पटना 30.04.2017

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बिहार के सबसे बड़े मॉल का निर्माण पिछले एक साल से पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर किया जा रहा है मगर उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव के वन मंत्री होने के कारण सरकार प्राथमिकी दर्ज कर निर्माण रोकवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। निर्माण कार्य प्रारंभ होने के एक साल बाद जब मीडिया में मामला उजागर हुआ तो 18 अप्रैल को सुरसंड के राजद विधायक अब्दुल दोजाना की कम्पनी ने अनुमति के लिए पर्यावरण प्राधिकार को आवेदन दिया है जबकि अब नियमों के उल्लंघन के बाद राज्य प्राधिकार नहीं केन्द्र ही अनुमति दे सकती है। राज्य प्राधिकार को तो प्राथमिकी दर्ज कर निर्माण रोकवाना और केन्द्र सरकार को सूचित करना है

वनमंत्री बतायें कि क्या 7.66 लाख वर्गफुट के विशाल मॉल के निर्माण की अनुमति पर्यावरण प्राधिकार से ली गई थी? क्या यह सच नहीं है कि बिना पर्यावरण क्लीयरेंस लिए एक साल से निर्माण किया जा रहा है? दरअसल राज्य पर्यावरण प्राधिकार में हिम्मत नहीं है कि तेजस्वी व तेज प्रताप के मॉल के खिलाफ कार्रवाई करें। ऐसे में मुख्यमंत्री हस्तक्षेप कर प्राथमिकी दर्ज कर निर्माण कार्य रोकवायें। 

क्या छोटे भाई उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के मॉल के अवैध निर्माण को बड़े भाई वन मंत्री तेज प्रताप यादव का संरक्षण मिला हुआ है? आखिर बिना पर्यावरण क्लीयरेंस लिए एक साल से मॉल का निर्माण कैसे हो रहा है? क्या मॉल की दो एकड़ जमीन की मिट्टी कटाई के लिए खनन विभाग को रॉयल्टी का भुगतान किया गया है? पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर मॉल के निर्माण को रोकवाने की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?