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केन्द्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बिहार ने वित्त आयोग को दिया नया फर्मूला
Date : 2018-10-03
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर बापू सभागार में आयोजित राजकीय समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अगर गांधी नहीं होते तो लोकसभा-विधानसभा में आज दलितों को आरक्षण नहीं मिला होता। गांधी ने देश को आजादी दिलाने के साथ् दलितोद्धार, खादी-चरखा, ग्रामोद्योग, स्वच्छता, गो रक्षा, हिन्दी प्रचार, कुष्ठ रोगियों की सेवा, हिन्दू-मुस्लिम एकता जैसे अनेक रचनात्मक अभियान भी चलाया।
श्री मोदी ने कहा कि 1932 में अंग्रेजों ने ‘फूट डालो राज करो’ की नीति के तहत दलितों के लिए पृथक निर्वाचन की घोषणा कर दी जिसके अन्तर्गत दलित उम्मीदवार को दलित ही वोट दे सकता था जिसका यरवदा जेल में बंद गांधी ने तीव्र विरोध किया और आमरण अनशन पर बैठ गए। बाद में अम्बेदकर के साथ पूणा समझौता हुआ जिसमें तय हुआ कि दलित चुनाव में खड़े होंगे और समाज के सभी लोग उन्हें वोट देंगे। अंग्रेजों ने प्रांतीय विधान सभाओं में 71 सीट दलितों को दिया था जिसे पूणा समझौता के बाद बढ़ा कर 151 तथा केन्द्रीय असेंबली में 19 प्रतिशत सीटें आरक्षित किया गया।
यरवदा जेल से निकलने के बाद गांधी ने छुआछूत के खिलाफ 21 दिन का उपवास किया। 1933-34 में 12500 मील की यात्रा कर दलितों के लिए मंदिरों के द्वार खोलने का अभियान चलाया तथा दलितोद्धार के लिए 8 लाख रुपये संग्रहित किया। ’हरिजन’पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया और साबरमती आश्रम को दलितोद्धार का केन्द्र बना दिया। गांधी जब बिहार के आरा में आए तो उन पर पत्थर फेंके गए और लाठियां चलाई गईं।
हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए भी गांधी हमेषा संघर्ष करते रहे। देश को जब आजादी मिली तो गांधी दिल्ली में नहीं बल्कि कलकत्ता के नोआखली में हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच घूम-घूम कर शांति का संदेश दे रहे थे और दंगा रोकवाने के लिए आमरण अनषन कर रहे थे। गांधी के बताये मार्गों पर चल कर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में बिहार में जितना काम हुआ है षायद ही देश के किसी अन्य राज्य में हुआ हो।
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गांधी की वजह से दलितों को मिला आरक्षण
Date : 2018-10-02
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर बापू सभागार में आयोजित राजकीय समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अगर गांधी नहीं होते तो लोकसभा-विधानसभा में आज दलितों को आरक्षण नहीं मिला होता। गांधी ने देश को आजादी दिलाने के साथ् दलितोद्धार, खादी-चरखा, ग्रामोद्योग, स्वच्छता, गो रक्षा, हिन्दी प्रचार, कुष्ठ रोगियों की सेवा, हिन्दू-मुस्लिम एकता जैसे अनेक रचनात्मक अभियान भी चलाया।
श्री मोदी ने कहा कि 1932 में अंग्रेजों ने ‘फूट डालो राज करो’ की नीति के तहत दलितों के लिए पृथक निर्वाचन की घोषणा कर दी जिसके अन्तर्गत दलित उम्मीदवार को दलित ही वोट दे सकता था जिसका यरवदा जेल में बंद गांधी ने तीव्र विरोध किया और आमरण अनशन पर बैठ गए। बाद में अम्बेदकर के साथ पूणा समझौता हुआ जिसमें तय हुआ कि दलित चुनाव में खड़े होंगे और समाज के सभी लोग उन्हें वोट देंगे। अंग्रेजों ने प्रांतीय विधान सभाओं में 71 सीट दलितों को दिया था जिसे पूणा समझौता के बाद बढ़ा कर 151 तथा केन्द्रीय असेंबली में 19 प्रतिशत सीटें आरक्षित किया गया।
यरवदा जेल से निकलने के बाद गांधी ने छुआछूत के खिलाफ 21 दिन का उपवास किया। 1933-34 में 12500 मील की यात्रा कर दलितों के लिए मंदिरों के द्वार खोलने का अभियान चलाया तथा दलितोद्धार के लिए 8 लाख रुपये संग्रहित किया। ’हरिजन’पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया और साबरमती आश्रम को दलितोद्धार का केन्द्र बना दिया। गांधी जब बिहार के आरा में आए तो उन पर पत्थर फेंके गए और लाठियां चलाई गईं।
हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए भी गांधी हमेषा संघर्ष करते रहे। देश को जब आजादी मिली तो गांधी दिल्ली में नहीं बल्कि कलकत्ता के नोआखली में हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच घूम-घूम कर शांति का संदेश दे रहे थे और दंगा रोकवाने के लिए आमरण अनषन कर रहे थे। गांधी के बताये मार्गों पर चल कर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में बिहार में जितना काम हुआ है षायद ही देश के किसी अन्य राज्य में हुआ हो।
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करवंचना करने वाले संवेदकों पर होगी सख्त कार्रवाई
Date : 2018-10-01
अधिवेशन भवन में आयोजित जीएसटी के अन्तर्गत कर भुगतान पर ‘टीडीएस-टीसीएस कटौती’ शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस साल मार्च तक 7616 संवेदकों/आपूर्तिकर्ताओं ने राज्य सरकार से 7369 करोड़ का भुगतान प्राप्त किया, जबकि इनमें से 4624 संवेदकों ने 4687 करोड़ का भुगतान लेने के बावजूद विवरणी दाखिल नहीं कर करवंचना किया। ऐसे संवेदकों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि गैरनिबंधित संवेदकों को कोई आपूर्ति आदेश नहीं दिया जायेगा वहीं विवरणी दाखिल नहीं करने वालों का भुगतान रोक दिया जायेगा। टीडीएस कटौती का उद्देश्य करवंचना को रोकना है। वर्ष 2016-17 में टीडीएस के माध्यम से 1580 करोड़ की प्राप्ति हुई जो राज्य के कुल राजस्व का मात्र 8.25 प्रतिशत है।
जीएसटी लागू होने के बाद निर्माण कार्य से जुड़ी 25 से ज्यादा सामग्रियों जिनमें सिमेंट, बालू, स्टोन चिप्स, ग्रनाईट, फ्लाई एश ब्रिक्स, मार्बल, फ्लस डोर, प्लाईवुड आदि पर कर की दरों में भारी कटौती की गई है।
उन्होंने कहा कि 75 फीसदी से अधिक मिट्टी कार्य करने वाले संवेदकों से 5 प्रतिशत की दर से कर की कटौती की जायेगी परंतु उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिलेगा जबकि अन्य कार्यों से जुड़े संवेदकों को 12 फीसदी जीएसटी देना होगा मगर उन्हें निर्माण सामग्री की खरीद के दौरान किए गए कर भुगतान का क्रेडिट मिलेगा।
राज्य के संवेदकों से 1 प्रतिशत सीजीएसटी एवं 1 प्रतिशत एसजीएसटी की दर से तथा राज्य के बाहर के आपूर्तिकर्ता से 2 प्रतिशत की दर से आईजीएसटी की कटौती की जायेगी। इसके लिए निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी तथा संवेदकों को निबंधन कराना तथा कटौती की स्थिति में मासिक विवरणी दाखिल करना अनिवार्य होगा। समय पर विवरणी दाखिल नहीं करने वाले निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी से 200 रुपये प्रतिदिन की दर से विलम्ब शुल्क तथा 1.5 प्रतिशत की दर से मासिक ब्याज वसूला जायेगा। दंड की इस राशि की वसूली उनके वेतन से की जा सकती है।
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पहली बार देश में बिहार से तीन, रविदास समाज से दो और 5 महिला राज्यपाल
Date : 2018-09-30
एस के मेमोरियल हाॅल में सिक्किम के राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद के अभिनन्दन में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गंगा बाबू को अजातशत्रु बताते हुए कहा कि राज्यपाल बनने के पीछे उनकी 50 साल की तपस्या है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज बिहार के तीन शख्सीयत देश के तीन राज्यों के राज्यपाल हैं। पहली बार देश के 5 राज्यों की राज्यपाल महिला हैं। रविदास समाज से आने वाले सत्यनारायण आर्य और बेबी कुमारी मौर्य को राज्यपाल बना कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाज के सबसे दबे-कुचले वर्ग को सम्मान दिया है। श्री मोदी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने पिछड़ा वर्ग को मान-सम्मान देने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया है। केन्द्र सरकार कपूर्री फर्मूले की तर्ज पर केन्द्र सरकार की नौकरियों के लिए पिछड़े वर्गों की सूची को दो या तीन भाग में श्रेणीबद्ध कर रही है। इससे पिछड़े वर्ग के सर्वाधिक पिछड़ों को लाभ मिलेगा। केन्द्र व राज्य की सरकार समाज के सभी वर्गों के वंचित तबकों के विकास के लिए प्रयासरत है। बिहार के जर्दालु आम, कतरनी चावल और मगही पान की जी आई टैंगिंग होने से पूरी दुनिया में पहचान बनी है। पान किसानों को अनुदान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। इस्लामपुर पान अनुसंधान केन्द्र को और सृदृढ़ करने की दिशा में केन्द्र सरकार ने पहल की है। गंगा बाबू वैश्य समाज, आर्यसमाज व चौरसिया समाज के संगठनों से जुड़ कर अनवरत समाज सेवा में लगे रहे, अपनी पहचान बनाई। पार्टी ने इन्हें तीन-तीन बार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया। दरअसल गंगा बाबू का सम्मान भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान है।
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23 वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भाग लेने उपमुख्यमंत्री कोलकाता रवाना
Date : 2018-09-30
कोलकाता स्थित नबान्ना समागार में सोमवार को केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित 23 वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भाग लेने के लिए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव तथा गृह सचिव आमिर सुबहानी रविवार को रवाना हुए। इस बैठक में पश्चिम बंगाल, उडीसा, झारखंड और बिहार के मुख्यमंत्री-मंत्री भाग लेंगे तथा अन्तरराज्यीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
झारखंड बंटवारे के बाद बिहार और झारखंड के बीच लम्बे समय से चले आ रहे डेयरी प्रोजेक्ट, राज्य सहकारिता बैंक, सैनिक कल्याण निदेशालय, बिहार राज्य वन विकास निगम, बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम तथा पेंशनदेयता आदि के मुद्दों पर बैठक में चर्चा होगी। ज्ञातव्य है कि झारखंड बंटवारे के बाद पेंशन मद में कुल 2584 करोड़ में से अब तक झारखंड बिहार को मात्र 737 करोड़ ही दे पाया है।
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नालंदा के चंडी और इस्लामपुर में स्थापित होंगे सब्जी व पान अनुसंधान संस्थान
Date : 2018-09-27
बामेती के कान्फ्रेंस हॉल में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग से जुड़ी केन्द्र प्रायोजित 524 करोड़ की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के बाद विभागीय अधिकारियों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में अधिकतम राशि प्राप्त कर खर्च करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तीनों विभागों से संबंधित केन्द्र प्रायोजित योजनाओं की प्रत्येक तीन महीने पर समीक्षा बैठक कर शत प्रतिशत राशि खर्च करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में कृषि मंत्री प्रेम कुमार और सहाकारिता मंत्री राणा रणधीर के अलावा केन्द्र व राज्य सरकार के वरीय विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
श्री मोदी ने कहा कि बिहार में छह नए कृषि विज्ञान केन्द्र खोलने के साथ ही नालंदा के चंडी में पहले से संचालित सेंटर फॉर एक्सेलेंस में सब्जी तथा इस्लामपुर में पान अनुसंधान संस्थान खोला जायेगा।
इसके अलावा 186.83 करोड़ की राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पूर्णिया में 64 करोड़ की लागत से सिमेन सेंटर तथा बक्सर के डुमरांव में राज्य सरकार द्वारा दी गयी 75 एकड़ जमीन पर 8 करोड़ की लागत से देशी पशुओं के नस्ल सुधार के लिए गोकुल ग्राम की स्थापना की जा रही है। इन दोनों परियोजनाओं के लिए भारत सरकार ने 65 करोड़ रुपये जारी कर दिया है।
बिहार में 1250 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र तथा मोतिहारी और पटना में गर्भाश्य ट्रांसफर तकनीक केन्द्र स्थापित किए जायेगे। पशु संजीवनी योजना के अन्तर्गत पशुओं की गणना और टैगिंग की जायेगी। नीली क्रान्ति योजना के अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत 278 करोड़ की परियोजना के लिए 40 करोड़ की राशि जारी कर दी गयी है।
एनसीडीसी ने बिहार को 2300 करोड़ से अधिक का ऋण सस्ती दर पर स्वीकृत किया है जिसमें घान खरीद के लिए को-ऑपरेटिव बैंक को 800 करोड़, कम्फेड को 500 करोड़ तथा डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए आईसीडीपी योजना के अन्तर्गत 600 करोड़ रुपये का ऋण दिया है। एनसीडीसी द्वारा राज्य के 8463 पैक्सों में प्रति पैक्स 20 लाख रुपये की लागत से कृषि सयंत्र केन्द्र की स्थापना के लिए 1692 करोड़ की योजना की स्वीकृति अंतिम चरण में हैं।
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केन्द्रीय करों में हिस्सा बढ़ाने की 15 वें वित्त आयोग से की जायेगी मांग
Date : 2018-09-26
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि 30 सितम्बर को एन के सिंह की अध्यक्षता में चार दिवसीय दौरे पर बिहार आ रहे 15 वें वित्त आयोग से केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाने की पूरी मजबूती से मांग की जायेगी। 12 वें से लेकर 14 वें वित्त आयोग के दौरान केन्द्रीय करों में बिहार की हिस्सेदारी में लगातार कमी आई है।
श्री मोदी ने कहा कि 12 वें वित्त आयोग में जहां केन्द्रीय करों में बिहार की हिस्सेदारी 11.028 प्रतिशत थी वहीं 13 वें 10.917 और 14 वें में 9.787 प्रतिशत रही। 12 वें और 13 वें वित्त आयोग में जहां जनसंख्या को केन्द्रीय करों में हिस्सेदारी के लिए 25 प्रतिशत वेटेज दिया गया था वहीं 14 वें वित्त आयोग में इसे घटा कर 17.5 प्रतिशत कर दिया गया। इसी प्रकार वन क्षेत्र के लिए मिलने वाले 7.5 प्रतिशत के वेटेज का लाभ भी बिहार को नहीं मिल पाया क्योंकि झारखंड के अलग होने के बाद बिहार में नाममात्र का ही वनक्षेत्र रहा। चार दिवसीय दौरे के दौरान वित्त आयोग 01 अक्तूबर को शहरी व ग्रामीण स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा। 03 अक्तूबर को बिहार सरकार की ओर से दिए जाने वाले ज्ञापन पर विस्तृत चर्चा होगी तथा उसी दिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी वित्त आयोग की टीम मुलाकात करेगी। 04 अक्तूबर को वित्त आयोग उद्योग-व्यावसाय से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा। गौरतलब है कि अक्तूबर, 2019 तक 15 वां वित्त आयोग देश के सभी राज्यों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेगा जिसके आधार पर 2020-2025 के लिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी निर्धारित की जायेगी।
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1,216 करोड़ की लागत से होगा पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का निर्माण
Date : 2018-09-26
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की आज हुई बैठक में बिहार के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1.25 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में से 1,216.90 करोड़ की लागत से पटना एयर पोर्ट के विस्तार और घरेलू टर्मिनल भवन के निर्माण तथा होटल पाटलिपुत्रा अशोक को राज्य सरकार को सौंपने की स्वीकृति देने पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने केन्द्र सरकार का आभार जताया है।
गौरतलब है कि नए टर्मिनल भवन के निर्माण के बाद पटना एयरपोर्ट का यात्री वहन क्षमता प्रतिवर्ष 7 लाख से बढ़ कर 45 लाख हो जायेगी। टर्मिनल भवन का एरिया 18,650 वर्गमीटर बेसमेंट के साथ बढ़ कर 65,155 वर्गमीटर हो जायेगा तथा यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधा उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। वहीं, केन्द्र सरकार की विनिवेशीकरण योजना के अन्तर्गत पटना स्थित आईटीडीसी के होटल पाटलिपुत्रा अशोक को राज्य सरकार को सौंपने का निर्णय लिया गया है। होटल के साथ राज्य सरकार को उसकी डेढ़ एकड़ जमीन भी मिलेगी। ज्ञातव्य हो कि वर्ष 1973 में बिहार सरकार ने भारत सरकार के पर्यटन विभाग को निःशुल्क डेढ़ एकड़ जमीन विभिन्न शर्त्तों के अधीन लीज पर दिया था। इस होटल को पुनर्मूल्यांकित लागत 13 करोड़ में बिहार सरकार को सौंपा जायेगा। मालूम हो कि इसके पहले रेलवे से दीघा-आर ब्लॉक रेल लाइन की 71 एकड़ जमीन बिहार को मिल चुकी है। श्री मोदी ने कहा कि 12 वें वित्त आयोग में जहां केन्द्रीय करों में बिहार की हिस्सेदारी 11.028 प्रतिशत थी वहीं 13 वें 10.917 और 14 वें में 9.787 प्रतिशत रही। 12 वें और 13 वें वित्त आयोग में जहां जनसंख्या को केन्द्रीय करों में हिस्सेदारी के लिए 25 प्रतिशत वेटेज दिया गया था वहीं 14 वें वित्त आयोग में इसे घटा कर 17.5 प्रतिशत कर दिया गया। इसी प्रकार वन क्षेत्र के लिए मिलने वाले 7.5 प्रतिशत के वेटेज का लाभ भी बिहार को नहीं मिल पाया क्योंकि झारखंड के अलग होने के बाद बिहार में नाममात्र का ही वनक्षेत्र रहा। चार दिवसीय दौरे के दौरान वित्त आयोग 01 अक्तूबर को शहरी व ग्रामीण स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा। 03 अक्तूबर को बिहार सरकार की ओर से दिए जाने वाले ज्ञापन पर विस्तृत चर्चा होगी तथा उसी दिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी वित्त आयोग की टीम मुलाकात करेगी। 04 अक्तूबर को वित्त आयोग उद्योग-व्यावसाय से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा। गौरतलब है कि अक्तूबर, 2019 तक 15 वां वित्त आयोग देश के सभी राज्यों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेगा जिसके आधार पर 2020-2025 के लिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी निर्धारित की जायेगी।
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टूलरूम व ट्रेनिंग सेंटर के लिए बिहटा में सरकार ने दी 15 एकड़ जमीन
Date : 2018-09-25
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय की ओर से पाटलिपुत्रा इंडस्ट्रीयल एरिया में आयोजित टूल रूम व ट्रेनिंग सेंटर (टीआरटीसी) के कर्मशाला सह कक्षा और छात्रावास के शिलान्यास समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा आधुनिक तकनीक से युक्त टूल रूम ट्रेनिंग सेंटर के लिए राज्य सरकार ने बिहटा में निःशुल्क 15 एकड़ जमीन उपलब्ध कराया है। निर्माण के लिए एमएसएमई मंत्रालय ने 130 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर कर निर्माण प्रारंभ किया जायेगा। इसके अलावा बिहार के पांच पाॅलीटेक्नीक काॅलेज भारत सरकार को सुपूर्द किया जायेगा जहां एमएसएमई छात्रों को आधुनिक तकनीक से टूलरूम ट्रेनिंग देगी। श्री मोदी ने कहा कि बिहार सरकार बंद पड़ी चीनी मिलों की 2200 एकड़ जमीन बहुत जल्द उद्योग विभाग को सौंप देगी जिसे वह उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए दे सकेगा। राज्य में निवेश के लिए 12,266 करोड़ का प्रस्ताव आया है जिनमें से 76 उद्योग लग चुके हैं व 880 प्रस्तावों को प्रथम चरण के क्लीयरेंस की स्वीकृति दी गयी है।
उन्होंने कहा कि हुनरमंद युवा आबादी अभिशाप नहीं वरदान हैं। दक्षिण कोरिया में 96 प्रतिशत, जापान में 80, जर्मनी में 75 और इंगलैंड में 68 तथा भारत में मात्र 03 प्रतिशत आबादी हुनरमंद है। अगर दुनिया के देशों से मुकाबला करना है तो हमें अपनी युवा आबादी को कुशल करना होगा। छात्रों से भी अपील किया कि वे केवल सर्टिफिकेट के लिए नहीं, रोजगारपरक व्यावहारिक प्रशिक्षण लें।
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बिहार का पहला ब्रेनडेथ घोषित सौरभ के परिजनों ने अंगदान कर इतिहास रचा
Date : 2018-09-24
आईजीआईएमएस में ‘ब्रेनडेथ ऑर्गन डोनेशन’ पर आयोजित संगोष्ठी में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यह एक सुखद संयोग है कि आज ही बिहार का पहला ब्रेनडेथ घोषित नालंदा के हिलसा निवासी सौरभ प्रतीक (19 वर्ष) के अंगों का दान कर उनके परिजनों ने एक नया इतिहास रच दिया है। सौरभ के अंगों से 7 लोगां को नई जिन्दगी मिलेगी। उसके हार्ट को सफलतापूर्वक निकाल कर प्रत्यारोपण के लिए आरएनटी, कोलकाता तथा लिवर को आईएलबीएस,नई दिल्ली भेज दिया गया है। किडनी और कॉर्निया का प्रत्यारोपण आईजीआईएमएस,पटना में ही होगा। श्री मोदी ने कहा कि ब्रेनडेथ घोषित किसी मरीज के अंगों को परिजनों की सहमति से दान करने की इस पहली घटना से अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। आईजीआईएमएस की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यहां अब तक 40 किडनी और करीब 250 कॉर्निया का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया जा चुका है। तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में किसी मरीज का ब्रेनडेथ होता है तो उसे ब्रेनडेथ घोषित करना अनिवार्य है। देह और अंगदान करना परिजनों की सहमति पर निर्भर करता है। 2008 में ही वहां के 3 मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ब्रेनडेथ घोषित करना अनिवार्य कर दिया गया था। तमिलनाडु की तर्ज पर पटना के आईजीआईएमएस, पीएमसीएच और एनएमसीएच को अनिवार्य रूप से ब्रेनडेथ घोषित करने के लिए नामित किया जा सकता है।
आईजीआईएमएस के बाद पीएमसीएच में आई बैंक खोला जा चुका है तथा राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी शीघ्र इसकी स्थापना हो जायेगी। मगर अंगदान, नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक करने जरूरत है। चिकित्सक समुदाय को अंगदान, नेत्रदान के लिए आगे आना चाहिए। अंगदान के लिए राज्यस्तर पर एक निष्ठावान टीम बनाने, कुछ डॉक्टरों को तमिलनाडु व कर्नाटक भेज कर अंगदान का अध्ययन कराने व मानक प्रक्रिया अपनाने का उन्होंने सुझाव दिया।
कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, आईजीआईएमएस के निदेशक डा. एन आर बिस्वास ने भी सम्बोधित किया। बैठक में आईजीआईएमएस के अलावा मेडिकल कॉलेज दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर और एम्स पटना की ब्रेनडेथ कमिटी के सदस्य चिकित्सकों ने भाग लिया।
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पहली अक्तूबर से टीडीएस व टीसीएस की होगी कटौती
Date : 2018-09-22
जीएसटीएन मंत्री समूह के अध्यक्ष सुषील कुमार मोदी की अध्यक्षता में बंगलुरू में हुई बैठक में कर वंचना रोकने के उद्देष्य से ई-वे बिल के बाद अब पहली अक्तूबर से टीडीएस (Deduction at Source ) और टीसीएस (Collection at Source) लागू करने का निर्णय लिया गया। 01 अक्तूबर से पहले सभी आपूर्तिकर्ता, कान्ट्रेक्टर्स व ई-काॅमर्स कम्पनियों को अपना निबंधन कराना होगा। इसके अलावा 01 जुलाई, 2017 से जिन डीलरों ने किन्हीं कारणों से जीएसटीआर-1 की विवरणी दाखिल नहीं कर सके हैं, उन्हंे बिना किसी विलम्ब शुल्क के 31 अक्तूबर तक विवरणी दाखिल करने की छूट दी गयी है। साथ ही डीजी आॅडिट को रेलवे, बैंक, टेलीकाॅम कम्पनियां व एयर लाइंस का आॅडिट कर ‘आपूर्ति करने के स्थान के नियमों का पालन’ हो रहा है या नहीं देखने का निर्दश दिया गया है।
श्री मोदी ने बताया कि आपूर्तिकर्ता व कान्ट्रेक्टर्स को 01 अक्तूबर से ढाई लाख से ज्यादा के भुगतान पर राज्य सरकार 02 प्रतिशत टीडीएस की कटौती करेगी। उसी प्रकार ई-काॅमर्स कम्पनियां भी जब अपने प्लेटफार्म से किसी आपूर्तिकर्ता को भुगताना करेंगी तो 01 प्रतिशत टीसीएस की कटौती करेगी। इसके लिए जीएसटीएन साॅफ्टवेयर को तैयार कर ली गई है तथा सभी डीडीओ (Drawing and disbursing Officers ) को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। कोई भी करदाता डीलर जो दूसरी कम्पनी को माल बेचा है और किन्हीं कारणों से जीएसटी लागू होने के बाद अपनी बिक्री का जीएसटीआर-1 विवरणी दाखिल नहीं कर सके हैं उन्हें 31 अक्तूबर तक बिना किसी विलम्ब शुल्क के जीएसटीआर-1 विवरणी दाखिल करने की छूट दी गयी है।
इसके अलावा रेलवे, बैंक, टेलीकाॅम कम्पनियां और एयरलाइंस का आॅडिट कर ‘आपूर्ति करने के स्थान के नियमों का पालन (Place Of Supply Rule ) हो रहा है या नहीं देखने का निर्देश डीजी आॅडिट को दिया गया है। इन कम्पनियों को उपभोक्ताओं से सेवा लेने के स्थान पर ही कर की कटौती कर संबंधित राज्य को देना हैं मगर देखा गया है कि बिहार में ये कम्पनियां कर राजस्व का भुगतान बिहार सरकार को नहीं कर रही है। जैसे कोई यात्री रेल या हवाई जहाज का जहां टिकट लेता है तो उसपर लगने वाले कर का राजस्व उसी राज्य को मिलना चाहिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि छोटे करदाताओं को काॅमन एकाउंटिंग साॅफ्टवेयर (Common Accounting Software ) विकसित कर मुफ्त में उपलब्ध कराया जायेगा जिसके जरिए वे अपना लेखा व कर भुगतान विवरणी आदि का काम आसानी से कर सकेंगे।
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बिहार सरकार 68 हजार 726 किलो मीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण 35630 करोड़ की लागत कर चुकी है।
Date : 2018-09-21
मौर्या होटल में ‘Bihar Institute of Economic Studies द्वारा आयोजित ‘Pathways Towards Prosperity of Aspirational Districts In Bihar’ पर आयोजित सेमिनार को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रत्येक गाँव, टोला और घर तक बिजली पहुँचाने के बाद अब मार्च 2019 तक 6 हजार करोड़ की लागत से 1312 कृषि डेडिकेटेड फिडर के माध्यम से खेती में सिंचाई हेतु किसानों को बिजली पहुॅचाई जाएगी। इससे किसानों को डीजल के बजाय बिजली से सिंचाई का लाभ मिलेगा। किसानों को जहाँ प्रति एकड़ 1500 रूपये लागत आती थी अब प्रति एकड़ 200 रूपये लागत आएगी। बिहार सब्जी अत्पादन में तीसरे स्थान पर है। बिहार के वैशाली, समस्तीपुर, नालंदा बेगुसराय और पटना के अन्दर 83 प्रखंड़ों में सब्जी प्राथमिक सहकारी समिति का गठन कर लिया गया है। अब सुधा डेयरी के समान सब्जी का भी सहकारी सब्जी फेडरेशन बनाकर सब्जी का संग्रहण, उसकी छंटाई, ग्रेडी, मिनी कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चैन द्वारा सब्जी किसानों को बढ़ावा दिया जाएगा। बिहार सरकार धान की खरीददारी धान में नमी के कारण नवम्बर में पहले नहीं कर पाती थी। अब पैक्सों में ड्रायर लगाने जा रही है ताकि किसानों के धान को सही समय पर सरकार खरीद सके। इससे छोटे किसान धान को औने-पौने दाम में नहीं बेच सकेंगे। बिहार सरकार ने किसानों के उत्पादन को बाजार तक पहुँचाने के लिए ग्रामीण टोला को सड़कों से जोड रही है। बिहार सरकार 68 हजार 726 किलो मीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण 35630 करोड़ की लागत कर चुकी है। अब सरकार मुख्यमंत्री टोला सम्पर्क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के माध्यम से अगले पाँच वर्षों में 60 हजार किलो मीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण करेगी।
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सरकार ने दी राज्य के पेंशनरों को बड़ी राहत
Date : 2018-09-20
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि वित्त विभाग के नए निर्देश के बाद अब राज्य के करीब 4.5 लाख पेंशनरों व पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वालों को जीवन प्रमाण पत्र देने के लिए बैंक, पोस्ट ऑफिस व कोषागारों में घंटों लाइन लगा कर खड़ा नहीं होना पड़ेगा। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ‘ई-जीवन प्रमाण’ प्रणाली के माध्यम से अब पेंशनर व पारिवारिक पेंशन पाने वाले अपना ई-जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन दाखिल कर सकेंगे।
ज्ञातव्य हो कि पहले जीवन प्रमाण पत्र दाखिल करने के लिए सभी पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को प्रति वर्ष नवम्बर में बैंक, कोषागार या पोस्ट ऑफिस में सदेह उपस्थित होकर यह प्रमाणित करना पड़ता था कि वे जीवित हैं। इसके लिए उन्हें घंटों कतार में खड़ा रहना और प्रतीक्षा करना पड़ता था। अधिक आयु वाले पेंशनरों को काफी परेशानियां होती थी। अब आधार आधारित डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के लिए पेंशनरों व पारिवारिक पेंशन पाने वालों को वेबसाइट www.jeevanpramaan.gov.in के माध्यम से एक एप्लिकेशन डाउनलोड करना होगा जिस पर वे फिंगर प्रिंट/आइरिस स्केन कर आधार, बैंक खाता और मोबाइल नम्बर दर्ज कर अपना जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेंगे।
पेंशनर्स द्वारा जेनरेट डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र पेंशन प्रदात्ता बैंक, कोषागार या पोस्ट ऑफिस के सिस्टम में चला जायेगा जहां से वे संबंधित पेंशनर का जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त कर उनकी पेंशन का भुगतान जारी रखेंगे।
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नीर निर्मल’ योजना के लाभार्थियों को भी मिलेंगे मुफ्त में नल का कनेक्षन
Date : 2018-09-19
पश्चिम चम्पारण की चार पंचायतों जगदीषपुर, घोघाघाट, रानी रामपुरवा और ओरैया में 44 करोड़ से ज्यादा की ग्रामीण जलापूर्ति योजना का उद्घाटन करने के बाद ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री पेयजलनिश्चय योजना के लाभुकों की तरह विश्व बैंक सम्पोषित ‘नीर निर्मल’ योजना के लाभार्थियों को भी मुफ्त में नल का कनेक्शन दिया जायेगा। योजनान्तर्गत सामुदायिक अंशदान की 12 करोड़ रुपये का वहन राज्य सरकार स्वयं करेगी। इस मौके पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा व सांसद डा. संजय जायसवाल भी मौजूद थे।
श्री मोदी ने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना के तहत लाभुकों को नल के कनेक्षन के लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ रहा है उसी प्रकार नीर निर्मल योजना के लाभार्थियों को भी नल के कनेक्शन के लिए कोई राशि नहीं देनी होगी और उनके अंशदान की राशि का भुगतान राज्य सरकार अपने खजाने से करेगी।
ज्ञातव्य है कि 1,606 करोड़ की लागत से नीर निर्मल योजना 6 वर्षों (2014-20) के लिए राज्य के 10 जिलों के 2,050 वार्डों में शुरू की गई है। इस योजना के लिए विश्व बैंक ने 803 करोड़, केन्द्र सरकार 486 करोड़ व राज्य सरकार 323 करोड़ देगी जबकि सामुदायिक अंशदान के तौर पर प्रति परिवार नल के कनेक्शन के लिए सामान्य वर्ग से 450 रुपये व आरक्षित वर्ग से 225 रुपये लेने का प्रावधान है।
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श्रमिक सेस का 1200 करोड़ जमा, श्रमिकों के कल्याण पर होंगे खर्च
Date : 2018-09-18
श्रम संसाधन विभाग की ओर से विष्वकर्मा पूजा के मौके पर आयोजित ‘श्रम कल्याण दिवस’ समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुषील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के 10 लाख मजदूर बिहार भवन व अन्य संनिर्माण कल्याण बोर्ड में निबंधित है। श्रमिक सेस के तौर पर बोर्ड में जमा 1200 करोड़ रुपये कार्ययोजना बना कर श्रमिक कल्याण पर खर्च किए जायेंगे। विगत वर्ष 2017-18 में दूसरे राज्यों में काम करने गए 155 मजदूरों को प्रवासी मजदूर अनुदान योजना के तहत 1-1 लाख का अनुदान तथा बिहार षताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र योजना के तहत 255 मजदूरों को मृत्युहित लाभ, विवाह व मातृत्व लाभ से लाभान्वित किया गया है। श्री मोदी ने कहा कि आने वाले दिनों में अधिक से अधिक मजदूरों को अप्रेंटिस योजना के तहत व्यावहारिक प्रषिक्षण दिया जायेगा। हुनरमंद मजदूरों की चिन्ता राज्य सरकार कर रही है। श्रम संसाधन विभाग के एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति दिल्ली में की गई है जो प्रवासी मजदूरों के हित का ध्यान रखते हैं।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों की परिभाषा बदल गयी है। पहले हाथ से काम करने वाले श्रमिक माने जाते थे अब डिजिटल और स्पीड का जमाना है। आगे बढ़ने के लिए तकनीक को अपनाने की जरूरत है।
इस मौके पर राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा चयनित व अनुषंसित 106 श्रम प्रवत्र्तन पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया गया। कार्यक्रम को श्रम संसाधन विभाग के मत्री श्री विजय कुमार सिन्हा और विभागीय प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने सम्बोधित किया व श्रमायुक्त गोपाल मीणा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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आधार सिडिंग से 90 हजार करोड़ की बचत
Date : 2018-09-18
मुख्य सचिवालय के सभागार में सूचना प्रावैधिकी विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ‘आधार प्रमाणीकरण सेवा’ के शुभारंभ के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य व केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक एकाउंट को आधार से जोड़कर भुगतान करने से जहां पारदर्शिता आई है वहीं बड़े पैमाने पर फर्जी और डुप्लीकेट लाभुकों की छंटनी भी हुई है। इससे केन्द्र व राज्य सरकारों को करीब 90 हजार करोड़ की बचत हुई है। श्री मोदी ने कहा कि बिहार में अबतक 10.17 करोड़ लोगों (83 प्रतिशत) का आधार कार्ड बन चुका है। प्रदेश के कुल 8 करोड़ 19 लाख सक्रिय बैंक एकाउंट में से 4 करोड़ 84 लाख का आधार प्रमाणीकरण तथा 5 करोड़ 82 लाख को आधार व 5 करोड़ 13 लाख को मोबाइल नम्बर से जोड़ा जा चुका है। बिहार में 1 करोड़ 68 लाख पीडीएस कार्डधारकों में से 82 प्रतिशत की आधार सिडिंग व 40 प्रतिशत का प्रमाणीकरण हो चुका है। इनमें 9 लाख 46 हजार संदेहास्पद कार्डधारक पाए गए हैं जिनमें से 1 लाख 85 हजार के कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धा, विधवा व दिव्यांग पेंशन पाने वाले 67 लाख 70 हजार को जब आधार से जोड़ा गया तो इनमें 5 लाख 53 हजार मृत या लापता पाये गए। बिहार सरकार 4 करोड़ 21 लाख लाभुकों को डीबीटी के जरिए 8, 152 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे उनके खाते में करती है। 2014 से अब तक एलपीजी के 11 लाख 77 हजार कनेक्शन ब्लाॅक किए गए हैं इससे पिछले 4 साल में 425 करोड़ की बचत हुई है। पूरे देश के स्तर पर 2 करोड़ 75 लाख राशन कार्ड को रद्द किया गया है जिससे 29, 708 करोड़ की बचत हुई है। एलपीजी के 3 करोड़ 80 लाख डुप्लीकेट कनेक्शन को रद्द करने व 2 करोड़ 22 लाख लोगों द्वारा सबसिडी का त्याग करने से 42,275 करोड़ की तथा आधार सिडिग की वजह से मनरेगा के अन्तर्गत 16 हजार करोड़ की बचत हुई है। कार्यक्रम में सूचना प्रावैधिक सचिव राहुल सिंह, योजना व विकास सचिव मनीष वर्मा तथा सूचना प्रावैधिकी विभाग के विशेष सचिव डा. मनीष वर्मा, यूआईडीएआई के एडीजी रुपेश कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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‘सर्विस प्लस’ पोर्टल के जरिए सरकार की सभी सेवाआें की सुविधा
Date : 2018-09-16
फतुहा प्रखंड के अलावलपुर गांव में आयोजित समारोह में फतुहा प्रखंड के 15 गांवों को ‘डिजी गांव’ घोषित करने के पश्चात सभा को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अक्तूबर से लांच किए जा रहे ‘सर्विस प्लस’ पोर्टल के जरिए आरटीपीएस सहित राज्य सरकार की 100 से अधिक नई सेवाओं की ऑनलाइन सुविधा आम लोगों को दी जायेगी। इस पोर्टल से सरकार की सारी जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों को एक प्लेटफार्म पर मिलेगी। अक्तूबर तक 2 हजार से ज्यादा ग्रामीण कॉमन सर्विस केन्द्रों को ऑप्टीकल फाइबर से जोड़ दिया जायेगा जहां से ग्रामीणों को ऑनलाइन सेवा का लाभ मिलेगा। श्री मोदी ने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के संचालकों को सेंटर संचालन के लिए प्रति माह 3 हजार रुपये व बिजली के लिए 500 रुपये दिए जायेंगे। केन्द्र सरकार की भारत नेट योजना के तहत प्रथम चरण में बिहार की 5 हजार पंचायतों में ऑप्टीकल फाइबर बिछा दिए गए हैं तथा दूसरे चरण में शेष पंचायतों में फाइबर बिछाने का काम प्रारंभ हो गया है। बिहार के हर टोले में बिजली पहुंच चुकी है। अगले दो महीने में हर घर में बिजली पहुंच जायेगी। मार्च 2019 तक खेती के लिए अलग फीडर से किसानों को 6 से 8 घंटे तक बिजली मिलेगी। केन्द्र व राज्य सरकार इस पर 6 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि एक दल विशेष को लग रहा था कि बिहार में कभी बिजली आयेगी ही नहीं, इसलिए उसने अपना चुनाव चिन्ह् लालटेन रख लिया मगर अब हर गांव-टोले में बिजली पहुंच जाने के बाद किसी को लालटेन की जरूरत नहीं है। इस दौरान अलावलपुर में मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर, पेपर प्लेट व सैनेटरी नेपकीन उत्पादन केन्द्र का शुभारंभ किया गया।
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अटल जी जनता द्वारा चुने गए पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे
Date : 2018-09-16
अधिवेशन भवन में बिहार प्रदेश भाजपा की ओर से अटल जी की स्मृति में आयोजित ‘काव्यांजलि’ के शुभारंभ के पूर्व श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पं. नेहरू और श्रीमती इंदिरा गांधी के बाद अटल जी पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्हें जनता ने चुना था। 2008 के बाद अस्वस्थता की वजह से वे लोकदृष्टि से ओझल रहे, किसी ने अटल जी की आवाज नहीं सुनी, मगर उनकी शव यात्रा में लाखों की उमड़ी भीड़ उनकी असीम लोकप्रियता का परिचायक थी।
अटल जी का बिहार से गहरा लगाव था। वे अक्सर कहा करते थे कि आप तो बिहारी है, मैं अटल बिहारी हूं। दीघा-सोनपुर रेल पुल, मुंगेर में गंगा पर रेल पुल, कोसी पर बना महासेतु, बाढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन आदि अटल जी की बिहार को दी गई महत्वपूर्ण भेंट हैं जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
कवियों में ख्यातनाम डा. बुद्धिनाथ मिश्र, डा. सुनील योगी, प्रख्यात मिश्रा, श्रीमती किरण धई, आदि ने अपनी रचनाओं से अटल जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा मंच संचालन गजेन्द्र सोलंकी ने किया।
काव्यांजलि समारोह में केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, बिहार के पथ निर्माण मंत्री नन्द किशोर यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, राज्यसभा के सदस्य आर के सिन्हा सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी व नेता आदि उपस्थित थे।
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अंक के आधार पर होगी डॉक्टर, इंजीनियर की नियुक्ति
Date : 2018-09-15
अभियंता भवन में बिहार अभियंता सेवा संघ द्वारा भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 157 जयंती पर आयोजित अभियंता दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अब डॉक्टर, इंजीनियर की नियुक्ति ‘बिहार तकनीकी सेवा आयोग’ द्वारा अंक के आधार पर होगी, इसके लिए कोई लिखित परीक्षा व साक्षात्कार आदि नहीं लिए जायेंगे। जब तक नियमित नियुक्तियां नहीं हो जाती हैं तब तक संविदा पर कार्यरत कर्मियों को प्रति वर्ष रिन्युअल कराने की जरूरत नहीं होगी। संविदा कर्मियों को भी नियमित कर्मियों की तरह अर्जित, आकस्मिक व मातृत्व अवकाश तथा सभी तरह की सुविधाएं देय होगी। नियमित नियुक्ति में उम्र की छूट तथा अनुभव का लाभ दिया जायेगा। बिहार के मेडिकल,इंजीनियरिंग कॉलेजों से उत्तीर्ण छात्रों को नियुक्ति में 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
श्री मोदी ने कहा कि अत्यधिक बोझ के कारण रिक्तियों की अधियाचना भेजने के बावजूद बीपीएससी को नियुक्ति करने में कई-कई साल लग जा रहे हैं, इसीलिए सरकार ने पुलिस, विश्वविद्यालय शिक्षकों आदि की बहालियों के लिए अलग-अलग आयोगों सहित सहायक अभियंताओं, पशु चिकित्सा पदाधिकारियों व चिकित्सा पदाधिकारियों आदि की नियुक्ति के लिए ‘ बिहार तकनीकी सेवा आयोग’ का गठन किया है ताकि जल्दी नियुक्तियां हो सकें। पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, जल संसाधन व लघु जल संसाधन विभाग में इंजीनियर के करीब 7 हजार पद रिक्त हैं। संविदा पर मात्र 2 हजार लोगों को इसलिए नियुक्त किया गया है क्योंकि नियमित बहाली में काफी समय लग रहा था।
उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस के 15 वर्षों के कार्यकाल में अलकतरा घोटाला हुआ जिसमें विभागीय मंत्री के साथ ही कई अभियंताओं को भी जेल जाना पड़ा था। मगर एनडीए की सरकार के दौरान बिहार में सड़कों का जाल बिछाने, अनेक आईकॉनिक भवन बनाने व विकास को गति देने में अभियंताओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
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जनधन खाताधारकों को अब 10 हजार का ओवरड्राफ्ट
Date : 2018-09-14
उपमुख्यमंत्री सुषील कुमार मोदी ने कहा है कि पिछले दिनों केन्द्र सरकार ने जनधन खाताधारकों को मिलने वाले 5 हजार रुपये के ओवरड्राफ्ट को बढ़ा कर 10 हजार कर दिया है तथा आंगनबाड़ी, आषा व एनएनएम के मानदेय में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा है कि इससे बिहार जैसे राज्य के करोड़ों गरीबों व महिलाओं को सर्वाधिक लाभ मिलेगा।
श्री मोदी ने कहा है कि पहले जनधन खाताधारकों को 5 हजार रुपये का ओवरड्राफ्ट का प्रावधान था जिसे केन्द्र सरकार ने बढ़ा कर 10 हजार कर दिया है तथा इसके अलावा अब जनधन खाताधारक 2 हजार रुपये का कर्ज बिना षत्र्त ले सकते हैं। अब कोई भी खाताधारक को बिना प्रीमियम का भुगतान किए 1 लाख की जगह 2 लाख के दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पहले जहां प्रत्येक परिवार का एक जनधन खाता खोला गया था वहीं अब सरकार प्रत्येक व्यक्ति का जनधन खाता खोलवाने का अभियान चला रही है। इससे करोड़ों गरीबों को लाभ मिलेगा।
इसके अलावा केन्द्र सरकार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं, आषा कार्यकर्ताओं व एएनएम का मानदेय 3 हजार से बढ़ा कर 4500 रुपये, 2200 से बढ़ा कर 3500 और 1500 से बढ़ा कर 2250 रुपये कर दिया है। इसके अलावा उनको अलग-अलग कामों के लिए दिए जाने वाले प्रोत्साहन भत्ता को भी 250 रुपये से बढ़ा कर 500 रुपये कर दिया गया है। इन सभी को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति व प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ भी बिना किसी प्रीमियम भुगतान के दिया जायेगा।
केन्द्र सरकार की इस पहल से करोड़ों जनधन खाताधारक गरीबों व आंगनबाड़ी सेविकाओं, आषा कार्यकर्ताओं तथा एएनएम महिलाओं के जीवन में खुषहाली आयेगी।
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