोटबैंक की राजनीति क्यों कर रहे हैं?
अगर विकास की योजनाएं बनाने के लिए जनसंख्या रजिस्टर बनाना यूपीए सरकार के समय सही था, तब यही काम एनडीए सरकार के समय गलत क्यों बताया जा रहा है?
दरअसल, लालू प्रसाद को विकास नहीं, सिर्फ समाज को बांट कर सत्ता पाने वाली राजनीति पसंद है।
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प्र.मं.सुरक्षा व जीवन ज्योति बीमा योजना के दावों का शीघ्र करें निष्पादन
Date : 2019-12-26
बिहार में प्रधानमंत्री सुरक्षा व जीवन ज्योति बीमा तथा अटल पेंशन योजना की एलआईसी, नेशनल इंश्योरेंस व बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ मुख्य सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में समीक्षा के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बीमा योजना के अन्तर्गत दावों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गुजरात में बीमा योजनाओं के अन्तर्गत 86 लाख बीमित हैं जबकि वहां 267 करोड़, राजस्थान मंे 78 लाख जबकि 210 करोड़ और छतीसगढ़ में 65 लाख बीमित हैं जबकि वहां दावों के एवज में 145 करोड़ का भुगतान किया गया है वहीं बिहार में मार्च 2019 तक 74.78 लाख बीमित तथा अटल पेंशन योजना में 17.56 लाख शामिल हैं जबकि यहां 5,278 दावों के विरुद्ध मात्र 66 करोड़ का ही भुगतान किया गया है।
उन्होंने कहा कि हाल में हुई राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक में बिहार सरकार के हस्तक्षेप के बाद जीविका के तहत जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमित 21.96 लाख स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के प्रीमियम की शेष आधी राशि एलआईसी के जरिए जमा करने का निर्देश केन्द्र सरकार ने दिया है। इस योजना के अन्तर्गत प्रीमियम की आधी राशि लाभार्थी व शेष आधी राशि केन्द्र सरकार की ओर से जमा कराने का प्रावधान है।
बैठक में अधिकारियों ने अटल पेंशन योजना सहित दोनों बीमा योजनाओं में शामिल होने व कवरेज की उम्र सीमा बढ़ाने तथा बीमा कराने के 45 दिन के अंदर बीमा का लाभ नहीं देने की बाध्यता को समाप्त करने का सुझाव दिया। उपमुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इन मुद्दों पर वे केन्द्र सरकार से बात करेंगे। उन्होंने बैंकों के अधिकारियों से दोनों बीमा योजनाओं में अधिक से अधिक खाताधारकों को शामिल करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया।
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जीएसटी से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए बिहार सहित सभी राज्यों में गठित होंगी समितियां
Date : 2019-12-23
जीएसटी आईटी से जुड़े मंत्री समूह की बंगलुरू में हुई 13 वीं बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि बिहार सहित सभी राज्यों में शिकायत निवारण समितियों का गठन का निर्णय लिया गया है जो जीएसटी से जुड़ी शिकायतों का निवारण करेंगी। इनमें केन्द्र व राज्यों के पदाधिकारियों के साथ उद्योग,व्यापार और कर सलाहकारों के अधिकतम 12 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा बैठक में पहली अप्रैल से लागू हाने वाली नई कर विवरणी के प्रारूप तथा इलेक्ट्राॅनिक इनवाॅयस आदि की भी विस्तृत समीक्षा की गयी।
01 अप्रैल 2020 से लागू हो रही नई कर विवरणी में 5 करोड़ से कम टर्नओवर वालों के लिए मासिक के बजाए त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने का विकल्प रहेगा। इसके साथ ही 100 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वालों को 01 अप्रैल से अनिवार्य इलेक्ट्राॅनिक इनवाॅयस निर्गत करेंगे जिससे उनका रिटर्न, ई-वे बिल आदि स्वतः तैयार हो जायेगा। इसकी सफलता के बाद 100 करोड़ से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए भी इसे शुरू किया जायेगा।
श्री मोदी ने बताया कि अभी तक पूरे देश में 24 लाख 86 हजार बिना पता के फर्जी और रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले करदाताओं के निबंधन को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही 3 लाख 47 हजार वैसे करदाताओं के ई-वे बिल को रोक दिया गया है जिन्होंने लगातर दो महीने तक कर विवरणी दाखिल नहीं किया है। ऐसे कारोबारी बाहर से कोई माल नहीं मंगा पायेंगे।
डेढ़ करोड़ से कम टर्नओवर वाले करदाताओं को 8 प्रकार के एकाउंटिंग साॅफ्टवेयर मुफ्त में उपलब्ध कराया जायेगा जिससे उन्हें इनकम टैक्स व जीएसटी रिटर्न तैयार करना आसान हो जायेगा। इसके अलावा जिन लोगों ने नगद लेजर के गलत शीर्ष में पैसा जमा करा दिया है वे जनवरी के तीसरे सप्ताह से उसे एक से दूसरे शीर्ष में बदल सकते हैं। इससे करीब 2 लाख करदाताओं को लाभ मिलेगा।
मंत्रीसमूह की बैठक में कर्नाटक के गृहमंत्री सर्वश्री बसवराज बोम्मई, ओडिशा से वित्तमंत्री निरंजन पुजारी व हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला आदि भी उपस्थित थे।
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दुष्प्रचार कर अल्पसंख्यकों को बरगला रही हैं विपक्षी पार्टियां
Date : 2019-12-22
भाजपा प्रदेश परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष को बधाई दी और कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर राजद, कांग्रेस व वामपंथी पार्टियां दुष्प्रचार कर राज्य व देश के अलपसंख्यकों के बीच भ्रम फैला रही है। यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। भाजपा बड़े पैमाने पर जन सम्पर्क अभियान चला कर बुनी जा रही भ्रम जाल को तोड़ेगी। राजद के बंद के दौरान बिहार में बड़े पैमाने पर हिंसा व लूटपाट हुई। नेता प्रतिपक्ष के इशारे पर पत्रकारों के कैमरे तोड़े गए और उन पर हमले हुए। क्या राजद भागलपुर के कार्यकर्ताओं की तरह नेता प्रतिपक्ष पर भी कार्रवाई करेगा और पत्रकारों को इलाज के खर्चें व तोड़े गए कैमरों की क्षति की भरपाई करेगी?
श्री मोदी ने कहा कि 2003 में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मनमोहन सिंह ने नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन किया था। संसद में मनमोहन सिंह ने बयान दिया था कि-‘ बंटवारे के बाद बंग्लादेश में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा है। यह हमारा नैतिक दायित्व है कि दुर्भाग्यशाली नागरिकों को भारत में शरण लेना पड़ता है तो हमारा दृष्टिकोण इन्हें नागरिकता देने में और लिबरल होना चाहिए।’ अटल जी की सरकार के दौरान नागरिकता संशोधन के लिए बने रुल्स को 3 साल तक मनमोहन सरकार ने कायम रखा।
सीपीएम के महासचिव प्रकाश करात ने 2012 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिख कर कहा था कि बंग्लादेश के शरणार्थियों को नागरिकता मिलनी चाहिए क्योंकि उनमें अधिकांश मांझी और अनुसूचित जाति के हैं, तब वह ठीक था और आज जब नरेद्र मोदी की सरकार ने हिन्दुओं के साथ अन्य पांच अल्पसंख्यकों बौद्ध, सिख, ईसाई,जैन और पारसी समुदाय को इस कानून में शामिल कर लिया है तो यह भेदभाव और धार्मिक अन्याय कैसे हो गया?
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फर्जी कम्पनियों ने की 45 हजार करोड़ की करवंचना,17 लाख का निबंधन रद्द
Date : 2019-12-21
उद्योग-व्यापार से जुड़ी देश की सबसे बड़ी संस्था फिक्की (FICCI) के नई दिल्ली में आयोजित 92 वें वार्षिक सम्मेलन में देश के 500 से अधिक प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि फर्जी कम्पनियों के माध्यम से जीएसटी के अन्तर्गत फेक इन्वाॅयस के जरिए 45 हजार करोड़ की करवंचना का मामला प्रकाश में आया है। इस पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने पूरे देश में जहां 17 लाख कम्पनियों के निबंधन को रद्द कर दिया है वहीं दो महीने से ज्यादा समय तक जीएसटी आर-1 और 3 बी दाखिल नहीं करने वाले 2.5 लाख करदाताओं के ई-वे बिल को रोक दिया है।
उन्होंने उद्योगपतियों, व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि तत्कालिक आर्थिक सुस्ती के दौर में बाजार की खपत बढ़ाने के लिए जीएसटी कौंसिल ने फिलहाल किसी भी वस्तु के कर की दर को बढ़ाने से इनकार कर दिया है।
इसके साथ ही करवंचना रोकने और फर्जी कम्पनियों पर रोक हेतु नए निबंधन के लिए आधार अनिवार्य किया जा रहा है। पुराने निबंधित करदाताओं को भी आधार से जोड़ा जायेगा। इसके अलावा नए निबंधित करदाताओं के परिसर का भौतिक परीक्षण कराया जा रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि 01 अप्रैल, 2020 से जीएसटी के अन्तर्गत नई कर विवरणी लागू की जा रही है। इसके अन्तर्गत इनपुट टैक्स क्रेडिट का वेरीफिकेशन किया जा सकेगा। इसके साथ ही करवंचना रोकने के लिए 100 करोड़ टर्नओवर से अधिक के करदाताओं के लिए इलेक्ट्राॅनिक इनवाॅयस और क्यूआर कोड अनिवार्य किया जा रहा है।
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इको फ्रेंडली सड़कों के डिजायन व निर्माण पर इंजीनियर करें विचार
Date : 2019-12-20
बापू सभागार में आयोजित ‘इंडियन रोड कांग्रेस’ के 80 वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इंजीनियरों को पर्यावरण के अनुकूल इको फ्रेंडली सड़कों के निर्माण व डिजायन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। बिहार में 15 वर्षो तक जिन लोगों ने राज किया उनके कार्यकाल में सड़कों पर मात्र 6 हजार करोड़ रुपये खर्च किया गया जबकि एनडीए के 14 वर्षों में 1.40 लाख करोड़ खर्च किया गया है। केवल इस साल सड़कों पर 18 हजार करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान है।
बिहार में सड़कों के निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पेड़ों को काटने के बजाय दूसरी जगह प्रत्यारोपित करने का प्रयोग किया गया है। पटना के आर ब्लाॅक-दीघा रोड में यह सफल रहा है। इंजीनियरों से अपील की कि वे ऐसी डिजायन व तकनीक अपनाएं तथा एलाइनमेंट तैयार करें कि पेडों को़ काटे बिना निर्माण हो। इसके साथ ही निर्माण कराने वाले ठीकेदार को ही पेड़ लगाने की जिम्मेवारी दी जाए। भवन व पथ निर्माण विभाग में सड़कों के किनारे लगाए गए पेड़ों की देखभाल के लिए ‘ग्रीन कम्पोनेंट फंड’ का प्रावधान किया गया है। वर्षा जल को संरक्षित कर भूजल को रिचार्ज करने की व्यवस्था व बाढ़ से सड़कों का बचाव भी अहम है।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत पर चिन्ता जताते हुए कहा कि हर साल देश में डेढ़ लाख से ज्यादा लोग दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। एनएच पर 35 व राज्य उच्च पथों पर 26 फीसदी जबकि अत्यधिक गति के कारण 66 प्रतिशत दुर्घटनाएं होती हैं। 2017 में बिहार में 5,554 लोग सड़क दुर्घटना में मारे गए थे। सड़कों व पुलों की डिजायन ऐसी हो कि यातायात निर्बाध व दुर्घटनारहित हो।
दिल्ली में 18 प्रतिशत गाड़ियों के सिग्नल पर 1 से 3 मिनट तक रूकने से एक दिन में 7 लाख ली. पेट्रोल व 3.70 लाख ली. डीजल की बर्बादी के साथ ही भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होता है। अनेक देशों में 30 सेकेंड से ज्यादा गाड़ी रोकने पर इंजन को बंद करने का कानूनी प्रावधान है। ईंधन की बर्बादी रोकने के लिए भारत में भी इस प्रकार का कानून बनना चाहिए।
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जीएसडीपी के 3 की जगह 4 प्रतिशत तक कर्ज लेने का प्रावधान करें केन्द्र
Date : 2019-12-19
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने वर्तमान आर्थिक सुस्ती के मद्देनजर खपत बढ़ाने व मांगो को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार से राज्य सकल घरेलु उत्पाद (जीएसडीपी) के 3 की जगह 4 प्रतिशत तक कर्ज लेने की राज्यों को अनुमति देने की मांग की है। इसके साथ ही पूर्व के वर्षों में लिए गए राष्ट्रीय लघु बचत ऋणों को समय पूर्व चुकाने या ब्याज दर कम करने, खुले बाजार से कर्ज लेने की साल के शुरू में ही अनुमति देने व अन्तरराष्ट्रीय संस्थाओं से डाॅलर की जगह भारतीय मुद्रा में कर्ज उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
श्री मोदी ने बताया कि जीएसडीपी के 3 प्रतिशत तक कर्ज लेने की बाध्यता के कारण 2019-20 में बिहार 18,515 करोड़ का कर्ज ले पायेगा, अगर 4 प्रतिशत तक का प्रावधान हो तो 6,171 करोड़ अतिरिक्त के साथ 24,686 करोड़ का कर्ज ले सकेगा, जिससे पूंजीगत व्यय बढ़ेगा, निर्माण कार्य मंे तेजी आएगी और इसका असर बाजार की मांग में बढ़त के रूप में सामने आएगा।
पूर्व के वर्षों में राष्ट्रीय लघु बचत (एनएसएसएफ) से लिए गए 19,630 करोड़ के कर्ज पर राज्य सरकार को 9.5 प्रतिशत की दर से ब्याज देना पड़ रहा है जबकि अन्य स्रोतों से लिए गए कर्जों की औसत ब्याज दर मात्र 6.7 प्रतिशत ही है। केन्द्र या तो राज्य को लघु बचत से लिए गए कर्जों को समय से पूर्व वापस (Pre Payment) करने की अनुमति दें या उसकी ब्याज दर को घटा कर 7 फीसदी करें।
खुले बाजार से कर्ज लेने की सीमा और समय वित्त मंत्रालय तय करता है। अमूमन प्रारंभ के 9 महीने में तो 75 प्रतिशत तय कर्ज को लेने की अनुमति मिल जाती है, मगर आखिरी तिमाही के 25 प्रतिशत शेष कर्जों की अनुमति देने में वह आनाकानी करता है। नतीजतन 2018-19 में बिहार को 19,184.35 करोड़ की जगह मात्र 14,300 करोड़ ही मिला। इसलिए खुले बाजार से कर्ज लेने की एकमुश्त अनुमति प्रारंभ में ही राज्य को दिया जाए।
अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से राज्यों को डाॅलर की जगह भारतीय मुद्रा में कर्ज दिलाने का केन्द्र सरकार प्रावधान करें। वर्षों पूर्व डाॅलर मेें लिए गए कर्ज की वापसी डाॅलर में करने के प्रावधान से उसके मूल्य में बढ़ोत्तरी होने से राज्यों को अतिरिक्त भार उठाना पडता़ है।
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