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फिल्म ‘सुपर 30’ में बिहार की साकारात्मक छवि का चित्रण
Date : 2019-07-18
किलकारी भवन में आयोजित समारोह में फिल्म ‘सुपर 30’ के बाल कालाकारों व उनके अभिभावकों को सम्मानित करने के बाद उन्हें सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पहली बार बिहार पर केन्द्रित फिल्म ‘सुपर 30’ में बिहार की साकारात्मक छवि पेश की गई है। इसके पहले गंगाजल, अपहरण, गैंग आॅफ वासोपुर आदि फिल्मों में अपराध, अपहरण आदि को आधार बना कर बिहार को चित्रित किया गया था। दामुल, शूल और हिप-हिप हुर्रे जैसी फिल्में बिहारी फिल्मकार द्वारा जरूर बनाई गई थी,मगर उनकी कहानियां बिहार से जुड़ी हुई नहीं थीं।
श्री मोदी ने सुपर 30 को सफल फिल्म बताते हुए कहा कि पिछले छह दिन में ही 100 करोड़ का बिजनेस कर चुकी है यह फिल्म देश और दुनिया के 3 हजार स्क्रीन पर दिखाई जा रही है। कुल राजस्व का 70 फीसदी भारत और 30 प्रतिशत विदेशों से संग्रह हो रहा है।
सुपर 30 फिल्म के छात्र कलाकारों के लिए देश के अनेक स्थानों पर 35 हजार लोगों के आॅडिशन लिए गए मगर अन्त में 30 बच्चों का चयन बिहार सरकार की शिक्षा विभाग से सम्बद्ध संस्था किलकारी से किया गया, जिनमें 5 बच्चे आनंद कुमार के छात्र रह चुके थे। फिल्म में शानदार अभिनय कर चुके सभी बच्चों की पारिवारिक पृष्ठभूमि अत्यंत गरीब व समान्य वर्ग की है। इन बच्चों ने यह साबित किया है कि अगर उन्हें असवर मिले तो वह अपनी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया को मनवा सकते हैं। सरकार भी ऐसे बच्चों की मदद के लिए पूरी तरह से तत्पर है।
बिहार सरकार द्वारा टैक्स फ्री की गई इस फिल्म को अधिक से अधिक लोगों को देखना चाहिए। वंचित, कमजोर वर्ग के बच्चों की सुपर 30 के माध्यम से आईआईटी जैसी संस्था में पढ़ने की ख्वाहिश को साकार करने में अहम भूमिका निभाने वाली संस्था सुपर 30 और उसके मेंटर आनंद कुमार पर केन्द्रित यह फिल्म न केवल बिहारी प्रतिभाओं को सम्मान देती है बल्कि बिहार के गौरव को भी बढ़ाती है।
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जीएसटी लागू होने के बाद अधिकांश सामानों पर टैक्स की दर व महंगाई कम हुई
Date : 2019-07-16
* बिहार विधान सभा में वित्त विभाग पर हुई चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि दुनिया में भारत पहला देश है जहां जीएसटी लागू होने के बाद जहां अधिकांश चीजों पर टैक्स की दर कम हुई वहीं महंगाई भी घटी। राज्य व केन्द्र सरकार के 17 टैक्स मिल कर एक हो गए। देश के सारे चेकपोस्ट समाप्त कर दिए गए जिसके कारण मालों की आवाजाही निर्बाध हो रही है। इस व्यवस्था में निबंधन, विवरणी दाखिल करना,टैक्स जमा करना सब कुछ ऑनलाइन है।

* बिहार में जीएसटी के तहत नए निबंधित करदाताओं की संख्या में 2.44 लाख की बढ़ोत्तरी हुई। वैट के तहत मात्र 1.63 लाख करदाता निबंधित थे वहीं अब जीएसटी में उनकी संख्या 4 लाख 08 हजार हो गयी है। जीएसटी में छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए 40 लाख तक के टर्नओवर वालों को निबंधन की आवश्यकता नहीं होगी।

* 2017-18 की तुलना में 2018-19 में 26.17 फीसदी की वृद्धि के 25,583 करोड़ का राजस्व संग्रह हुआ। 2015-16 में 26.17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 17,379.06 करोड़ का राजस्व संग्रह हुआ था।

* उपभोक्ता राज्य होने के कारण बिहार में पिछले एक साल में 9,098 करोड़ की दवा, 8,672करोड़ के कपड़े, 5,849 करोड़ के सिमेंट, 3,368 करोड़ के लोहा, 5,524 करोड़ के मोबाइल व फोन सेट, 4,859 करोड़ की मोटरसाइकिल, 4,180 करोड़ की मोटर कार व 3,161 करोड़ के ट्रैक्टर अन्य राज्यों से बिकने के लिए आए।

* कोषागार पूरी तरह से ऑनलाइन हो गए हैं तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे डीबीटी और पीएफएमएस के जरिए उनके खाते में भेजी जा रही है। 2018-19 में पीएफएमएस प्रणाली से 17 विभागों की 110 योजनाओं की 16,271 करोड़ की राशि लाभार्थियों को दी गयी। विभागों की सरकारी राशि जमा कराने के लिए ई-कोषागार व ई-रिसिट नामक नया सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है।

* 12 वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर मिले कर्ज की वापसी के लिए संकट न हो इसलिए Consolidated Sinking Fund (CSF) का गठन किया गया है जिसमें 31 मार्च, 2019 तक 6370 करोड़ रुपये जमा है। चालू वित्तीय वर्ष में 875 करोड़ रुपये इस कोष में रखे जायेंगे। इस सीएसएफ में प्रतिवर्ष लिए गए कर्ज का 0.5 प्रतिशत रखा जाना है।

* पेंशन विवाद के तहत बिहार सरकार को झारखंड ने 2017-18 में 1804 करोड़ की देनदारी में से 1493 करोड़ दिया है जबकि 310 करोड़ बाकी है। बिहार का तर्क है कि पेंशन मद की देनदारी कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तय हो जबकि झारखंड जनसंख्या के आधार पर चाहता है। केन्द्रीय गृह सचिव ने कर्मचारियों की संख्या के आधार पर पेंशन की देनदारी तय किया मगर झारखंड सरकार इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट चली गयी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला अगर बिहार के पक्ष में आता है तो झारखंड को 4,930 करोड़ रुपया देना होगा।

* 2005 के प्रभाव से लागू नई पेंशन योजना में कर्मचारी को वेतन का 10 प्रतिशत व उतना ही सरकार अंशदान करना है। केन्द्र सरकार ने इसमें अपना अंशदान 14 प्रतिशत कर दिया है। बिहार सरकार भी इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है। 01 अप्रैल, 2019 तक बिहार में 1,51,466 कर्मचारी नई पेंशन योजना से आच्छादित है, जिन्हें अन्य सारे लाभ देय हैं।

* राज्य सरकार बिहार राज्य वित्त निगम लि. का गठन कर छात्रों को शिक्षा ऋण दे रही है। 2018-19 में 525 करोड़ तथा इस साल 831 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 18-19 में 50 लाख लक्ष्य के विरूद्ध 45,495 छात्रों में से 43336 के आवेदन को स्वीकृत किया गया, जिसमें 1157 करोड़ निहित है जिसके विरूद्ध 34,999 आवेदकों को कुल 307.43करोड़ ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए हैं। 2019-20 के दौरन कुल स्वीकृत 12939 आवेदनों में 315 करोड़ की राशि निहित है।
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बंद पड़ी 12 चीनी मिलों की 2,442 एकड़ जमीन नए उद्योगों के लिए बियडा को शीध्र
Date : 2019-07-15
पाटलिपुत्र औद्योगिक प्रक्षेत्र में ‘लघु उद्योग भारती‘ के तत्वावधान में आयोजित प्रदेश उद्यमी सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य की बंद पड़ी 12 चीनी मिलों की 2,442 एकड़ जमीन नए उद्योगों की स्थापना के लिए शीध्र बियाडा को हस्तांतरित की जायेगी। राज्य निवेश प्रोत्साहन नीति-2016 के अन्तर्गत प्राप्त 14,885 करोड़ के 1,246 निवेश प्रस्तावों में से 1104 को सहमति प्रदान की जा चुकी है जिनमें 1419 करोड़ का निवेश कर 168 इकाइयां कार्यरत हैं तथा उनमें 4031 को रोजगार मिला हुआ है।
श्री मोदी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू कराने के लिए 5 बार निविदा आमंत्रित किए जाने के बावजूद कोई निवेशक जब सामने नहीं आया तो बंद पड़ी चीनी मिलों की खाली जमीनों का अन्य उद्योगों के लिए आए नए निवेश प्रस्तावों के मद््देनजर बियाडा को देने का सरकार ने निर्णय लिया है।
बियाडा के 4 औद्योगिक प्रांगणों में 1642 इकाइयां कार्यरत हैं और 369 स्थापित होने की प्रक्रिया में है। राज्य लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के तहत खाजा, राईस मिल, सीप बटन व कांसा-पीतल आदि के अलग-अलग जिलों में स्थापित 7 कलस्टरों में 28.83 करोड़ के निवेश प्रस्तावों में अब तक 15.61 करोड़ के निवेश हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति, जनजाति उद्यमी योजना के तहत 4,868 उद्यमियों को 340 करोड़ के ऋण की स्वीकृति दी गयी है। इसके अन्तर्गत उद्यमियों को 10 लाख तक की परियोजना के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत यानी 5 लाख का अनुदान व 5 लाख ब्याजमुक्त ऋण देने का प्रावधान है।
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अभिलेखागार के सभी डॉक्यूमेंट डिजिटल किए जायेंगे
Date : 2019-07-14
राज्य अभिलेखागार के सभागार में आयोजित ‘चिंताहरण सिंह जन्मशताब्दी वर्ष’ के अवसर पर स्वामी सहजानंद सरस्वती से जुड़े बहुमूल्य दस्तावेजों को सौंपे जाने के कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य अभिलेखागार के सभी 10 करोड़ दस्तावेजों को डिजिटल कर संरक्षित किया जायेगा और इसके लिए आवश्यक राशि की कमी नहीं होने दी जायेगी। स्वामी सहजानंद सरस्वती से जुड़े बिहटा के सीताराम आश्रम को विकसित करने और वहां प्रतिवर्ष मेला का आयोजन करने का सुझाव देते हुए कहा कि उनकी कर्मस्थली को तीर्थस्थल बनाने की जरूरत है।
श्री मोदी ने कहा कि खेतीहर मजदूरों के हक में स्वामी सहजानंद के संघर्ष का ही नतीजा रहा कि बिहार में 50 के दशक के शुरूआती वर्षों में ही जमींदारी उन्मूलन बिल पारित किया गया। अमेरिकी लेखक वाल्टर हाउजर के हवाले से कहा कि अगर स्वामीजी ने किसानों की लड़ाई नहीं लड़ी होती तो जमींदारी उन्मूलन बिल भी पास नहीं हुआ होता। वॉल्टर हाउजर ने स्वामी जी पर काफी शोध कर और उनसे जुड़े डा. राजेन्द्र प्रसाद, डा. श्री कृष्ण सिंह, जेपी आदि से मिल कर जानकारी जुटाने के बाद पुस्तक का लेखन किया। करीब 50 वर्ष पूर्व अमेरिका गए स्वामी जी से जुड़े दस्तावेज के अभिलेखागार में वापस आने पर प्रसन्नता व्यक्ति किया।
उन्होंने कहा कि स्वामी जी जिस समाज से आते थे उसी समाज के जमींदारों के विरुद्ध उन्होंने खेतीहर मजदूरों के हक में लड़ाई लड़ी। 1914 में उन्होंने भूमिहार-ब्राहम्ण महासभा का गठन कर समाज को संगठित किया वहीं 1916 में भूमिहार-ब्राहम्ण परिचय नामक पुस्तक लिख और संस्कृत पाठशालाओं की स्थापना कर पौरहित्य और कर्मकांड पर ब्राहम्णों के वर्चस्व को चुनौती दी। स्वामी जी के संघर्ष और प्रयास का ही परिणाम है कि आज भूमिहार समाज को सभी क्षेत्रों में इतनी प्रतिष्ठा मिली हुई है।
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जलवायु परिवर्तन का गरीबों, महिलाओं व कृषि पर सर्वाधिक असर
Date : 2019-07-13
बिहार विधानमंडल के सेंट्रल हाॅल में आयोजित ‘राज्य में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न आपदाजनक स्थिति पर विमर्श’ पर 8 घंटे तक हुई चर्चा के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सर्वाधिक असर गरीबों, महिलाओं व कृषि प्रक्षेत्र पर पड़ रहा है। भारत सरकार के निर्देश पर जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर राज्य कार्ययोजना तैयार की जा रही है जिससे 10 विभाग कृषि, मत्स्य संसाधन, जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, नगर विकास, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, उद्योग व खनन आदि सम्बद्ध हैं। बिहार में पर्यावरण व वन विभाग का नाम पहले ही बदल कर ‘ पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन ’ विभाग कर दिया गया है।
श्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार के ‘जल शक्ति अभियान’ के तहत बिहार के 12 जिलों के 30 प्रखंड को शामिल किया गया था, जिसे मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य के सभी 38 जिलों में विस्तारित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने पहले ही सभी जलस्रोतों को चिन्हित व उनकी पहचान कर उनके पुनस्र्थापन और उड़ाही का निर्णय लिया है।
बिहार में 01 से 15 अगस्त के बीच ‘वन महोत्सव’ का आयोजन कर सघन पौधारोपण के तहत 1.75 करोड़ पौधे लगाए जायेंगे। इस दौरान ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के तहत 50 लाख व वन विभाग अपनी विभिन्न योजनाओं के तहत 1.25 करोड़ पौधारोपण करेगा। जितने भी पौधे लगाए जायेंगे वे 4 फीट लम्बे और 2 वर्ष पुराने होंगे। शहरी क्षेत्रों में गैबियन के बीच पौधे लगाए जायेंगे तथा बाद में भी उनकी देखरेख व पानी देने की व्यवस्था की जायेगी।
उन्होंने कहा कि वन विभाग ने निर्णय लिया है कि सड़क व अन्य निर्माण के दौरान अब कोई पेड़ काटा नहीं जायेगा। पटना के सगुना मोड़ के पास एक एजेंसी के माध्यम से पेड़ों के प्रत्यारोपण का प्रयोग किया जा रहा है।
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केसीसी धारकों के कर्ज के लिए फसल बीमा की अनिवार्यता नहीं
Date : 2019-07-12
नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) के 38 वें स्थापना दिवस पर उसके पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित समारोह को मुख्यअतिथि के तौर पर सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आरबीआई ने बिहार के केसीसी धारक किसानों को बैंकों से कर्ज के लिए अब प्र.मं. फसल बीमा योजना की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने 12.48 लाख रैयतों के साथ 1.71 लाख गैररैयत किसानों (बटाईदारों) को भी कृृषि इनपुट सब्सिडी, 88,212 बटाईदारों से धान की खरीद व 1.80 लाख बटाईदारों को बिहार फसल सहायता योजना का लाभ केवल स्वघोषणा के आधार दिया है।
श्री मोदी ने कहा कि बिहार में प्र.मं. फसल बीमा योजना लागू नहीं होने से केसीसी किसानों को कर्ज देने में बैंक आनाकानी कर रहे थे फलतः 2018-19 में 10 लाख नए केसीसी के लक्ष्य के विरूद्ध बैंकों ने मात्र 2.19 लाख को ही कर्ज दिया। मगर 11 जुलाई, 2019 को भारत सरकार की पहल पर आरबीआई ने एक परिपत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि बैंकों को बिहार के केसीसी धारक किसानों को कर्ज देने के लिए प्र.मं. फसल बीमा योजना की अनिवार्यता नहीं होगी, क्योंकि बिहार सरकार किसानों से बिना प्रीमियम लिए उन्हें बिहार फसल सहायता योजना से लाभान्वित कर रही है।
उन्होंने कहा कि कृषि कार्य के लिए डीजल की निर्भरता खत्म करने के लिए 5500 करोड़ की लागत से हर खेत में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 1.03 लाख कनेक्शन दिए गए है तथा नए कनेक्शन के लिए प्राप्त 5 लाख आवेदकों को 31 दिसम्बर, 2019 तक कनेक्शन देकर हर खेत तक बिजली पहुंचा दी जायेगी। प्रथम चरण में 30 हजार सोलर पम्प लगाये जायेंगे जिससे किसान सिंचाई के साथ अतिरिक्त बिजली उत्पादित कर ग्रिड में बेच सकेंगे।
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जीएसटी के अन्तर्गत कर वंचना करने वाली 24 कम्पनियों के खिलाफ कार्रवाई
Date : 2019-07-10
वाणिज्य कर विभाग के राजस्व संग्रहण की समीक्षात्मक बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि समीक्षा के क्रम में 24 ऐसे फार्म पाए गए जिनमें से अधिकांश ने फर्जी कागजात के आधार पर निबंधन करा कर जाली बिल पर 840.92 करोड़ का कारोबार कर करवंचना किया है। ऐसे फार्म के खिलाफ वाणिज्य कर विभाग प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई कर रहा हैं। इनमें मुख्य रूप आयरन एंड स्टील, कोयला व रेडीमेड गारमेंट का कारोबार करने वाले फार्म हैं।
उन्होंने राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष 2017-18 की तुलना में 2018-19 में 26.17 प्रतिशत की रिकार्ड वृद्धि के लिए अधिकारियों को बधाई दी और कहा कि 2019-20 के 29 हजार करोड़ राजस्व संग्रह के लक्ष्य को हासिल करना है। इस वर्ष 2 लाख 44 हजार, 609 नए डीलरों ने जीएसटी के अन्तर्गत निबंधन कराया है। नए निबंधित डीलरों के व्यापार स्थल का निरीक्षण कर उनकी जांच की जाएगी। इसके लिए ‘जीएसटी फिल्ड विजिट’ नाम से एक मोबाइल एप्प विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने रिटर्न दाखिल नहीं किया है लेकिन ई-वे बिल जेनरेट कर बाहर से माल मंगाया है वैसे लोगों की बिजनेस इंटेलिजेंस से पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही कोचिंग संस्थान, रियल इस्टेट,निर्माण कार्य करने वालों पर भी विशेष नजर रखने की हिदायत दी गई है।
बैठक में टाॅप टैक्सपेयर द्वारा विवरणी दाखिला की अद्यतन स्थिति, निर्धारित बकाया वसूली के लक्ष्य के विरुद्ध अंचलों द्वारा की गई कार्रवाई,व वित्तीय वर्ष 2019-20 की प्रथम तिमाही में हुए राजस्व संग्रह आदि की समीक्षा की गई।
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राष्ट्रीय डाल्फिन शोध संस्थान का शिलान्यास अक्तूबर में
Date : 2019-07-08
बिहार विधान परिषद में विभागवार बजट पर चर्चा के बाद पर्यावरण,वन एंव जलवायु परिर्वतन विभाग के मंत्री के तौर पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण व अवशिष्ट प्रबंधन को राज्य सरकार ने एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया है।
* उपमुख्यमंत्री ंने कहा कि इस साल अक्तूबर में विश्व डाॅल्फिन डे के अवसर पर पटना विवि परिसर में 19.16 करोड़ की लागत से ‘राष्ट्रीय डाॅल्फिन शोध संस्थान’ की स्थापना की जायेगी। हाल में कराए गए एक सर्वेक्षण में गंगा, गंडक, कोसी और महानन्दा में 1548 गांगेय डाॅल्फिन (सोंस) पाए गए हैं। 2010 में ही डाॅल्फिन को राष्ट्रीय जल जीव घोषित किया जा चुका है।
* सुल्तानगंज-कहलगांव के बीच गंगा नदी क्षेत्र में विक्रमशिला डाॅल्फिन आश्रयणी बनाया जा रहा है। सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल के बीच आॅब्जर्वेटरी के माध्यम ये दर्शक डाॅल्फिन के उछल-कूद को देख सकेंगे।
* कछुआ व लुप्तप्राय गुरूड़ पक्षी के संरक्षण का प्रयास किया जा रहा है। पूर्वी भारत का एकमात्र कछुआ संरक्षण एवं पुनर्वास केन्द्र भागलपुर के सुंदरवन में स्थापित करने के साथ ही भागलपुर के ही कदवा दियारा व जगतपुरा झील के पास गरूड़ बचाव एवं पुनर्वास केन्द्र बनाए जायेंगे।
* भीमबांध में 8.90 करोड़ की लागत से गर्मजल कुंड का पुनर्निर्माण कराया गया है जहां एक साथ 500 लोग स्नान कर सकते हैं। 2018-19 में 47,543 दर्शक वहां गए हैं।
* वाल्मीकि व्याध्र अभयारण्य में विगत 2017-18 के 10,467 की तुलना में 2018-19 में 4 गुना अधिक पर्यटक 46,424 आए।
* राजगीर के स्वर्णगिरि व वैभवगिरि पर्वत के बीच 480 एकड़ भूमि पर जू सफारी का निर्माण किया जा रहा है जहां लोग खुले में बाध,शेर, भालू व चीता को देख सकेंगे। इस साल अक्तूबर में जू सफारी के एक हिस्से का शुभारंभ किया जायेगा। इसके अलावा 19.29 करोड़ की लागत से राजगीर में नेचर सफारी का निर्माण भी किया जा रहा है।
* अररिया के कुसियार में 10 एकड़ में बायो डायवर्सिटी पार्क का निर्माण कराया गया है जहां 450 विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। बड़ी संख्या में यहा पर्यटक आ रहे हैं।
* पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में 3 डी थियेटर का निर्माण कराया गया है। 2017-18में जैविक उद्यान में 22.64 लाख दर्शकों ने यहां परिभ्रमण किया जबकि 2018-19 में उनकी संख्या 24.39 लाख रही जबकि बर्ड फ्लू की वजह से दो महीने तक उद्यान बंद रहा।
* राजधानी वाटिका भाग 1 से 3 तक में 2018-19 में 15.65 लाख दर्शक आए जिनसे 3.18 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। पटना के अन्य 5 पार्कों में 30.13 लाख दर्शक आए और उनसे 4.05 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
* मुंगेर में 105.04 करोड़ की लागत से वानिकी महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है जहां फाॅरेस्ट्री की पढ़ाई की जायेगी। बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर से इसके लिए 105 एकड़ भूमि ली गयी है।
* कृषि वानिकी के तहत 2012-13 से 2018-19 केबीच 40,628 किसानों ने 3 करोड़ 20 लाख पाॅपुलर तथा 66,200 किसानों द्वारा 5 करोड़ 26 लाख अन्य प्रजाति का रोपण निजी जमीन पर किया गया।
* सरकार बांस की खेती को प्रमोट कर रही है। भागलपुर के टी एन बी काॅलेज परिसर और बीएसएस काॅलेज, सुपौल में किसानों के बीच मुफ्त वितरण के लिए बांस के एक लाख टिश्यू कल्चर तैयार किया गया है। वन महोत्सव
* 01 से 15 अगस्त के बीच पूरे प्रदेश में वन महोत्सव का आयोजन कर वन विभाग की ओर से 1 करोड़ व मनरेगा के तहत 50 लाख पौधारोपण किया जायेगा। शहरी क्षेत्र में गैबियन के बीच 2 साल पुराना व 4 फीट लम्बा पौधा लगाया जायेगा। इस अभियान से स्कूल-काॅलेज, संस्थाओं व विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों को जोड़ा जायेगा। एक साथ कम से कम 25 पौधा का रोपण करने वालों को मु्फ्त व अन्य को मामूली शुल्क लेकर पौधा उपलब्ध कराया जायेगा। वायु प्रदूषण
* पटना, मुजफ्फरपुर और गया के वायु प्रदूषण को सरकार ने चुनौती के रूप में लिया है। जाड़े के 4-5 महीनों में पीएम 2.5 के घूलकण के कारण वायुप्रदूषण बढ़ जाता है। इसके अनेक कारणें में वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, बिना ढके निर्माण सामग्री का परिवहन, ईंट-भट्ठा से निकलने वाले धुंए और फसल अवशेष का जलाना आदि है। प्लास्टिक, बायोमेडिकल व इलेक्ट्राॅनिक वेस्ट के प्रबंधन की भी जरूरत है।
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लोकसभा, विधानसभा में आरक्षण गांधी की देन
Date : 2019-07-05
कबीर के लोग व चित्ति की ओर से बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि पर आयोजित ‘गांधी और दलित’ विषयक संगोष्ठि को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लोकसभा व विधान सभाओं में अनुसूचित जाति, जनजाति को जो आरक्षण मिला हुआ है वह गांधी और अम्बेदकर की देन है। छुआछूत दूर करने, मंदिरों में दलितों के प्रवेश आदि के लिए गांधी जी के योगदान को भूलाना संभव नहीं है। गांधी-अम्बेदकर के विचारों को आज एकाकार करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि दलितों को पृथक निर्वाचन देकर उन्हें हिन्दू समाज से अलग करने की अंग्रेजों की चाल के विरोध में गांधी जी ने 1932 में यरवादा जेल में रहते हुए आमरण अनशन किया, जिसके बाद गांधी और अम्बेदकर में पूणा पैक्ट हुआ जिस पर पं. मदन मोहन मालवीय, राजा जी, जी डी बिड़ला जैसी हस्तियों ने दस्खत किया। हरिजनोद्धार, छुआछूत दूर करने और दलितों के मंदिरों में प्रवेश के लिए गांधी जी ने 1933-34 में 8 महीने के दौरान साढ़े बारह हजार किमी की यात्रा की तथा पूरे देश में घूम कर 8 लाख रुपये का चंदा एकत्र किया।
श्री मोदी ने कहा कि दलितों के मंदिरों में प्रवेश के लिए उनके आंदोलन से आक्रोशित लोगों ने बिहार के आरा स्टेशन पर उनपर पथराव किया। जब वे देवधर गए तो वहां भी उनका विरोध किया गया। विरोध के बावजूद दलितों के मंदिरों में प्रवेश के लिए गांधी जी पूरे देश में अभियान चलाते रहे। दक्षिण के सुदूरवर्ती राज्य केरल के गुरूवायु मंदिर में उन्होंने दलितों को प्रवेश दिलाया। गांधी का कहना था कि हिन्दू धर्म में छुआछूत कलंक है जो कदापि नहीं होना चाहिए।
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बजट गांव, गरीब, किसानों पर केन्द्रित व रोजगार पैदा करने वाला
Date : 2019-07-05
केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बजट गांव, गरीब व किसानों पर केन्द्रित तथा रोजगार पैदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि मध्यम व सामान्य लोगों के लिए कर में जहां कोई वृद्धि नहीं की गयी है वहीं, अमीरों, पूंजीपतियों पर कर का बोझ बढ़ा कर उससे प्राप्त राजस्व से गांव, गरीब व किसानों को आवास, बिजली, पानी, एलपीजी कनेक्शन दिए जायेंगे।
श्री मोदी ने कहा कि अगले 3 साल में 1.95 करोड़ घर बनेंगे, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1 लाख 25 हजार किमी सड़कों के निर्माण पर अगले 5 साल में 80,250 करोड़ रुपये खर्च होंगे, 2024 तक सभी घरों में नल का जल पहुंचाने के आलवा 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए जायेंगे जिसका सर्वाधिक लाभ बिहार जैसे राज्य को मिलेगा, जहां गरीबों की संख्या सबसे अधिक है।
इसी प्रकार बिहार के 9 लाख स्वयं सहायता समूह की 9 लाख महिलाओं को 1-1 लाख का कर्ज तथा उसके 1 करोड़ सदस्यों को 5-5 हजार के ओवरड्राफ््ट की सुविधा मिलेगी। बांस, शहद और खादी को ग्रामीण उद्योग के तौर पर विकसित करने से स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा।
उन्होंने कहा कि 45 लाख के आवास ऋण पर 3.5 लाख का ब्याज अनुदान देने से मकान खरीदने वालों को लाभ मिलेगा। डीजल-पेट्रोल पर लगाए गए सेस से आधारभूत संरचना का विकास होगा। मध्यम वर्ग को जहां बजट में राहत दी गयी है वहीं करयोग्य 2 से 5 करोड़ आय वालों पर 3 और 5 करोड़ से ऊपर वालों पर 7 प्रतिशत का सरचार्ज लगाया गया है।साल में 2 करोड़ से अधिक खाते से निकासी पर भी 2 प्रतिशत का अतिरिक्त टीडीएस लगया गया है।
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10 तक वि.वि. शिक्षक व कर्मियों के वेतन-पेंशन भुगतान सुनिश्चित करें
Date : 2019-07-04
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में उनके सचिवालय स्थित कक्ष में शिक्षा विभाग की हुई समीक्षा बैठक में 10 जुलाई तक सीएफएमएस के तहत डाटा प्रविष्ट कर सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मियों के वेतन व पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। मालूम हो कि वित विभाग की ओर से मार्च से मई तक के वेतन व पेंशन मद में कुल 453.87 करोड़ (वेतन के लिए 259.51 करोड़ व पेंशन मद में 194.36 करोड़) रुपये निर्गत किए जा चुके हैं। बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से प्रधान सचिव आर के महाजन व वित विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ मौजूद रहें।
श्री मोदी ने बताया कि सभी विश्वविद्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि 7 वें वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर वेतन व पेंशन मद की राशि का आंकलन कर स्टीमेट विभाग को शीध्र उपलब्ध कराएं ताकि उसके अनुरूप राशि निर्गत कर सभी शिक्षकों व कर्मियों को 7 वें वेतनमान का लाभ दिया जा सकें।
वित्त सचिव ने बताया कि राशि की कोई कमी नहीं है। अनेक विश्वविद्यालय जिनमें मगध, वीरकुंवर सिंह, आरा,पूर्णिया, जयप्रकाश विवि, आरा, व बी एन मंडल विवि, मधेपुरा आदि को निर्देश दिया गया है कि अतिरिक्त मानव बल का इस्तेमाल कर 10 जुलाई के पूर्व कार्यरत शिक्षकों व कर्मियों का डाटा सीएफएमएस में प्रविष्ट कर उनका वेतन व पेंशन भुगतान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशनभोगी कर्मियों के लिए सीएफएमएस में डाटा प्रविष्ट आवश्यक नहीं है।
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चमकी बुखार जैसी आपदा से निपटने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद
Date : 2019-07-03
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में हुई भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में एईएस (चमकी बुखार) से मुजफ्फरपुर और आस-पास के जिलों में बच्चों तथा लू से औरंगाबाद, नवादा आदि जिलों में हुई सैकड़ों लोगों की मौत पर दो मिनट का मौन रख कर शोक व्यक्त किया गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार चमकी बुखार से मुकाबले के लिए हर तरह से तत्पर है। चमकी बुखार प्रभावित जिलों के प्रभावितों के आर्थिक-सामाजिक सर्वे के साथ ही जो बच्चे स्वस्थ होकर लौटे हैं उनकी भी सरकार ट्रैकिंग करेगी।
श्री मोदी ने कहा कि महत्वपूर्ण दायित्वों व पदों पर बैठे विपक्ष के नेताओं को चमकी और लू प्रभावित इलाकों में झांकने तथा विधान मंडल में इस पर हुई बहस में हिस्सा लेने तक की फुर्सत नहीं मिली। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार पर अनर्गल आरोप लगा कर केवल घड़ियाली आंसू बहा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण देश और दुनिया को तरह-तरह की आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी आपदाओं के मुकाबले की जहां मुकम्मल तैयारी और जागरूकता की जरूरत है वहीं राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को तत्काल 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने में भी पीछे नहीं है।
बैठक में भाजपा विधानमंडल दल के सदस्यों को पीएम किसान योजना व आयुषमान योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा अपने-अपने क्षेत्रों में आम लोगों को इन योजनाओं से अवगत कराने को कहा गया ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
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जीएसटी लागू करने वाली सरकार प्रचंड बहुमत से जीत कर वापस आई
Date : 2019-07-01
जीएसटी के दो वर्ष पूरा होने पर ‘GST दिवस’ पर अधिवेशन भवन में आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए अपने सम्बोधन में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जीएसटी लागू करने वाले दुनिया के अधिकांश देशों में जहां महंगाई बढ़ी और वहां की सरकारें चुनाव हार गईं, वहीं भारत में महंगाई नियंत्रण में रहीं, अधिकांश चीजों पर टैक्स की दर में कमी आई और जीएसटी लागू करने वाली सरकार दुबारा प्रचंड बहुमत से जीत कर सत्ता में वापस आई।
बिहार में वित्तीय वर्ष 2018-19 में जीएसटी के अन्तर्गत 3,95,889 करदाता निबंधित हैं जिनमें 85 प्रतिशत राजस्व मात्र 14,625 करदातओं से प्राप्त हुआ जबकि 94,457 कम्पोजिशन डीलर से मात्र 58.29 करोड़ (0.37 फीसदी) राजस्व प्राप्त हुआ। सर्वाधिक कर संग्रह सिमेंट की बिक्री से 1323.43 करोड़, आयरन एंड स्टील से 795.60 करोड़, दवा से 519.82 करोड़ व टेलीफोन-मोबाइल की बिक्री से 382.65 करोड़ हुआ है।
श्री मोदी ने कहा कि छोटे करदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। पहले जहां 20 लाख से कम टर्नओवर वालों को निबंधन कराने की जरूरत नहीं थी, वहीं अब 40 लाख टर्नओवर वाले निबंधन से मुक्त है। कम्पोजिशन स्कीम की सीमा अब 1 करोड़ की जगह 1.5 करोड़ सालाना टर्नओवर कर दिया गया है वहीं सेवा प्रदाता (Service Provider) के लिए पहली बार कम्पोजिशन स्कीम प्रारंभ किया गया है जहां 50 लाख टर्नओवर वालों को मात्र 6 प्रतिशत कर भुगतान करना होगा।
5 करोड़ तक के टर्नओवर वाले करदाताओं को त्रैमासिक विवरणी और मासिक कर भुगतान, 5 करोड़ से अधिक वालों को मासिक विवरणी और मासिक कर भुगतान करना होगा जबकि कम्पोजिशन स्कीम वालों को वर्ष में एक बार ही विवरणी दाखिल करना है। जिनका किसी माह में शून्य व्यापार है तो केवल एसएमएस के जरिए अपनी विवरणी दाखिल कर सकते हैं।
जीएसटी के तीसरे वर्ष में नई सरल विवरणी 01 अक्तूबर से अनिवार्य रूप से लागू की जायेगी। करवंचना रोकने के लिए ई-इन्वाॅयसिंग के अलावा माल वाहक वाहनों पर ई-वे बिल के साथ आरएफआईडी टैग लगाना अनिवार्य किया जायेगा। समय पर विवरणी जमा नहीं करने वालों को एसएमएस से सूचना दी जायेगी। पूरे देश में वित्तीय वर्ष 2018-19 में 48,555 करोड़ की कर चोरी पकड़ी गई जिनमें बिहार के हाजीपुर में पकड़े गए 214 करोड़ के करवंचना का मामला शामिल है।
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पहली बार बीपीएससी सिविल सेवा की नियमित परीक्षा
Date : 2019-06-28
विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में आयोजित बिहार विधान सभा के नवनियुक्त कर्मियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कभी बीपीएससी 5-5 साल की सिविल सेवा की परीक्षाएं एक साथ आयोजित करता था मगर पहली बार 2019 में नियमित परीक्षा आयोजित की गई है। एक दौर वह भी था जब नियुक्तियों में गड़बडी की शिकायत के बाद बीपीएससी के ती-तीन चेयरमैन को जेल जाना पड़ा था। आज बीपीएससी के साथ राज्य में विभिन्न सेवाओं के लिए गठित अलग-अलग आयोगों व चयन पर्षद के द्वारा बड़े पैमाने पर पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां हो रही हैं।
श्री मोदी ने कहा कि बीपीएससी द्वारा 3400 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। तकनीकी सेवा आयोग 2400 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्तियां तथा 6,379 कनीय अभियंताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी कर रही है। आरक्षी चयन आयोग की ओर से 9 हजार सिपाहियों की नियुक्तियां की गई हैं। राज्य विश्व विद्यालय सेवा आयोग 7 हजार से ज्यादा सहायक प्राध्यापकों की रिक्तियां एकत्र कर नियुक्ति की कार्रवाई प्रारंभ करने जा रहा है।
इस वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा परीक्षा से लेकर रिकार्ड समय में परिणाम प्रकाशित करने को ऐतिहासिक बताया और कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि विरोध में छात्रों का कहीं कोई धरना, प्रदर्शन तथा असंतोष नहीं दिखा है।
विधान सभा के लिए सहायक व अन्य श्रेणी के 87 कर्मियों की पारदर्शी तरीके से की गई नियुक्ति की सराहना करते हुए कहा कि आम तौर पर पहले यह माना जाता था कि यहां नियुक्तियां बिना पैरवी-पैसे की नहीं होती है। उपमुख्यमंत्री ने नवनियुक्ति कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि विधानमंडल की सेवा अस्थातंरणीय होता है,जिससे यहां के कर्मी एक जगह पर रह कर अपनी सेवा पूरी करते हैं।
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दिव्यांगों को नामांकन में 5 और सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण
Date : 2019-06-27
अन्तर्ज्योति बालिका विद्यालय, कुम्हरार के स्थापना दिवस व हेलर केलर जयंती समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि दिव्यांग जनों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत तथा सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए 5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है। बिहार में करीब 9 लाख दिव्यांगों को प्रतिवर्ष 400 करोड़ खर्च कर 400 रुपये प्रति माह पेंशन दी जा रही है। भारत सरकार से वृद्ध, विधवा के साथ ही दिव्यांग जनों की पेंशन राशि में भी बढ़ोत्तरी करने की मांग की गई है।
श्री मोदी ने कहा कि राज्य सरकार एक लड़की के पैदा होने से लेकर उसके स्नातक उत्तीर्ण करने पर विभिन्न मदों में करीब 54 हजार रुपये का भुगतान उसके खाते में कर रही है। सामाजिक सुरक्षा के तहत 70 लाख वृद्ध, विधवा व दिव्यांगों के अतिरिक्त 60 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके 35 लाख वृद्धजनों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया गया है, जिस पर सालाना 4,800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दिव्यांगों की सुविधा के लिए पूर्व में ही सभी सार्वजनिक स्थलों व सरकारी भवनों में रैम्प के निर्माण का निर्णय लिया गया है।
26 वर्षों से संचालित अन्तर्ज्योति बालिका विद्यालय के विकास व ब्रेल लाइब्रेरी के लिए उपमुख्यमंत्री ने अपनी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास निधि से 5 लाख रुपये की राशि देने की घोषण की। इस मौके पर उन्होंने बिहार नेत्रहीन परिषद से विद्यालय से पढ़ चुके और पढ़ रहे छात्राओं की आर्थिक-सामाजिक सर्वे कराने का सुझाव तथा समाज के सभी लोगों से आर्थिक सहयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बिहार नेत्रहीन परिषद के अध्यक्ष डा. आर. एन. सिंह, उपाध्यक्ष प्रो. आनन्द मूर्ति, प्रो. अनुराधा सिंह, सचिव रमेश प्रसाद सिंह, कर्नल एस के सिन्हा और कोषाध्यक्ष जसवंत सिंह आदि मौजूद थे।
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इंदिरा गांधी के आपातकाल की तरह बंगाल में हालात पैदा कर दी हैं ममता ने
Date : 2019-06-25
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित ‘आपातकाल-भारतीय लोकतंत्र का एकमात्र काला अघ्याय’ विषयक समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जिस तरह से इंदिरा गांधी ने 1975 में आपातकाल लागू कर पूरे देश में भय व आतंक का माहौल बना दिया था, उसी तरह आज ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में हालात बना दिया है। राजनीतिक हिंसा के जरिए आतंक फैलाने और जयश्री राम का नारा लगाने वालों के जेलों में बंद कर आम लोगों का दमन किया जा रहा है। राजनीतिक सभा, रैली करने से रोका जा रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने 1975 में इमरजेंसी अधिरोपित कर आरएसएस पर प्रतिबंध और अखबारों पर सेंसरशीप लगा कर लोकतंत्र का गला घोंटी थी किन्तु 19 महीने की यातना और प्रताड़ना के बाद जब 1977 में चुनाव हुआ तो खुद बुरी तरह से हार गयी। ममता बनर्जी का भी अगर यही रवैया रहा तो आगामी विधान सभा चुनाव में हार तय है।
श्री मोदी ने कहा कि जेपी ने गैर कांग्रेसी दलों को कांग्रेस के भ्रष्टाचार और इंदिरा गांधी की तानाशाही के विरुद्ध एकजुट किया। लालू प्रसाद जैसे लोग जो इमरजेंसी के विरोध में जेल गए थे, आज उसी कांग्रेस से हाथ मिला लिया जिसने आपातकाल लागू कर न केवल लोकतंत्र की हत्या की बल्कि पूरे देश में भय व आतंक कायम कर जनता पर अत्याचार किया।
भाजपा हर साल 25 जून को इस काला दिन का स्मरण इसलिए करती है कि ताकि इंदिरा गांधी के अंजाम से सबक लेकर कोई दूसरा देश में आपातकाल लागू करने,संविधान व लोकतंत्र का गला घोंटने की हिम्मत नहीं करें।
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तेजस्वी यादव को सरकार ने नहीं दी कोई क्लीनचिट
Date : 2019-06-22
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 5 देशरत्न मार्ग स्थित बंगले के साज-सज्जा पर अपने पद का दुरूपयोग कर करोड़ों खर्च कराने के मामले में तेजस्वी यादव को सरकार ने काई क्लीनचिट नहीं दी है। आखिर किस नियम के तहत तेजस्वी यादव ने भवन निर्माण विभाग के अतिरिक्त पुल निर्माण निगम से 59 लाख का कीमती फर्नीचर मंगवाया।
श्री मोदी ने कहा कि आखिर तेजस्वी यादव ने किस प्रावधान के तहत केवल कमरे में ही नहीं बल्कि शौचालय तक में 44 एसी लगवाए, 35 महंगे लेदर सोफा, विदेशी ग्रेनाइड/मार्बल, दीवारों की वूडेन पैनलिंग और फर्श पर वूडेन फ्लोरिंग,माॅड्यूलर किचेन 464 महंगी फैंसी एलईडी लाईट, 108 पंखा, लाखों का बिलियडर्स टेबुल, व कीमती पर्दे आदि पर अनाप-शनाप सरकारी धन खर्च कराया।
तेजस्वी यादव की अपव्ययिता, फिजूलखर्ची व बंगले की 7 स्टार वाली साज-सज्जा के बाद ही तो भवन निर्माण विभाग को नया गाइडलाइन जारी करना पड़ा है ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति तेजस्वी की तरह सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं कर सके।
अगर तेजस्वी यादव ने अपने पद का दुरुपयोग और फिजूलखर्जी कर बंगले पर कब्जा नहीं जमाया होता तो सुप्रीम कोर्ट को 50 हजार रुपये का दंड लगा कर उन्हें बंगला खाली करने के लिए बाध्य नहीं करना पड़ता।
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योग दुनिया को भारत की अनमोल देन
Date : 2019-06-22
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लव कुश टाॅवर स्थित सभागार में आध्यात्मिक सत्संग समिति की ओर से आयोजित एक समारोह में हृदय नारायण झा द्वारा लिखित ‘बच्चों के लिए योग’ पुस्तिका का विमोचन करते हुए कहा कि योग दुनिया को भारत की अनमोल देन हैं। राज्य सरकार ने सप्ताह में एक दिन खेल-कूद के लिए एक घंटी निर्घारित की है जिसमें अन्य खेलों के साथ योग को भी शामिल किया जायेगा। योग को युगानूकुल बना कर आम लोगों के बीच प्रचारित-प्रचारित करने की जरूरत है।
श्री मोदी ने कहा कि दुनिया को शून्य, एस्ट्राॅनोमी, शल्य चिकित्सा, आयुर्वेद और योग भारत की देन है। तक्षशिला दुनिया का पहला विश्वविद्यालय था। आॅक्सफोर्ड विश्विविद्यालय की स्थापना से काफी पहले पांचवीं सदी में ही नालंदा विश्वविद्यालय की ख्याती पूरी दुनिया में थीं। भारत सदियों से ज्ञान की भूमि रही है।
भारतीय अवधारणा के तहत मनुष्य केवल शरीर नहीं बल्कि शरीर के साथ मन, बुद्धि और आत्मा का समन्वित रूप है। नियमित योग करने वाले व्यक्ति के जीवन में बदलाव आना स्वाभाविक है। योग को प्रारंभ में योग्य शिक्षक/प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए।
आध्यात्मिक सत्संग समिति पटना के स्कूलों में ‘बच्चों के लिए योग’ पुस्तिका की एक लाख प्रतियां वितरित करेगी। इस मौके पर आध्यात्मिक सत्संग समिति के संरक्षक डा. चन्द्रभूषण मिश्र, अध्यक्ष गणेश खेतड़ीवाल, भारत विकास परिषद के महासचिव विमल जैन और पुस्तिका के लेखक हृदय नारायण झा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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नवजात शिशुओं के 100 बेड का आईसीयू और रिसर्च सेंटर के लिए 100 करोड दें केन्द्र
Date : 2019-06-21
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीमारमण की अध्यक्षता में हुई राज्यों के वित्तमंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार के मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में फैले एईएस से हो रही बच्चों की मौत के बाबत नवजात शिशुओं के लिए 100 बेड की आईसीयू और इस बीमारी के अध्ययन के लिए रिसर्च सेंटर स्थापित करने हेतु 100 करोड़ देने तथा नए एम्स के निर्माण के स्थान पर राज्य के पुराने मेडिकल काॅलेज को एम्स में परिवर्तित करने की मांग की।
श्री मोदी ने ‘हर घर नल जल’ योजना के तहत पाइप से सभी घरों में जलापूर्ति पर मार्च, 2020 तक राज्य सरकार द्वारा खर्च की जाने वाली 29,400 करोड़ की राशि को केन्द्र सरकार द्वारा रिम्बर्स करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने भी 2024 तक सभी घरों में पाईप से पानी पहुंचाने का निर्णय लिया है, जबकि उसके पहले ही यह योजना बिहार में पूरी हो जायेगी। केन्द्र सरकार ने वेतन मद में प्रति शिक्षक दिए जाने वाले 22,500 रुपये को घटा कर प्राथमिक शिक्षकों के लिए 15 हजार और अपर प्राथमिक शिक्षकों के लिए 20 हजार कर दिया है। इसके कारण राज्य सरकार को 7 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार वहन करना पड़ेगा। अतः केन्द्र सरकार पूर्व की तरह प्रति शिक्षक वेतन मद में 22,500 रु. का भुगतान करें।
मध्याह्न भोजना योजना के तहत रसोइए को केन्द्र सरकार द्वारा 600 और राज्य सरकार की ओर से 900 रुपये कुल 1500 रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता है। केन्द्र सरकार अपने अंशदान की 600 रु. की राशि को बढ़ा कर कम से कम 2 हजार रु. करें। वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन की केन्द्रीय राशि 200 और 300 रुपये में वर्ष 2012 के बाद कोई वृद्धि नहीं की गयी है जिसे बढ़ा कर प्रतिमाह 500 रु. किया जाए। राज्य सरकार 45 लाख वृद्धों को पेंशन दे रही है जबकि केन्द्र सरकार केवल 29.90 लाख वृद्धों के लिए अंशदान राशि देती है। वृद्ध पेंशनभोगियों की संख्या की सीमा निर्धारित नहीं होनी चाहिए, इसलिए केन्द्र सरकार सभी 45 लाख वृद्धों के लिए पेंशन अंशदान दें। केन्द्र सरकार की विधवा पेंशन पेंशन योजना में विधवा की उम्र 40 तय की गई है, इसे घटा कर 18 वर्ष और उसी प्रकार दिव्यांग पेंशन के लिए 80 प्रतिशत दिव्यांगता को घटा कर 40 फीसदी किया जाए।
देश के 117 पिछड़े जिलों में शामिल बिहार के 13 जिलों में उद्योग लगाने पर आयकर व अन्य करों में राहत देने की केन्द्र सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि मनरेगा व समग्र शिक्षा अभियान के तहत केन्द्र सरकार जितना बजट स्वीकृत करती है बिना किसी कटौती के उसे प्रतिवर्ष जारी करें। पिछले वर्षों में इस राशि में 30 से 40 प्रतिशत की कटौती कर ली गयी है।
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12 साल में ऋण वितरण में 10 गुना बढ़ोत्तरी
Date : 2019-06-19
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 68 वीं त्रैमासिक बैठक उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में हुई। बैठक के बाद श्री मोदी ने बताया कि 2007-08 में जहां मात्र 10,762 करोड़ रुपये ऋण बांटे गए थे वहीं 2018-19 में 10 गुना ज्यादा 1,09582 करोड़ का कर्ज बैंकों ने दिया है जो तय लक्ष्य 1,30,000 करोड़ का 84.29 प्रतिशत है। पिछले 10 वर्षों में साख-जमा अनुपात में भी 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 1 लाख 45 हजार करोड़ की वार्षिक साख योजना तय की गई है जिसका 90 फीसदी से अधिक हासिल करने का बैंकों को निर्देश दिया गया है।
श्री मोदी ने बैंकों को अधिकाधिक किसानों को केसीसी देने, केसीसी सहित सभी प्रकार के ऋण के लिए आवेदन व स्वीकृति की ऑनलाइन सुविधा प्रदान करने, बैंकिंग सुविधा से वंचित 160 ग्रामीण केन्द्रों पर आगामी तीन महीने के अंदर बैंक आउटलेट खोलने, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम की संख्या बढ़ाने, साइबर फ्रॉड की रोकथाम का कारगर उपाय करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि केसीसी के तहत भारत सरकार के बिना मॉरगेज 1 लाख से बढ़ा कर 1 लाख 60 हजार तक ऋण देने के निर्देश तथा इस वित्तीय वर्ष से डेयरी, फिशरी और पॉल्ट्री किसानों को भी केसीसी की सुविधा का लाभ किसानों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के ऑनलाइन ‘59 मिनट में 1 करोड़ ऋण स्वीकृति योजना’ के तहत बिहार में 867 लोगों को 242 करोड़ का ऋण दिया गया है।
31 मार्च, 2019 तक बिहार में बैंकों का 15 हजार करोड़ एनपीए है जो कुल कर्ज का करीब 11 प्रतिशत है जबकि जीविका के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी गरीब दीदियों की कर्ज वापसी की दर 98 फीसदी है। बैंक एनपीए को कम करने के लिए कर्ज वूसली का समुचित तंत्र विकिसत करें और किसान भी समय पर ऋण वापस कर राज्य सरकार द्वारा देय 1 और केन्द्र सरकार के 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ उठायें।
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