पटना 28.04.2017

केवल कांति सिंह और रघुनाथ झा ही अकेले राजनेता नहीं है बल्कि प्रेमचन्द गुप्ता को भी राज्यसभा सांसद और मंत्री बनने की कीमत लालू प्रसाद के परिवार को अपनी करोड़ों की जमीन और खानदानी कम्पनी देकर चुकानी पड़ी है। पटना में जो बिहार का सबसे बड़ा मॉल 7 लाख स्क्वायर फीट में बन रहा है उस जमीन को अखिर प्रेमचन्द गुप्ता ने लालू परिवार को क्यों सौंप दिया?

लालू यादव बतायें कि हरियाणा के रहने वाले प्रेमचन्द गुप्ता में ऐसी कौन सी खासियत थी कि उन्हें पांच बार राज्यसभा सांसद और पांच साल तक केन्द्र सरकार में मंत्री बना कर रखा गया? क्या इन सब की कीमत जमीन और कम्पनी सौंप कर उन्होंने अदा नहीं की है? 

होटल के बदले जो दो एकड़ जमीन हर्ष कोचर से लालू यादव ने प्रेमचन्द गुप्ता की कम्पनी डिलाइट मार्केटिंग को लिखवाई थी, 10 साल बाद वह जमीन और कम्पनी राबड़ी देवी, तेजप्रताप और तेजस्वी के कब्जे में कैसे आ गई? उसी जमीन पर पर्यावरण नियमों की अनदेखी कर 7 मंजिला मॉल बनाया जा रहा है जिसकी जमीन सहित कीमत करीब 800 करोड़ रुपये होगी। 

लालू यादव बतायें कि आखिर प्रेमचन्द गुप्ता ने अपनी 25 साल पुरानी कम्पनी व करोड़ों की कीमती जमीन उनके परिवार को किस एवज में सौंप दी? क्या पांच बार राज्य सभा सदस्य और केन्द्र की सरकार में मंत्री बनाने की यह कीमत नहीं है?